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दिवाली पर ऑनलाइन जुए का कारोबारः एनसीआर में हर साल 1000 करोड़ रुपए की लगती है बाजी

ऑनलाइन साइट्स पर लोग सुरक्षित तरीके से गैंबलिंग कर सकते हैं।

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नई दिल्ली। दिवाली पर जुआ खेलना शुभ माना जाता है, लेकिन देश के कानून के मुताबिक कैसीनो और गैंबलिंग प्रतिबंधित हैं। ऐसे में दिवाली पर जुए का बाजार ऑनलाइन लगता है। दिल्ली एनसीआर की पुलिस के मुताबिक हर साल दिवाली पर 1,000 करोड़ रुपए से भी ज्यादा रकम दाव पर लगती है। ऑनलाइन साइट्स पर लोग सुरक्षित तरीके से गैंबलिंग कर सकते हैं। कसीनो ऑपरेटर्स ने अपना व्यापार ऑफलाइन से हटाकर ऑनलाइन कर लिया है। ऑपरेटर्स डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और ऑनलाइन ऐप के माध्यम से लोगों को जुआ खेलने का प्लेटफाॅर्म दे रहे हैं।

 

ऐसे सजता है ऑनलाइन जुआ बाजार

ऑपरेटर्स ऑनलाइन ऐसे एक्सक्लूसिव क्लब बनाते हैं जहां क्लाइंट्स रियल टाइम में जुआ लगाते हैँ आैर इसमें जीता जाने वाला पैसा अगले दिन ऑफलाइन कलेक्ट किया जाता है। गैंबलिंग एजेंट्स गिने-चुने लोगों को ही ग्रुप में शामिल करते हैं। इसमें किसी बाहरी इंसान को शामिल नहीं किया जाता है। हर खिलाड़ी को एक खास नाम दिया जाता है और यहां असली रुपया दाव पर नहीं लगता। हर खिलाड़ी को प्वाइंट और क्रेडिट स्कोर कोड दिए जाते हैं। खेल के अंत में हर खिलाड़ी का क्रेडिट स्कोर नोट किया जाता है और अगल दिन एजेंट सबके घर जाकर पैसा कलेक्ट करता है।

 

बदल गया तौर तरीका

पहले बड़े-बड़े व्यापारियों के लिए दिवाली के अासपास फार्महाउस या बंगला रेंट पर लेते थे और वहां पोकर, ताश के खेल और रोलेट खेला जाता था, लेकिन अब एजेंट्स इन खेलों के लिए डिजिटल कवर के नीचे इस काम को अंजाम देते हैं। गैंबलिंग एजेंट्स व्यापारियों और उद्योगपतियों को WhatsApp व अन्य मैसेजिंग ऐप्स पर जुए की ऑनलाइन साइट की लिंक भेजते हैं और हर रात लाखों करोड़ों रुपए दाव पर लगाए जाते हैं।

 

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आॅनलाइन होता है सुरक्षित व्यापार

जिन वेबसाइट्स पर जुआ खेला जाता है उनमें से अधिकतर का सर्वर विदेश में होता हैइसके चलते पुलिस के लिए इन्हें ट्रैक करना आसान नहीं होता है। ऐसे में यहां जुआ खेलने वाले लोग सुरक्षित रहते हैं।

 

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हो रही है जुए को लीगल करने की मांग

देश के एक्सपर्ट्स का कहना है कि भले ही डिजिटल गैंबलिंग को तेजी से लोकप्रियता मिल रही होलेकिन जुए के पारंपरिक तौर तरीके इतनी आसानी से खत्म नहीं होंगे। आज भी लोग अपने घरों में जुए की बाजी लगाते हैं। All India Gaming Federation का कहना है कि सरकार को जुए को कानूनी मान्यता दे देनी चाहिए। ऐसे में अगर कसीनो बिजनेस को वैधता मिल जाती है तो इससे सरकार को बड़ा रिवेन्यु मिलेगा।

 
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