हुनर के दम पर बदली किस्मत, कभी पाई-पाई को थी मोहताज, अब खड़ा किया लाखों का कारोबार

Story of Pabiben Rabari: पाबीबेन लक्ष्मण राबड़ी गुजरात के कच्छ जिले के अजनार तालुका गांव में रहती है। एक वक्त ऐसा था कि पापीपेन को मेहनत मजदूरी करने को मजबूर थीं।  महज चौथी कक्षा तक पढ़ीं 'पाबीबेन' ने अपने हुनर के बल पर 20 लाख रुपए सालाना के टर्नओवर वाला व्यवसाय खड़ा कर दिया है।

Money Bhaskar

Apr 04,2019 08:05:00 PM IST

नई दिल्ली. पाबीबेन लक्ष्मण राबड़ी गुजरात के कच्छ जिले के अजनार तालुका गांव में रहती है। एक वक्त ऐसा था कि पापीपेन मेहनत मजदूरी करने को मजबूर थी। महज चौथी कक्षा तक पढ़ीं 'पाबीबेन' ने अपने हुनर के बल पर 20 लाख रुपए सालाना के टर्नओवर वाला व्यवसाय खड़ा कर दिया है।


गरीबी में बीता बचपन

सीएनबीसी के मुताबिक पाबीबेन का जीवन काफी संघर्षों में बीता। बचपन में उनके पिता का देहांत हो गया और सारी जिम्मेदारी उनकी मां के कंधों पर आ गई। ऐसे में परिवार का खर्च चलाने के लिए पाबीबेन ने महज एक रुपए में लोगों के घरों में पानी भरने का काम किया। इसी दौरान उन्होंने अपनी मां से अपनी कढ़ाई का काम सीखा और धीरे-धीरे पारंपरिक 'हरी-जरी' नाम की कढ़ाई करने में महारत हासिल की।

हुनर को न मिला नाम तो शुरू किया खुद का कारोबार

पाबीबेन ने कढ़ाई के दम पर कई गुजरात में चर्चा होने लगी, तो कुछ गुजरात की कई संस्थाएं पाबीबेन से कढ़ाई का काम करने लगी और बदले में उन्हें मजदूरी दे देती थी। लेकिन पाबिबेन को एक बात हमेशा परेशान करती थी कि एक कारीगर के तौर पर उन्हें उनकी कला की पहचान नहीं मिल रही थी। एक कारीगर को उसकी कला की पहचान मिल सके। ऐसे में उन्होंने लगभग ढाई साल पहले अपना खुदा का कारोबार शुरू किया।

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.