• Home
  • Money Making Tips
  • E Commerce company Flipkart launches ‘Samarth’ to empower Indian artisans, weavers and craftsmen

अवसर /बुनकर एवं शिल्पकारों के लिए फ्लिपकार्ट की नई शुरुआत, कारोबार करने के लिए सीधे कर सकते हैं संपर्क

  • सिर्फ फ्लिपकार्ट की साइट पर जाकर एक लाइन का मैसेज डालना होगा

Moneybhaskar.com

Jul 31,2019 05:28:08 PM IST

मनी भास्कर

नई दिल्ली। अगर आप बुनकर है, शिल्पकार है या हैंडी क्राफ्ट्स बनाने वाले कारीगर है तो आप फ्लिपकार्ट के प्लेटफार्म पर सीधे तौर पर अपना कारोबार कर सकते हैं। फ्लिपकार्ट की तरफ से बुधवार को 'समर्थ' नामक एक प्रोग्राम शुरू किया गया है जो भारत के बुनकर व शिल्पकारों जैसे छोटे उद्यमियों के लिए हैं। वैसे तो समर्थ के तहत छोटे उद्यमियों को कारोबार का मौका देने के लिए फ्लिपकार्ट ने कई गैर सरकारी संगठनों के साथ करार किया है, लेकिन कोई बुनकर या शिल्पकार चाहे तो अपना सामान बेचने के लिए सीधे तौर पर फ्लिपकार्ट से संपर्क कर सकता है। फ्लिपकार्ट के प्रबंधकों ने मनी भास्कर को बताया कि इच्छुक शिल्पकार, बुनकर या हैंड क्राफ्ट्स निर्माता फ्लिपकार्ट की साइट पर जाकर वहां समर्थ विंडो में सिर्फ एक लाइन यह लिख देंगे कि वह फ्लिपकार्ट के प्लेटफार्म पर बिजनेस करना चाहते है। प्रबंधकों के मुताबिक फ्लिपकार्ट की तरफ से इच्छुक उद्यमियों से संपर्क कर लिया जाएगा। उन्हें फ्लिपकार्ट की तरफ से मुफ्त में ट्रेनिंग भी दी जाएगी। फ्लिपकार्ट से जुड़ने वाले बुनकर या शिल्पकार फ्लिपकार्ट के प्लेटफार्म पर देश भर में 15 करोड़ लोगों को अपना सामान बेच पाएंगे।

शिल्पकार या बुनकर अपने सामान की मार्केटिंग नहीं कर पाते हैं

फ्लिपकार्ट के प्रबंधकों ने मनी भास्कर को बताया कि एनजीओ के माध्यम से फिलहाल 30 हजार छोटे उद्यमी हमारे प्लेटफार्म से जुड़ने जा रहे हैं, लेकिन कोई भी छोटा उद्यमी हमारे साथ सीधे तौर पर जुड़ सकता है। छोटे शहरों या गांव के छोटे उद्यमियों के जुड़ने से उपभोक्ताओं को भी फायदा होगा। उपभोक्ता वैसे सामान भी मंगा सकेंगे जो आम दुकानों पर या बाजार में उपलब्ध नहीं है। छोटे उद्यमियों के कारोबार बढ़ने से फ्लिपकार्ट भी आसपास के इलाकों में अपनी मौजूदगी बढ़ाएगी जिससे वहां के लोकल लोगों को रोजगार मिलेंगे।

फ्लिपकार्ट के प्रबंधकों का मानना है कि भारतीय बुनकर या शिल्पकारों के सामान की देश में काफी मांग है, लेकिन उस मांग की पूर्ति नहीं हो पा रही है क्योंकि ये लोग अपने गांव या अपने छोटे शहर तक सीमित होते हैं। शिल्पकार या बुनकर अपने सामान की मार्केटिंग नहीं कर पाते हैं।


X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.