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फ्लिपकार्ट- वॉलमार्ट डील के विरोध में स्‍वदेशी जागरण मंच, इंडस्‍ट्री ने जताई खुशी

फ्लिपकार्ट और वॉलमार्ट के बीच ई-कॉमर्स सेक्‍टर की सबसे बड़ी डील होने के बाद इंडस्‍ट्री खुश है

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नई दिल्‍ली.. फ्लिपकार्ट और वॉलमार्ट के बीच ई-कॉमर्स सेक्‍टर की सबसे बड़ी डील होने के बाद इंडस्‍ट्री खुश है तो वहीं राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच ने विरोध जताया है। संगठन की ओर से पीएम मोदी को इस संबंध में लेटर भी लिखा गया है। 

 

क्‍या कहा इंडस्‍ट्री के दिग्‍गजों ने 

 

फ्लिपकार्ट और वॉलमार्ट की डील पर इंडस्‍ट्री बॉडी एसोचैम  ने भारतीय स्‍टार्टअप की जीत बताते हुए सैल्‍यूट किया है।वहीं फ्यूचर ग्रुप के सीईओ किशोर बियानी ने कहा, मुझे नहीं लगता कि कोई बदलाव आएगा। मॉडल वही है और सिर्फ ऑनरशिप में बदलाव हुआ है।  उन्‍होंने आगे कहा कि यह सिर्फ एक इवेंट है।  

 

- वहीं बायोकॉन की चेयरपर्सन शॉ ने ट्वीट कर कहा, भारत के पहले बड़े ई - कॉमर्स सेक्‍टर की डील को जबरदस्‍त समर्थन मिल रहा है।  उन्‍होंने आगे कहा कि ई - कॉमर्स ज्‍यादा खर्चे का कारोबार है जिसके लिए वालमार्ट जैसी कंपनियों की जरुरत है। 
- ShopClues के को - फाउंडर संजय सेठ्ठी ने कहा कि इस बड़े डील से देश में लोगों को मौका मिलेगा। यह  डील मील का पत्‍थर साबित होगी। 

 

ट्रेडर्स में है नाराजगी 


हालांकि ट्रेडर्स में इस डील को लेकर नाराजगी भी देखने को मिल रही है। कन्‍फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के सेक्रेटरी जनरल प्रवीण खंडेलवाल का कहना है कि वॉलमार्ट-फ्लिपकार्ट डील के होने से वॉलमार्ट जैसी कंपनियां दुनिया में से कहीं से भी सामान लाएंगी और देश को डंपिंग ग्राउंड बना देंगी। भारतीय रिटेलर्स के लिए लेवल प्‍लेइंग फील्‍ड बराबर का नहीं रहेगा और वे कॉम्पिटीशन में पिछड़ जाएंगे। देश में इस वक्‍त लगभग 7 करोड़ रिटेलर्स हैं, जिनमें से लगभग 3 करोड़ रिटेलर्स को इस डील से सीधे तौर पर नुकसान होने वाला है। 

 

RSS ने भी किया डील का विरोध 


वहीं राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच ने पीएम मोदी से वॉलमार्ट-फ्लिपकार्ट डील को रोकने की अपील की है। मंच का आरोप है कि अमेरिकी रिटेल कंपनी नियमों को तोड़ मरोड़कर बैक डोर से रिटेल सेक्टर में एंट्री कर रही है। स्वदेशी जागरण मंच ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखी चिट्ठी में अपील की है कि राष्ट्रीय हितों की खातिर उन्हें दखल देना चाहिए। 
जागरण मंच के मुताबिक इस कदम के बात छोटे और मझौले कारोबारियों, छोटे दुकानदारों को बहुत नुकसान होगा और नौकरियों के मौके खत्म होंगे। ज्यादातर छोटे एंटरप्रेन्योर पहले से ही अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं वॉलमार्ट के आने से उनकी रही सही उम्मीद भी खत्म हो जाएगी। 

 

 

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