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नेक्सट लेवल पर जाएगा ई-कॉमर्स सेक्टर में कॉम्‍पीटि‍शन, मार्केट शेयर हथियाने के लिए होगी जंग

बीते साल ई-कॉमर्स कंपनि‍यों में होने वाली सबसे बड़ी फंडिंग केवल दो कंपनियों में ही हुई।

इस साल ज्‍यादा शॉपिंग करेगी बड़ी ई-कॉमर्स कंपनि‍यां - ecommerce player may go for shopping more this year
  
नई दि‍ल्‍ली। साल 2018 में ई-कॉमर्स कंपनि‍यों के बीच जारी कॉम्‍पीटि‍शन को नेक्‍स्‍ट लेवल पर जाते हुए देखा जाएगा। एक्‍सपर्ट्स का मानना है कि‍ बड़ी र्इ-कॉमर्स कंपनि‍यों बीते साल मि‍ली हैवी फंडिंग का यूज मार्केट शेयर बढ़ाने के लि‍ए ज्‍यादा करेंगी। इसके लि‍ए कंपनि‍यां न केवल ऑनलाइन कंपनि‍यों बल्‍कि‍ ऑफलाइन कंपनि‍यों के साथ मर्जर करने की स्‍ट्रैटजी पर भी काम कर सकती हैं। इसके अलावा जो कंपनि‍यां फंड नहीं जुटा पाएंगी उनके पास बड़ी कंपनि‍यों के साथ मि‍लने के अलावा कोई ऑप्‍शन नहीं रहेगा।  
 
अब बड़ी कंपनि‍यां करेंगी फंडिंग का यूज
 
ई-कॉमर्स एक्‍सपर्ट्स अंकुर बेसि‍न ने कहा कि‍ बड़ी ई-कॉमर्स कंपनि‍यों जैसे फ्लि‍पकार्ट और पेटीएम को ग्‍लोबल फंडिंग मि‍ली है और वह इसकी मदद से मार्केट में अपनी पॉजि‍शन मजबूत करेंगी। उन्‍होंने कहा कि‍ कंपनि‍यों को केवल कस्‍टमर्स के लि‍ए आपस में नहीं लड़ना, उन्‍हें फंड के लि‍ए भी लड़ना है। ऐसे में जो कंपनि‍यां फंड नहीं जुटा पाएंगी उनका कंसोलि‍डेशन हो जाएगा और वह कॉम्‍पीटि‍शन में नहीं रह पाएंगी। 
 
साल 2017 की टॉप फंडिंग 
कंपनी फंडिंग अमाउंट (डॉलर में)
फ्लि‍पकार्ट 4.12 अरब
पेटीएम मॉल 20 करोड़
बि‍ग बास्‍केट 2 करोड़
ड्रूम 2 करोड़
स्‍नैपडील 1.75 करोड़

 

मार्केट शेयर बढ़ाने के लि‍ए होगी जंग
 
डेलॉट की रि‍पोर्ट के मुताबि‍क, साल 2018 में कंपनि‍यों की ओर से कि‍ए जाने वाले मर्जर का मकसद ज्‍यादा से ज्‍यादा मार्केट शेयर, कंज्‍यूमर और डाटा हासि‍ल करना होगा। हमारा मानना है कि‍ ज्‍यादातर बड़े इन्‍वेस्‍टमेंट फुड, अपैरल, ऑनलाइन शॉपिंग और कंज्‍यूमर गुड्स में हैं। उन्‍होंने कहा कि‍ इससे कुछ समय तक मार्केट में सुस्‍ती आ सकती है लेकि‍न यह भवि‍ष्‍य इस सेक्‍टर की ग्रोथ को बढ़ाने का ही काम करेगा। बड़ी ई-कॉमर्स कंपनि‍यां प्रॉफि‍टबि‍लि‍टी के साथ अपना मार्केट शेयर बढ़ाने के लि‍ए भी फंडिंग का यूज करेंगी।  
 
ऑनलाइन कंपनि‍यां करेंगी ऑफ लाइन कंपनि‍यों के साथ डील
 
अंकुर बेसि‍न ने कहा कि‍ यहां केवल ऐसा नहीं होगा कि‍ ऑनलाइन मार्केटप्‍लेस केवल ई-कॉमर्स कंपनि‍यों के साथ ही मर्जर करेंगी। बड़ी ई-कॉमर्स कंपनि‍यों को ऑफलाइन का ऑप्‍शन भी देखना होगा। गौरतलब है कि‍ पि‍छले साल ही अमेजन की ओर से शॉपर्स स्‍टॉप के साथ डील करने की बातचीत शुरू कर दी गई थी। ई-कॉमर्स कंपनि‍यों को केवल बड़े रि‍टेलर्स नहीं बल्‍कि‍ छोटे रि‍टेलर्स के साथ टाईअप करना होगा।
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