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फ्लिपकार्ट-अमेज़न के समझौते पर CCI की नजर, बाजार से खत्‍म न हो जाए प्रति‍स्‍पर्धा

ई-कॉमर्स बाजार में अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट के एक साथ आने को लेकर नजर बनी हुई है।

Flipkart Amazon combine may face close scrutiny
नई दि‍ल्‍ली. ई-कॉमर्स बाजार में अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट के एक साथ आने को लेकर नजर बनी हुई है। क्‍योंकि‍ दोनों कंपनि‍यों के एक हो जाने से तेजी से बढ़ते भारतीय ई-कॉमर्स बाजार पर इनका एकाधि‍कार हो जाएगा। वहीं, इन दोनों कंपनि‍यों का भारतीय बाजार पर करीब 80 फीसदी कब्‍जा है। ऐसे में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग लगातार इस मामले पर नजर रखे हुए है। 
 
 
डील की औपचारि‍क घोषणा नहीं 
जानकारी के मुताबि‍क, इस बि‍लि‍यन डॉलर डील के बारे में अभी तक कि‍सी प्रकार की कोई औपचारि‍क घोषणा नहीं हुई है। लेकि‍न खबर है कि‍ फ्लिपकार्ट और अमेज़ॅन के बीच इसे लेकर बातचीत चल रही है। बता दें कि‍, तेजी से बढ़ते भारतीय ई कॉमर्स मार्केट में घरेलू कंपनी फ्लिपकार्ट और अमेज़ॅन इंडिया सबसे बड़ी कंपनि‍यां हैंं। 
 
प्रति‍स्‍पर्धा की स्‍थि‍ति‍ बनाए रखना है CCI की जि‍म्‍मेदारी 
हालांकि‍ इस सौदे को करने के लि‍ए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की अनुमति‍ लेनी होगी। वहीं, मामले पर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने भी नि‍गाह बनाई हुई है। ऐसे में अगर आयोग को कहीं भी यह लगता है कि‍ इस सौदे से बाजार में प्रति‍स्‍पर्धा की स्‍थि‍ति‍ खराब होगी तो वह दोनों कंपनि‍यों से अपनी उन चि‍ंताओं को देर करने के लि‍ए कह सकता है।  
 
सख्‍त शर्तों के साथ मि‍ल सकती है सौदे काे मंजूरी   
कंसल्‍टेंसी कॉर्पोरेट प्रोफेशनल के फाउंडर पवन कुमार वि‍जय ने बताया कि‍ "अमेज़न फ्लिपकार्ट के  सौदे को सीसीआई के अनुमोदन के लिए ले जाना होगा। इसके बाद सीसीआई की ओर से संबंधित कंपनि‍यों के मार्केट शेयर की जांच की जाएगी। जो कि‍ इस केश में करीब 80 प्रतिशत है। ऐसे में इस सौदे को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, सौदे को सख्‍त शर्तों के साथ भी अनुमति‍ मि‍ल सकती है। ऐसा पहले भी हो चुका है।   
 
व्‍यापारि‍यों पर हो सकता है नकारात्‍मक प्रभाव 
नॉट-फॉर-प्रॉफिट ग्रुप सीयूटीएस (कंज्यूमर यूनिटी एंड ट्रस्ट सोसाइटी) इंटरनेशनल की ओर से मामले में कहा गया है कि‍ फ्लिपकार्ट और अमेज़न का विलय व्यापारियों को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है। क्योंकि ऑनलाइन मार्केट प्लेटफॉर्म में प्रतियोगिता के अभाव के कारण व्‍यापारि‍यों के पास बारगेन करने की बाजार ही नहीं बचेगा। 
 
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