सुविधा /ई-कामॅर्स के लिए बनेगा डिजिटल माॅल, जनवरी 2020 तक होगी तैयार 

  • जाल उत्पादों और कृत्रिम उच्च-प्रतिस्पर्धा जैसी ई-कॉमर्स से जुड़ी चिंताओं  को दूर करने का लक्ष्य
  • रिटेलर्स को एक सुरक्षित निवेश प्लेटफार्म और खरीदारों को बिना किसी परेशानी वाली शॉपिंग  का अनुभव देने की तैयारी

Moneybhaskar.com

Nov 15,2019 01:33:42 PM IST

नई दिल्ली. जैसे-जैसे डिजिटल खरीद-फरोख्त को स्वीकार किया जा रहा है, उसने ई-कॉमर्स में बदलाव लाते हुए उपभोक्ताओं के खरीदारी के अनुभवों को पूरी तरह से बदल दिया है। हालांकि, यह रिटेलर्स और खरीदारों दोनों के लिए चुनौतियों के साथ आया था। उदाहरण के लिए, अग्रणी ऑनलाइन प्लेटफार्म भारी-भरकम कमीशन वसूल रहे हैं। इसके बाद नकद भुगतान के एडजस्टमेंट में भी देरी होती है। यह सब रिटेलर की ऑनलाइन यात्रा में परेशानी पैदा कर रहा है। यह एक निष्पक्ष बाजार के मूल उद्देश्य को ही खत्म करता है। इसी तरह प्रोडक्ट की जालसाजी जैसे मुद्दे शॉपिंग करने वालों का मूड खराब करता है और उन्हें अपने पसंदीदा ब्रांड्स से दूर भी करते हैं। ऐसी परिस्थिति में ही गेम-चेंजिंग कॉन्सेप्ट जैसे डिजिटल मॉल ऑफ एशिया (डीएमए) की तस्वीर सामने आती है।


'डिजिटल मॉल' और 'डिजिटल शॉप्स' का अनूठा समामेलन है डीएमए

योकेशिया मॉल के संस्थापकों द्वारा गढ़े गए 'डिजिटल मॉल' और 'डिजिटल शॉप्स' का अनूठा समामेलन है डीएमए। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को विभिन्न रिटेल आउटलेट्स से ऑनलाइन शॉपिंग करने, हाइपरमार्केट तक पहुँच प्राप्त करने, भोजन की व्यवस्था करने, फिल्म देखने और बहुत कुछ के लिए एक प्लेटफार्म मुहैया कराना है। यह नए युग का कॉन्सेप्ट है जो शून्य-कमीशन मॉडल पर चलने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह रिटेलर्स और विक्रेताओं को उनके मनचाहे शहर, टॉवर और फ्लोर पर एक दुकान किराए पर लेने में सक्षम बनाती है। वे न केवल अपने ऑफ़लाइन स्टोर को क्रांतिकारी ई-कॉमर्स पोर्टल पर एकीकृत करने में सक्षम होंगे, बल्कि उन्हें अपने शहर में किसी विशेष उत्पाद श्रेणी या ब्रांड को बेचने के लिए विशेष अधिकार भी दिए जाएंगे। यह सुविधा रिटेलर्स के लिए एक बड़ी राहत के रूप में आएगी क्योंकि यह कृत्रिम हाइपर-प्रतिस्पर्धा को समाप्त करने में मदद करेगी - यह एक सामान्य चिंता है जो अभी भी विभिन्न ई-कॉमर्स पोर्टल्स पर दिखाई देती है।

रिटेलर्स को इस पोर्टल पर काम करने के लिए 10,000 रुपए का किराया भुगतान करना होगा

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रिटेलर्स को इस पोर्टल पर काम करने के लिए सिर्फ 10,000 रुपए का निश्चित किराया भुगतान करना होगा और वे किसी भी अतिरिक्त कमीशन का भुगतान करने से छुटकारा पा सकते हैं, जबकि ज्यादातर ई-कॉमर्स कंपनियां 5-35% शुल्क वसूलती हैं। इससे रिटेलर संभवतः अपने प्रोडक्ट्स को कम कीमत पर बेच सकेंगे और और इस तरह उनकी लाभप्रदता में भी सुधार होगा। यह खरीदारी की संपूर्ण यात्रा को और अधिक किफायती व अंतिम ग्राहकों के लिए स्वागतयोग्य बनाएगा। इसी तरह, चूंकि खरीदारों को प्राप्त करने के बाद प्रोडक्ट्स की पूरी तरह जांच करने की अनुमति होगी, इसलिए बड़े पैमाने पर जालसाजी के मुद्दे समाप्त किए जा सकते हैं और उपभोक्ता अंतिम भुगतान तभी कर सकेंगे जब वे पूरी तरह से संतुष्ट महसूस करते हैं।

जनवरी 2020 तक तैयार होने की उम्मीद

डिजिटल मॉल ऑफ एशिया के प्रबंध निदेशक और सीईओ ऋषभ मेहरा ने कहा, 'हम जनवरी 2020 में लाइव होने को लेकर बेहद उत्साहित हैं। हम निश्चिंत है कि अत्याधुनिक और पहली बार दी जाने वाली सुविधाओं व ऑफरिंग के साथ हम भारतीय ई-कॉमर्स स्पेस में परिवर्तन लाएंगे। हकीकत तो यह है कि डीएमए जैसी अवधारणाएं हमारे देश के अधिकांश रिटेलर्स और खरीदारों के लिए एक आवश्यकता है, जो इस समय प्रोडक्ट्स की जालसाजी और कृत्रिम प्रतिस्पर्धात्मकता जैसी ई-कॉमर्स चिंताओं का सामना कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य क्रमशः ऐसी चुनौतियों का समाधान करना और रिटेलर्स और खरीदारों की खरीदारी की यात्रा को सुरक्षित, संतोषजनक और बिना किसी परेशानी की बनाना है।'

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.