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खास खबर: वॉलमार्ट-अमेजन में से कि‍से मि‍लेगी फ्लि‍पकार्ट, 1 लाख करोड़ का है खेल

अमेरि‍का की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स अमेजन और ऑफलाइन रि‍टेल कंपनी वॉलमार्ट ने फ्लि‍पकार्ट को अपना टारगेट बनाया है।

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नई दि‍ल्‍ली. अमेरि‍का की दो बड़ी कंपनि‍यां अब तक अपने घरेलू बाजार में एक-दूसरे का मुकाबला कर रही थीं। लेकि‍न, इन दोनों कंपनि‍यों की लड़ाई अब भारतीय बाजार तक पहुंच गई है। भारतीय बाजार पर दांव लगाने के लि‍ए अमेरि‍का की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन और ऑफलाइन रि‍टेल कंपनी वॉलमार्ट ने फ्लि‍पकार्ट को अपना टारगेट बनाया है। भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी फ्लि‍पकार्ट को खरीदने के लि‍ए पहले वॉलमार्ट ने अपना ऑफर पेश कि‍या। उसके कुछ ही दि‍न बाद अमेजन ने गूगली मारी और फ्लि‍पकार्ट में हि‍स्‍सेदारी लेने की बात कही। दोनों अमेरिकी कंपनि‍यां भारत के कंज्‍यूमर्स के दि‍ल, दि‍माग और जेब सबको जीतना चाहती हैं। मॉर्गन स्‍टैनली के मुताबि‍क, अभी इंडि‍यन ई-कॉमर्स मार्केट 15 अरब डॉलर (करीब 1 लाख करोड़ रुपए) का है।

 

फ्लि‍पकार्ट के लि‍ए दो अमेरि‍की कंपनि‍यों का ऑफर

वॉलमार्ट भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी फ्लि‍पकार्ट में करीब 7 अरब डॉलर (45 हजार करोड़ रुपए) इन्‍वेस्‍ट करने के लिए बातचीत कर रही है। रिपोर्ट के मुताबि‍क, टाइगर ग्‍लोबल मैनजमेंट और सॉफ्टबैंक ग्रुप कॉर्प से हि‍स्‍सा खरीदने के तहत दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट ई-कॉमर्स कंपनी फ्लि‍पकार्ट का करीब 33 फीसदी हि‍स्‍सा खरीदने का प्‍लान कर रही है।

 

माना जा रहा है कि‍ इस डील से फ्लि‍पकार्ट की वैल्‍युएशन करीब 20 अरब डॉलर हो जाएगी, जो बीते साल 12 अरब डॉलर पर थी। वहीं, मिंट की रि‍पोर्ट के मुताबिक अमेजन भारत में अपनी प्रतिस्पर्धी कंपनी फ्लिपकार्ट की कंट्रोलिंग स्टेक खरीदने के लिए बातचीत की थी।

 

फ्लि‍पकार्ट पर दांव क्‍यों?

अमेरि‍का की कंपनी वॉलमार्ट इंक दुनि‍या की सबसे बड़ी रि‍टेल कंपनी है लेकि‍न इसके बावजूद वह अमेजन के खि‍लाफ संघर्ष करना पड़ रहा है। ऐसा इसलि‍ए क्‍योंकि कंज्‍यूमर्स तेजी से ऑनलाइन कॉमर्स पर शि‍फ्ट हो रहे हैं। अमेरि‍का और चीन के बाद भारत ही अगला सबसे बड़ा संभावनाओं वाला मार्केट है जहां अमेजन और अलीबाबा ग्रुप होल्‍डिंग लि. के खि‍लाफ आगे बढ़ सकती है।

 

फ्लि‍पकार्ट में वॉलमार्ट इसलि‍ए भी इन्‍वेस्‍ट कर रही है कि‍ क्‍योंकि‍ उसे खुद अमेजन से चुनौती का सामना कर रहा है। अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस पहले ही भारत में 5.5 अरब डॉलर इन्‍वेस्‍ट करने की प्रति‍बद्धता जता चुके हैं और यह संकेत भी दे चुके हैं कि‍ मार्केट लीडर बनने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। इसके लि‍ए वह वॉलमार्ट को फ्लि‍पकार्ट न खरीद सके, इसकी कोशि‍श भी कर सकती है।

 

फ्लि‍पकार्ट के टॉप शेयरहोल्‍डर्स

शेयरहोल्‍डर हि‍स्‍सेदारी
सॉफ्टबैंक 20.8 %
टाइगर ग्‍लोबल 20.6 %
नेस्‍पर 12.8 %
टेनसेंट 5.9 %
ईबे सिंगापुर 6.1 %
एक्‍ससेल पार्टनर्स 6.4 %
बि‍न्‍नी बंसल  5.25 %
सचि‍न बंसल 5.55 %

 

वॉलमार्ट का फ्लि‍पकार्ट खरीदने का प्‍लान

माना जा रहा है कि‍ वॉलमार्ट 10 से 12 अरब डॉलर के साथ फ्लि‍पकार्ट में हि‍स्‍सेदारी खरीदेगी। वॉलमार्ट 20 से 26 फीसदी हि‍स्‍सेदारी के साथ शुरुआत करेगी और सबसे बड़ी शेयरहोल्‍डर बनेगी। इसके बाद क्रमबद्ध तरीके से अपनी होल्‍डिंग को 51 फीसदी तक लेकर जाएगी। इस डील में सॉफ्टबैंक की हि‍स्‍स्‍ेदारी भी शामि‍ल है।

 

वॉलमार्ट क्‍यों चाहती है फ्लि‍पकार्ट?

ग्रेहाउंड रि‍सर्च के सीईओ संचि‍त गोगि‍या ने कहा कि‍ वॉलमार्ट अमेरि‍का और दूसरे देशों में अमेजन को टक्‍कर देने का रास्‍ता ढूंढ रही है। ऑनलाइन सेल्‍स को बढ़ाने के लि‍ए वॉलमार्ट अमेरि‍का में हुए हालि‍या जेट.कॉम डील और चीन में जेडी.कॉम के साथ हुई डील से आगे नि‍कलना चाहती है। भारत में वॉलमार्ट को रेग्‍युलेशन के कारण मुश्‍कि‍लों का सामना करना पड़ रहा है और फ्लि‍पकार्ट में इन्‍वेस्‍टमेंट उसे ऑनलाइन रि‍टेल मार्केट में बड़ी जगह दे देगा।

 

बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच की रि‍पोर्ट में कहा गया है कि‍ 43 फीसदी से ज्‍यादा मार्केट शेयर के साथ फ्लि‍पकार्ट मार्केट लीडर है। उन्‍होंने अनुमान लगाया है कि‍ 2019 में फ्लि‍पकार्ट 44 फीसदी शेयर कायम रखने में सफल रहेगी। वहीं, अमेजन का मार्केट शेयर 37 फीसदी और स्‍नैपडील का मार्केट शेयर मात्र 9 फीसदी रह जाएगा।

 

डील के बीच में अमेजन क्‍यों कूदी?

एक्‍सपर्ट के मुताबि‍क, कंपनि‍यों की ओर से दूसरों को खरीदने के केवल दो कारण होते हैं। पहला, अपने मार्केट शेयर को बढ़ाने के लि‍ए और दूसरा यह सुनि‍श्‍चि‍त करने के लि‍ए कि‍ उनका कॉम्‍पीटि‍टर उसे न खरीद ले। इस मामले में अमेजन का बड़ा कारण यह सुनि‍श्‍चि‍त करना हो सकता है कि‍ वॉलमार्ट, फ्लि‍पकार्ट को न खरीद सके।

 

पैसे के अलावा फ्लि‍पकार्ट को वॉलमार्ट से क्‍या मि‍लेगा?

वॉलमार्ट के साथ डील होने पर फ्लि‍पकार्ट को ग्रॉसरी सेगमेंट में बड़ा बूस्‍ट मि‍लेगा। इस सेक्‍टर में 100 फीसदी वि‍देशी प्रत्‍यक्ष निवेश (एफडीआई) की मंजूरी है। फ्लि‍पकार्ट अपने फूड और ग्रॉसरी बि‍जनेस पर फोकस बढ़ा सकती है और वॉलमार्ट के साथ पार्टनरशि‍प करने पर कंपनी के लि‍ए गेम चेंजर हो सकता है। इसके अलावा, फ्लि‍पकार्ट को जेट.कॉम की प्राइजिंग स्‍ट्रैटजी का भी फायदा मि‍लेगा।

 

 

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जब अमेजन को टक्‍कर देने वॉलमार्ट आई ऑनलाइन

अगस्‍त 2016 में वॉलमार्ट ने जेट.कॉम को 3 अरब डॉलर में खरीदा था। जेट.कॉम को खरीदने के बाद ही वॉलमार्ट को ई-कॉमर्स की ताकत समझ आ गई थी। वॉलमार्ट ने अपने ऑनलाइन मार्केट को ही नहीं बढ़ाया बल्‍कि‍ उन्‍होंने मार्क लोर को यूएस ई-कॉमर्स का हेड भी बनाया। मार्क लोर का इति‍हास बेजोस से साथ रहा है। मार्क ने अपनी कंपनी बेजोस को बेची थी और दो साल तक अमेजन में काम कि‍या था। लेकि‍न जेट.कॉम को शुरू करने के लि‍ए उन्‍होंने अमेजन छोड़ दि‍या।

 

ये है इंडि‍यन ऑनलाइन मार्केट की ताकत

कोटक इंस्‍टीट्यूशनल इक्‍वि‍टी की रि‍पोर्ट के मुताबि‍क, भारतीय ऑनलाइन मार्केट 2019-20 तक 28 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। अगले चार साल तक इसकी सालाना ग्रोथ रेट 45 फीसदी रह सकती है। मॉर्गन स्‍टैनली के मुताबि‍क, मौजूदा समय में इंडि‍यन ई-कॉमर्स मार्केट 15 अरब डॉलर का है।

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