Home » Industry » E-CommerceSachin Bansal gets over Rs 6700 crore and leaves company

किताब बेचने से शुरू किया था सचिन बंसल ने बिजनेस, 1 डील से कमा लिए 6700 करोड़

भारतीय ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट अब अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट की हो गई है।

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नई दिल्‍ली। भारतीय ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट अब अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट की हो गई है। अमेरिकी कंपनी ने फ्लिपकार्ट में 77 फीसदी हिस्‍सेदारी खरीदी है। डील के बाद फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर बिन्‍नी बंसल कंपनी से जुड़े रहेंगे। लेकिन उनके साथी सचिन बंसल अपनी 5.5 फीसदी हिस्‍सेदारी वॉलमार्ट को बेचकर कंपनी को छोड़ देंगे। सचिन के हिस्‍सेदारी बेचने के बाद उनको 1 बिलियन डॉलर यानी करीब 6700 करोड़ रुपए से ज्‍यादा मिलेंगे।  

10 देशों की जीडीपी के बराबर 

 

36 साल के सचिन बंसल को जितना पैसा मिला है वह करीब 10 देशों की जीडीपी के बराबर है। इनमें साउथ सुडान, कोमोरोस, हैती जैसे देश शामिल हैं। हालांकि 1 बिलियन डॉलर (6700 करोड़ ) के मालिक बनने के बाद भी सचिन बंसल भारत के टॉप 100 अमीर लोगों में नहीं आ पाएंगे। भारत के 100वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं राना कपूर जिनकी संपत्ति कुछ 1.46 बिलियन डॉलर (9782 करोड़ ) के आस-पास है। आगे पढ़ें सचिन का फिल्‍पकार्ट के साथ सफर 

 

 

 

 

सचिन का फिल्‍पकार्ट के साथ सफर 
पिछले 11 सालों से फ्लिपकार्ट के साथ जुड़े सचिन बंसल पहले इस कंपनी के सीईओ थे और फिर बोर्ड का हिस्सा बन गए।  सचिन बंसल का कंपनी छोड़ने का फैसला काफी कुछ विवादों में घिरा हुआ है।  मीडिया रिपोर्ट में यह भी खबरें चल रही हैं कि सचिन बंसल को वॉलमार्ट की डील के बाद कंपनी में होने वाले बदलावों से कुछ आपत्ति है और इसी कारण सचिन ने यह फैसला लिया है। हालांकि इस रकम में से 20% हिस्सा कैपिटल गेन टैक्स में काट दिया जाएगा।  आगे पढ़ें - 

ऐसे बनी फ्लिपकार्ट

 

 

 

ऐसे बनी फ्लिपकार्ट

 

फ्लिपकार्ट की नींव रखने वाले दो दोस्‍त सचिन बंसल और बिन्‍नी बंसल की मुलाकात आईआईटी दिल्‍ली में हुई थी। आईआईटी ग्रैजुएट दोनों दोस्तों ने पासआउट होने के बाद तकरीबन एक साल तक अलग-अलग कंपनियों में काम किया। ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते दौर को देखते हुए दोनों ने अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ज्वाइन की। यहां काम करते वक्त दोनों ने अपना बिजनेस करने का मन बनाया। इसके लिए अक्‍टूबर 2007 में दोनों ने दो-दो लाख रुपए जुटाए और अमेजन छोड़कर ई-कामर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट की नींव रखी।

 

दो कमरों से शुरू किया बिजनेस


 सचिन और बिन्नी ने बेंगलुरू के अपने 2 कमरों वाले फ्लैट में दो कम्प्‍यूटर के साथ बुक्‍स की ऑनलाइन बिक्री के लिए वेबसाइट शुरू की। लेकिन, दस दिनों तक उन्‍हें एक भी ऑर्डर नहीं मिला। इसी बीच उन्‍हें आंध्रप्रदेश से एक ग्राहक ने ‘लिविंग माइक्रोसॉफट टू चेंज द वर्ल्‍ड’ किताब का ऑर्डर दिया। यह कंपनी के लिए पहला ऑर्डर था। 

आगे पढ़ें - 18 महीने बाद मिला इन्वेस्टर

18 महीने बाद मिला इन्वेस्टर
 

कंपनी शुरू करने के 18 महीने बाद तक सचिन और बिन्‍नी बंसल को अपने खर्च के लिए हर महीने पैरेंटस से दस हजार रुपए मंगाने पड़ते थे। हालांकि, बिजनेस न चल पाने से वो निराश नहीं हुए। आखि‍रकार किस्‍मत ने साथ दिया और वर्ष 2009 में एसेल पार्टनर (इंडिया) का साथ मिल गया। एसेल पार्टनर ने फ्लिपकार्ट में 10 लाख डॉलर का निवेश किया। कारोबार बढ़ता गया और फ्लिपकार्ट को निवेशक मिलते गए। साल 2010 में टाइगर ग्‍लोबल ने भी फ्लिपकार्ट में भरोसा जताया और 2 करोड़ डॉलर का निवेश किया।

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