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दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स डील, वॉलमार्ट ने 1.07 लाख करोड़ में फ्लिपकार्ट में खरीदी 77% हिस्‍सेदारी

वॉलमार्ट करीब 21 अरब डॉलर में फ्लिपकार्ट में 77% हि‍स्‍सेदारी खरीद रही है।

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नई दि‍ल्‍ली. अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट ने भारतीय ई-कॉमर्स प्‍लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट में 77 फीसदी हिस्‍सेदारी खरीद ली है। यह सौदा 1.07 लाख करोड़ रुपए (लगभग 16 अरब डॉलर) का रहा। यह दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स डील है। इस डील के लिए वॉलमार्ट के चीफ एग्‍जीक्‍यूटि‍व Doug McMillon भारत आए थे। 
 
को फाउंडर सचिन बंसल फ्लिपकार्ट से होंगे अलग
 
डील के साथ ही फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर सचिन बंसल अपनी 5.5 फीसदी हिस्‍सेदारी वॉलमार्ट को बेच देंगे और कंपनी को छोड़ देंगे। वहीं बिन्‍नी बंसल कंपनी से जुड़े रहेंगे। इसके अलावा जापानी कंपनी सॉफ्टबैंक भी फ्लिपकार्ट में अपनी पूरी 20 फीसदी हिस्‍सेदारी वॉलमार्ट को बेच देगी। 
 

डील से पहले फ्लि‍पकार्ट के टॉप शेयरहोल्‍डर्स

 
शेयरहोल्‍डर हि‍स्‍सेदारी
सॉफ्टबैंक 20.8 %
टाइगर ग्‍लोबल 20.6 %
नेस्‍पर  12.8 %
टेनसेंट 5.9 %
ईबे सिंगापुर 6.1 %
एक्‍ससेल पार्टनर्स 6.4 %
बि‍न्‍नी बंसल 5.25 %
सचि‍न बंसल  5.55 %
 


सौदे के बाद कि‍सका कि‍तना शेयर

 

सौदे के बाद 77% हि‍स्‍सेदारी वॉलमार्ट की हो गई। इसके बाद बचे 23 फीसदी में टाइगर ग्‍लोबल मैनेजमेंट, टेनसेंट होल्‍डिंग, एस्‍सेल पार्टनर, बि‍न्नी बंसल, माइक्रोसॉफ्ट, कम्रचारी व अन्‍य हैं।

 

कि‍सने कमाए अरबों 

सचि‍न बंसल - सचि‍न बंसल को अपने 6% हि‍स्‍से के बदले करीब 6700 करोड़ रुपए मि‍ले हैं। 

एस्‍सेल इंडि‍या और एस्‍सेल यूएस - इन्‍होंने कंपनी ने करीब 100 मि‍लि‍यन डॉलर का नि‍वेश कि‍या और अब उन्‍हें 800 मि‍लि‍यन से लेकर 1 बि‍लियन डॉलर के बीच मि‍लेंगे।

 

टाइगर ग्‍लोबल - 2009 से लेकर अब तक फ्लि‍पकार्ट में करीब 1 बि‍लि‍यन डॉलर नि‍वेश कि‍या। अब 5 फीसदी हि‍स्‍सेदारी बेचने पर 3.5 अरब डॉलर मि‍ले। 

 

नैसपर - 600 मि‍लि‍यन डॉलर का नि‍वेश कि‍या और 2.2 बि‍लि‍यन डॉलर मि‍ले। 
  
सॉफ्ट बैंक - 2.5 बि‍लि‍यन डॉलर का नि‍वेश कि‍या। 4 बि‍लि‍यन डॉलर मि‍ले। यानी सालाना 75% का रि‍टर्न।

 

दुनिया को लुभा रहा है भारतीय कंजंप्‍शन मार्केट

क्रिसिल रिसर्च के डायरेक्‍टर अजय श्रीनिवासन का कहना है कि यह डील दुनिया की बड़ी कंपनियों के लिए भारत के कंजंप्‍शन मार्केट के आकर्षण को दर्शाती है। वॉलमार्ट के फ्लिपकार्ट में हिस्‍सेदारी खरीदने से हमें उम्‍मीद है कि ऑनलाइन ग्रॉसरी मार्केट में तेजी आएगी। ऑनलाइन ग्रॉसरी ई-रिटेल स्‍पेस में सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेगमेंट बन जाएगा। 

 

देना पड़ सकता है 20 फीसदी टैक्‍स 

टैक्‍स एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि इस बिक्री से होने वाले फायदे पर कैपिटल गेन टैक्‍स लगेगा। फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर सचिन और बिन्‍नी बंसल पर वॉलमार्ट को कंपनी बेचने से मिले पैसों पर 20 फीसदी टैक्‍स देना पड़ सकता है। टैक्‍स एक्‍सपर्ट्स के अनुसार, इस सौदे में टैक्‍स लगने की दो संभावनाएं हैं। पहली है कि सेलर यानी फ्लिपकार्ट पर इस सौदे से होने वाले मुनाफे पर कैपिटल गैन टैक्‍स लगे। दूसरा हो सकता है कि फ्लिपकार्ट अपने लॉस को कैरी फारवर्ड करें और इसको अभी तक दिए गए इनकम टैक्‍स से एडजेस्‍ट करने की मांग करे।
 

फ्लि‍पकार्ट ने बायबैक कि‍ए 2300 करोड़ के शेयर्स

फ्लि‍पकार्ट ने वॉलमार्ट की ओर से अधि‍कांश हि‍स्‍सेदारी खरीदने से पहले अपनी सिंगापुर स्‍थि‍त पेरेंट कंपनी में 35 करोड़ डॉलर (करीब 2300 करोड़ रुपए) के शेयर्स को वापस खरीद लि‍या है। फ्लि‍पकार्ट ने ऐसा सिंगापुर में खुद को प्राइवेट लि‍मि‍टेड कंपनी दोबारा बनने के लि‍ए कि‍या है।
बि‍जनेस इंटेलि‍जेंस प्‍लेटफॉर्म पेपर.वीसी और फ्लि‍पकार्ट की ओर से सिंगापुर अथॉरि‍टीज को दि‍ए दस्‍तावेजों के मुताबि‍क, कंपनी ने 18,95,574 रीडीमएबल प्रीफरेंस शेयर्स और 1,74,319 नॉन रीडीमएबल प्रीफरेंस शेयर्स को इन्‍वेस्‍टर्स से 35.46 करोड़ डॉलर में खरीदा है। यह ट्रांजैक्‍शन 27 अप्रैल को पूरी हुई है।
 

वॉलमार्ट को क्‍यों पसंद आई फ्लि‍पकार्ट?

ग्रेहाउंड रि‍सर्च के सीईओ संचि‍त गोगि‍या ने कहा कि‍ वॉलमार्ट अमेरि‍का और दूसरे देशों में अमेजन को टक्‍कर देने का रास्‍ता ढूंढ रही है। ऑनलाइन सेल्‍स को बढ़ाने के लि‍ए वॉलमार्ट अमेरि‍का में हुए हालि‍या जेट.कॉम डील और चीन में जेडी.कॉम के साथ हुई डील से आगे नि‍कलना चाहती है। भारत में वॉलमार्ट को रेग्‍युलेशन के कारण मुश्‍कि‍लों का सामना करना पड़ रहा है और फ्लि‍पकार्ट में इन्‍वेस्‍टमेंट उसे ऑनलाइन रि‍टेल मार्केट में बड़ी जगह दे देगा।
 
 बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच की रि‍पोर्ट में कहा गया है कि‍ 43 फीसदी से ज्‍यादा मार्केट शेयर के साथ फ्लि‍पकार्ट मार्केट लीडर है। उन्‍होंने अनुमान लगाया है कि‍ 2019 में फ्लि‍पकार्ट 44 फीसदी शेयर कायम रखने में सफल रहेगी। वहीं, अमेजन का मार्केट शेयर 37 फीसदी और स्‍नैपडील का मार्केट शेयर मात्र 9 फीसदी रह जाएगा।
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