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ई-कॉमर्स, सोशल मीडिया फर्म्स को भारत में स्टोर करना पड़ सकता है डाटा, ड्राफ्ट पॉलिसी में प्रस्ताव

Flipkart जैसी ऑनलाइन रिटेल कंपनियों और सोशल मीडिया कंपनियों को विशेष रूप से भारत में यूजर डाटा स्टोर करना पड़ सकता है।

Online retail firms, social media cos may have to store user data in India

  

नई दिल्ली. Flipkart जैसी ऑनलाइन रिटेल कंपनियों और सोशल मीडिया कंपनियों को विशेष रूप से भारत में यूजर डाटा स्टोर करना पड़ सकता है। ई-कॉमर्स सेक्टर के लिए बनी नेशनल पॉलिसी के ड्राफ्ट में ये बातें सामने आई हैं। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, सरकार कम हिस्सेदारी के बावजूद ई-कॉमर्स कंपनियों पर फाउंडर्स के कंट्रोल का रास्ता साफ करने के लिए कंपनीज  एक्ट में संशोधन पर भी विचार कर सकती है।

 

 

भारत में स्टोर करना पड़ेगा यह डाटा

ड्राफ्ट पॉलिसी के मुताबिक, विशेष रूप से भारत में स्टोर किए जाने वाले डाटा में ‘पब्लिक स्पेस में आईओटी (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) डिवाइसेस द्वारा कलेक्ट किया गया कम्युनिटी डाटा; और भारत में यूजर्स द्वारा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स, सोशल मीडिया, सर्च इंजनों आदि कई सोर्सेस से जेनरेट किया गया डाटा’ शामिल है।

 

 

राष्ट्रीय सुरक्षा के उद्देश्य तक सरकार की होगी डाटा तक एक्सेस

पॉलिसी में यह प्रस्ताव किया गया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और पॉलिसी उद्देश्यों से भारत में स्टोर किए गए डाटा तक सरकार की पहुंच होगी। इसमें सुझाव दिया गया है कि कंज्यूमर द्वारा जेनरेट किए गए डाटा को कंज्यूमर के अनुरोध पर पोर्टेबल या ले जाने के योग्य बनाने की मंजूरी दी जा सकती है।

 

विदेशी वेबसाइट्स भी होंगी इसके दायरे में

इसके अलावा भारत से ई-कॉमर्स ट्रांजैक्शंस में लगी विदेशी वेबसाइट्स को भी इन्हीं नियमों का पालन करना होगा, जिससे घरेलू कंपनियों को लेवल प्लेइंग फील्ड मुहैया कराई जाएगी। ड्राफ्ट में ई-कॉमर्स सेक्टर में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट से संबंधित दिशानिर्देशों के अनुपालन से संबंधित शिकायतों की देखरेख के लिए डायरेक्टोरेट ऑफ एन्फोर्समेंट में एक अलग विंग बनाने का सुझाव दिया गया है।

 

 

मोबाइल फोन की बल्क परचेज पर लग सकती है रोक

ब्रांडेड गुड्स विशेषकर मोबाइल फोन की बल्क परचेज पर रोक लगाई जा सकती है, जिसके चलते मार्केट प्लेस में कीमतों को लेकर होड़ देखने को मिलती है।

 

 

प्रभु की अगुआई में बना था थिंक टैंक

सरकार ने एक राष्ट्रीय ई-कॉमर्स नीति तैयार करने के लिए कॉमर्स मिनिस्टर सुरेश प्रभु की अगुआई में एक हाई लेवल थिंक टैंक का गठन किया था। इस थिंक टैंक की दूसरी मीटिंग जल्द ही राजधानी में होने जा रही है। इस मीटिंग में चर्चा के लिए ड्राफ्ट पॉलिसी को रखा जाएगा।



 

 

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