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    GST में फ्लि‍पकार्ट, अमेजन जैसी ई-कॉमर्स कंपनि‍यों को देना होगा 1% TCS

    GST में फ्लि‍पकार्ट, अमेजन जैसी ई-कॉमर्स कंपनि‍यों को देना होगा 1% TCS
     
    नई दि‍ल्‍ली। रेवेन्‍यू सेक्रेटरी ने कहा कि‍ ई-कॉमर्स कंपनि‍यां जैसे फ्लि‍पकार्ट, अमेजन और स्‍नैपडील को सप्‍लायर्स को पेमेंट लेते समय 1 फीसदी टीसीएस (टैक्‍स कलेक्‍ट एट सोर्स) काटना होगा। गुड्स एंड सर्वि‍स टैक्‍सी (जीएसटी) के तहत इस टैक्‍स का कलेक्‍शन ई-कॉमर्स कंपनियों को ही करना होगा। ई-कॉमर्स कंपनियां अपनी वेबसाइट पर सामान बेचने वाले सेलर्स को पेमेंट करते समय टीसीएस के तहत कुल एक फीसदी टैक्‍स की कटौती करेंगी। 
     
    पहले क्‍या था प्रस्‍ताव
     
    पहले सेंट्रल जीएसटी और स्‍टेट जीएसटी में एक-एक फीसदी टैक्‍स लगाने का प्रस्ताव रखा गया था। ऐसे में कुल टीसीएस 2 फीसदी हो जाता। लेकिन ई-कॉमर्स कंपनियों के वि‍रोध को देखते हुए जीएसटी कानून में 'एक फीसदी तक' टीसीएस का ही प्रावधान किया गया है। उसी कानून के तहत 0.5 फीसदी टीसीएस दोनों स्तर पर लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। 
     
    ऑनलाइन वेंडर्स को मि‍लेगी राहत
     
    केपीएमजी के टैक्‍स पार्टनर अमरजीत सिंह ने moneybhaskar.com को बताया कि‍ अभी तक सेलर्स को वैट का भुगतान करना पड़ता है लेकि‍न जीएसटी के बाद यह हट जाएगा। ऐसे में सेलर्स पर बोझ कम हो जाएगा और वह पहले से ज्‍यादा डि‍स्‍काउंट देने की पोजि‍शन में आ सकते हैं।
     
    ऐसे समझें...
     
    अगर कोई ई-कॉमर्स कंपनी कस्‍टमर से 100 रुपए लेता है तो वह वेंडर को 90 रुपए और 10 रुपए कमीशन काट लेता है। उस कमीशन पर जीएसटी का भुगतान करना होगा और वह इस जीएसटी का फायदा उठा सकता है क्‍योंकि‍ वह कंपनी की बुक में शामि‍ल होगा। पहले आउटपुट लायबि‍लि‍टी पर सर्वि‍स टैक्‍स पर क्रेडि‍ट नहीं मि‍लता था क्‍योंकि‍ लोकल वैट देना पड़ता था लेकि‍न अब उस यह नहीं देना होगा होगा कंपनी को जीएसटी ही देना होगा। ऐसे में ऑनलाइन ट्रेडर्स को भी इसका फायदा मि‍लेगा।

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