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11 साल बाद टूट गई 'जय-वीरू' की जोड़ी, सिखाया था नए जमाने का बिजनेस

फ्लिपकार्ट-वॉलमार्ट डील जिस 'भावुक' मोड़ पर आकर अंजाम तक पहुंची, हरेक की जुबान पर उसकी चर्चा है।

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नई दिल्‍ली. भारत में पहले भी कई कंपनियां बिकीं, कुछ भारतीयों ने ही खरीदी तो कई में विदेशियों ने अपनी रूचि दिखाई। लेकिन, फ्लिपकार्ट-वॉलमार्ट डील जिस 'भावुक' मोड़ पर आकर अंजाम तक पहुंची, हरेक की जुबान पर उसकी चर्चा है। भारतीयों को ऑनलाइन शॉपिंग का 'स्‍मार्ट' हुनर सिखने वाली फ्लिपकार्ट को आईआईटी-दिल्‍ली के दो हुनरमंद दोस्‍तों ने खड़ा किया और इस मुकाम तक पहुंचाया कि जब वह वॉलमार्ट के हाथों बिकी तो उसकी कुल वैल्‍यू 21 अरब डॉलर (1.40 लाख करोड़ रुपए) पहुंच गई। फ्लिपकार्ट को कोफाउंडर सचिन और बिन्‍नी बसंल की जोड़ी देश के ई-कॉमर्स बिजनेस में इस कदर हिट हुई कि उन्‍हें भारतीय स्‍टार्टअप पनोरमा का 'जय-वीरू' कहा गया। 

 

 

हर बड़ी चीज (डील) की शायद एक कीमत होती है। फ्लिपकार्ट-वॉलमार्ट डील में भी ऐसा हुआ और वह कीमत चुकानी पड़ी। यह डील जब मुकम्‍मल हुई तो इस खुशखबरी के साथ एक दुखद क्षण भी आया। और, वह था सचिन बंसल का फ्लिपकार्ट से हमेशा-हमेशा के लिए अलग होना। सचिन सिर्फ फ्लिपकार्ट से ही अलग नहीं हुए बल्कि 11 साल पुरानी 'जय-वीरू' की जोड़ी भी टूट गई। गौर इस बात पर भी है कि कामयाबी के एक बड़े मुकाम पर इस तरह अलग होने का दुख दोनों (सचिन-बिन्‍नी) को ही है। 

 


मेरा सफर खत्‍म, किसी और को जिम्‍मेदारी देने का वक्‍त: सचिन बंसल 
सचिन बंसल को फ्लिपकार्ट से अलग होने का दुख है। इस बात का खुलासा सचिन ने अपनी एक फेसबुक पोस्‍ट में किया है। सचिन ने लिखा, ''मुझे दुख है कि फ्लिपकार्ट में मेरा सफर खत्‍म हो गया और अब 10 साल बाद मेरा इसे छोड़ने और जिम्‍मेदारी किसी और को देने का वक्‍त है। मैं बाहर रहकर फ्लिपकार्ट का भविष्‍य के लिए उत्‍साह बढ़ाऊंगा। फ्लिपकार्ट इम्‍प्‍लॉइज के लिए मेरा यही कहना है कि आप अच्‍छा कर रहे हैं और आगे भी इसी चीज को बनाए रखें।'' सचिन आगे लिखते हैं, ''मैं थोड़े ज्‍यादा टाइम की छु‍ट्टी ले रहा हूं, ताकि अपने कुछ पर्सनल प्रोजेक्‍ट्स को खत्‍म कर सकूं। अभी तक मैं उन्‍हें टाइम नहीं दे पा रहा था। मैं अब गेम्‍स में क्‍या नया है, यह देखूंगा और अपने स्किल्‍स को बेहतर बनाऊंगा।'' यहां यह बता दें, सचिन बंसल ने फ्लिपकार्ट में अपनी 5.5 फीसदी हिस्‍सेदारी वॉलमार्ट को बेचकर कंपनी से अलग हो गए। इससे सचिन को करीब 1 अरब डॉलर (करीब 6700 करोड़ रुपए) मिलेंगे। 

 

 

आगे पढ़ें... सचिन के फ्लिपकार्ट छोड़ने पर क्‍या बोले सचिन बंसल 

 

सचिन का फ्लिपकार्ट छोड़ना 'काफी भावुक पल': बिन्‍नी बंसल 
सचिन बंसल के फ्लिपकार्ट के अलग होने पर बिन्‍नी भी बेहद भावुक हैं। डील के बाद ए‍क मीडिया ब्रीफिंग में बिन्‍नी कहते हैं, ''वॉलमार्ट द्वारा फ्लिपकार्ट का अधिग्रहण करने के बाद सचिन बंसल का फ्लिपकार्ट छोड़ने का फैसला एक बहुत भावुक पल था।'' बिन्‍नी से जब पूछा गया कि क्‍या उन्‍होंने सचिन को रोकने की कोशिश नहीं की, इसके जवाब में बिन्‍नी ने खामोश रहना ही बेहतर समझा। फ्लिपकार्ट के सफर को याद करते हुए बिन्‍नी कहते हैं, ''वह हम सभी के लिए बहुत भावुक समय था। सचिन और मैंने एक लंबा रास्‍ता तय किया। हम 2005 में उस वक्‍त मिले जब हम आईआईटी-दिल्‍ली से पासआउट हो रहे थे। हम दोंनो बेंगलुरु आ गए। आईआईटी दिल्‍ली से हम 8 दोस्‍तों का एक ग्रुप था। हम हर समय एक-दूसरे को हैंगआउट करते थे। हम सभी अच्‍छे दोस्‍त थे।'' बिन्‍नी कहते हैं, ''मैं मानता हूं कि हम एक-दूसरे को सपोर्ट करने के लिए पिलर की तरह खड़े रहे।'' 

 

आगे पढ़ें... महज 4 लाख के साथ शुरू की थी फ्लिपकार्ट  

 

 

हम दोनों ने 40-50 किमी रोज बाइक चलाई: बिन्‍नी 
सचिन और बिन्‍नी ने महज 4 लाख रुपए के कैपिटल के साथ फ्लिपकार्ट का सफर शुरू किया। ठीक अमेजन की तरफ उन्‍होंने भी ऑनलाइन किताब बेचने से शुरुआत की। बिन्‍नी बताते हैं, ''हम दोनों ने बिजनेस के लिए वह सबकुछ किया, जो करना चाहिए था। सचिन और मैंने बेंगलुरु में रोज 40-50 किमी बाइक चलाई। हम अलग-अलग डिस्ट्रिब्‍यूटर्स से किताब लेते थे, वापस आते थे फिर उन्‍हें डिस्‍पैच करने के लिए पैक करते थे। यदि मैं 10 साल पहले जाता हूं तो केवल यह सोचता हूं कि हमने यह कैसे किया। हम दोनों को जो चीज 10 साल तक एकसाथ बनाए रखी, वह थी शेयर्ड वैल्‍यू।''  

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