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मोदी सरकार की E-commerce पॉलिसी तैयार, जल्द जारी होगा ड्राफ्ट 

व्यापारियों ने किया स्वागत, कहा- सरकार पर दबाव काम आया

know the details of National E commerce policy


नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने नेशनल ई-कॉमर्स (e-commerce ) पॉलिसी तैयार कर ली है। इसका ड्राफ्ट जल्द ही जारी किया जाएगा। इस पॉलिसी में भारत में ऑनलाइन रिटेल बिजनेस करने वाली कंपनियों पर कई तरह की पाबंदियां लगाई गई है। पॉलिसी में साफ तौर पर कहा गया है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर वही सेलर अपना सामान बेच पाएंगे, जो अपना पूरी डिटेल देंगी। साथ ही, यह भी स्पष्ट होगा कि यिद कोई सेलर नकली सामान बेचता है तो उस पर कितना जुर्माना लगाया जाएगा। 

 

व्यापारियों ने किया स्वागत 
कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने स्वागत किया है। ड्राफ्ट में सभी सम्बंधित वर्गों के सुझाव मांगे गए हैं जिनको भेजने की अंतिम तारीख 9 मार्च है। कैट एक लम्बे समय से ई कॉमर्स पालिसी लाने की लगातार मांग कर रही थी और सरकार पर इसके लिए अच्छा खासा दबाव भी बनाया हुआ था । 

 

FDI की इजाजत नहीं 
ड्राफ्ट पॉलिसी में कहा गया है कि केवल मार्केट प्लेस मॉडल में ही फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) की इजाजत दी जाएगी, इन्वेंटरी बेस्ड बिजनेस में नहीं। 

 

 Seller को देनी होगी पूरी डिटेल 
ड्राफ्ट पॉलिसी में कहा गया है कि ई-कॉमर्स कंपनियों को सभी प्रोडक्ट्स के सेलर की पूरी डिटेल अपनी वेबसाइट पर देनी होगी। इसमें सेलर का पूरा नाम, पता, कॉन्टेक्ट डिटेल जैसे ई-मेल और फोन नंबर शामिल हैं। सेलर को यह अंडरटेकिंग देनी होगी कि जो वह सामान बेच रहा है, वह पूरी तरह जेनुअन है। इसके अलावा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर टेडमार्क मालिकों को भी रजिस्ट्रेशन का मौका देना होगा। 

 

Trademark मालिक से अनुमति जरूरी 
यदि कोई ट्रेडमार्क मालिक नहीं चाहता है तो ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म उसके प्रोडक्ट को बिक्री के लिए लिस्ट नहीं कर पाएगा। इसके लिए ट्रेडमार्क मालिक की अनुमति लेना बेहद जरूरी होगा। यदि किसी प्रोडक्ट जैसे कॉस्मटिक या अन्य सामान जिसका असर मानव स्वास्थ्य पर पड़ सकता है की बिक्री की जानी है तो मार्केट प्लेस को ट्रेडमार्क ऑनर से अधिकृत पत्र लेना होगा और बाकायदा एक समझौता करना होगा। 

 

प्रोडक्ट्स पर MRP जरूरी 
इसके अलावा भारतीय उपभोक्ताओं के लिए बनी सभी ई-कॉमर्स साइट व मोबाइल ऐप पर उपलब्ध हर तरह के प्रोडक्ट्स का भारतीय रुपए से अधिकतम खुदरा मूल्य (MRPs) जरूर लिखना होगा। 

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