Home » Industry » E-CommerceCash on deliveries on e commerce reach pre demonetization level

ई-कॉमर्स में वापस लौटी कैश ऑन डि‍लि‍वरी की डि‍मांड, खत्‍म हुआ नोटबंदी का असर

ई-कॉमर्स कंपनि‍यों पर पहले ही नोटबंदी से पहले होने वाले कैश का यूज वापस लौट आया है।

Cash on deliveries on e commerce reach pre demonetization level

नई दि‍ल्‍ली। एक साल पहले सरकार ने कैश के इस्‍तेमाल को कम करने और डिजि‍टल पेमेंट को बढ़ावा देने के लि‍ए 500 रुपए और 100 रुपए के पुराने नोटों को बंद कर दि‍या। लेकि‍न इसका असर खत्‍म होता नजर आ रहा है। ई-कॉमर्स कंपनि‍यों पर पहले ही नोटबंदी से पहले होने वाले कैश का यूज वापस लौट आया है। यह इस बात को दर्शाता है कि‍ नोटबंदी के बाद डि‍जि‍टल पेमेंट की ओर शि‍फ्ट होने वाला कदम कम से कम ई-कॉमर्स पर अब नहीं दि‍खता है। Redseer कंसलटेंसी के मुताबि‍क, पि‍छले साल 14.5 अरब डॉलर से 15 अरब डॉलर का ट्रांजैक्‍शन हुआ था।    

 

ई-कॉमर्स में वापस लौटी कैश ऑन डि‍लि‍वरी की डि‍मांड

 

भारत में नवंबर 2016 तक कैश ट्रांजैक्‍शन की हि‍स्‍सेदारी 60 फीसदी से 65 फीसदी थी जोकि‍ नोटबंदी के बाद गि‍रकर 45 से 55 फीसदी पर पहुंच गई थी। नोटबंदी के दौरान वैल्‍यू के हि‍साब से 86 फीसदी करेंसी मार्केट से बाहर नि‍कल गई थी। ई-कॉमर्स कंपनी के एक्‍जि‍क्‍यूटि‍व्‍स का कहना है कि‍ इस साल की शुरुआत में कैश की उपलब्‍धता होने पर शॉपिंग करने वाले तुरंत डि‍जि‍टल पेमेंट से दूर हो गए। अब टोटल ई-कॉमर्स ऑर्डर्स में कैश की हि‍स्‍सेदारी दोबारा 60 से 65 फीसदी हो गई है।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट