व्यापारियों ने सरकार से की मांग, नई ई-कामर्स पॉलिसी लागू करने की तारीख आगे न बढ़ाई जाए

E-commerce policy: ई-कामर्स पर एफडीआई की पॉलिसी को आगे बढ़ाने की संभावनाओं की खबरों के बीच आज कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्ज (कैट) ने सरकार को चेताया की कॉमर्स पॉलिसी को लागू करने की तारीख किसी भी सूरत में आगे न बढ़ाई जाए। साथ ही इस नीति में कोई परिवर्तन न कर नीति को 1 फरवरी से निश्चित रूप से लागू किया जाए।

Money Bhaskar

Jan 25,2019 02:52:00 PM IST

नई दिल्ली.
ई-कामर्स पर एफडीआई की पॉलिसी को आगे बढ़ाने की संभावनाओं की खबरों के बीच आज कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्ज (कैट) ने सरकार को चेताया की कॉमर्स पॉलिसी को लागू करने की तारीख किसी भी सूरत में आगे न बढ़ाई जाए। साथ ही इस नीति में कोई परिवर्तन न कर नीति को 1 फरवरी से निश्चित रूप से लागू किया जाए। अगर पॉलिसी में कोई परिवर्तन होता है तो यह सरकार की कमजोरी समझी जाएगी जिसका देशभर में विपरीत राजनीतिक असर निश्चित रूप से होगा और सरकार को इसको झेलने के लिए तैयार रहना होगा। पॉलिसी में किसी भी प्रकार का परिवर्तन देश के 7 करोड़ व्यापारियों के हितों का अपमान होगा।

व्यापारियों के लिए है संवेदनशील मुद्दा


कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने यह भी कहा की पॉलिसी में किसी भी प्रकार का बदलाव देश के करोड़ों व्यापारियों के साथ सरकार का विश्वासघात माना जाएगा। देशभर के व्यापारी पूरी ताकत से ऐसे किसी भी कदम का जबरदस्त विरोध करेंगे और देश भर में इसके खिलाफ एक राष्ट्रव्यापि अभियान चलाने के लिए मजबूर होंगे और दबाव की राजनीति का पर्दाफाश करेंगे। इस पॉलिसी का सीधा संबंध देश के करोड़ों व्यापारियों और उनके परिवारों की रोजी-रोटी से है इसलिए देशभर के व्यापारी इस मुद्दे पर बेहद संवेदनशील हैं। कैट ने वाणिज्य मंत्रालय से मांग की है कि इस मुद्दे पर सभी पक्षों की एक मीटिंग तुरंत बुलाई जाए और मंत्रालय इस पर सतिथि स्पष्ट करे जिससे ई-कॉमर्स कंपनियां और अमेरिका में बैठे उनके पैरोकार दबाव देना बंद करे और भ्रम समाप्त हो।

सरकार से की फैसला न बदलने की मांग


कैट ने कहा कर यह चुनावी वर्ष है और सरकार को किसी भी दबाव में नहीं आना चाहिए। अगर सरकार दबाव में आती है तो उसकी राजनीतिक कीमत देने के लिए तैयार रहे क्योंकि इस मुद्दे पर व्यापारियों के वोटों को खोने का पूरा खतरा है। अब यह मामला देश के करोड़ों व्यापारियों के हितों और बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों के बीच का है और देखना यह है की सरकार किसका पक्ष लेती है। यदि पॉलिसी में कोई परिवर्तन हुआ तो व्यापारियों का वोट सरकार के खिलाफ जा सकता है। देशभर में फैले छोटे व्यापारी राजनीति का रुख बदलने में सक्षम हैं। कैट ने कहा है पीठ तक वार ठीक है लेकिन पेट पर लात मारने की कोशिश का विरोध होगा।

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.