RBI के नए नियमों से PayTm जैसी ई-वॉलेट कंपनियों को लगेगा झटका, जरूर करना होगा यह काम

देश के सबसे बड़े रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने हाल ही में कुछ नए नियमों की घोषणा की है। नए नियमों के चलते डिजिटल पेमेंट को और भी सुरक्षित करने के लिए आरबीआई ने बड़ा कदम उठाया है।  रिजर्व बैंक ने पेमेंट गेटवे प्रोवाइडर और पेमेंट एग्रीगेटर को रेगुलेट करने का फैसला लिया है। नए नियमों के अनुसार, अब पेटीएम, मोबिक्विक, भारत बिल को रिजर्व बैंक की गाइडलाइंस का पालन करना पड़ेगा। इसके अलावा इन गेटवे को अपने काम को पारदर्शी रखना होगा। यह गेटवे अब पहले से ज्यादा जवाबदेह होंगे जिससे डिजिटल पेमेंट करने वाले ग्राहकों को इसका फायदा मिलेगा। 

Money Bhaskar

Feb 07,2019 04:09:00 PM IST

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने हाल ही में कुछ नए नियमों की घोषणा की है। नए नियमों के चलते डिजिटल पेमेंट को और भी सुरक्षित करने के लिए आरबीआई ने बड़ा कदम उठाया है। रिजर्व बैंक ने पेमेंट गेटवे प्रोवाइडर और पेमेंट एग्रीगेटर को रेगुलेट करने का फैसला लिया है। नए नियमों के अनुसार, अब पेटीएम, मोबिक्विक, भारत बिल को रिजर्व बैंक की गाइडलाइंस का पालन करना पड़ेगा। इसके अलावा इन गेटवे को अपने काम को पारदर्शी रखना होगा। यह गेटवे अब पहले से ज्यादा जवाबदेह होंगे जिससे डिजिटल पेमेंट करने वाले ग्राहकों को इसका फायदा मिलेगा।

बता दें कि आबीआई ने 30 मार्च 2017 को ई-वॉलेट पर एडवाइजरी के बारे में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की थी। उसमें कहा गया था कि पेमेंट गेटवे प्रोवाइडर और पेमेंट एग्रीगेटर को 24 नवंबर, 2009 के रिज़र्व बैंक के दिशानिर्देशों के तहत एक नोडल बैंक के माध्यम से ट्रांजैक्शन करना होगा। आरबीआई के साल 2009 के दिशानिर्देशों के मुताबिक, मर्चेंट द्वारा ग्राहकों से मध्यस्थों द्वारा पेमेंट के कलेक्शन की सुविधा वाले बैंकों द्वारा खोले गए और बनाए गए सभी खातों को बैंकों के आंतरिक खातों के रूप में माना जाएगा।

RBI ने घटाई रेपो रेट


वहीं दूसरी तरफ रिजर्व बैंक ने आज भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने आज रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती की है। RBI की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के फैसले से अब रेपो रेट 6.50% से घटकर 6.25% हो गया, जबकि रिवर्स रेपो रेट घटकर 6 प्रतिशत हो गया। वहीं बैंक रेट 6.50 प्रतिशत पर आ गया है।

क्या होगा इसका असर


रेपो रेट कम होने से होम लोन, ऑटो लोन और दूसरे सभी तरह के लोन की ईएमआई घटने के आसार हैं। रिजर्व बैंक ने पिछली 3 पॉलिसी में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया था।रिजर्व बैंक ने अपना मत न्यूट्रल कर लिया है। मॉनटरी पॉलिसी कमेटी के 6 सदस्यों में से 4 ने दरों को घटाने के पक्ष में वोट दिया।

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