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दुकानदारी का नया तरीका ईजाद करने वालों के पीछे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट

इनकम टैक्स विभाग ने बिन्नी बंसल और सचिन बंसल को नोटिस जारी किया है।

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नई दिल्ली। भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट के संस्थापक बिन्नी बंसल की मुसीबतें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। बीते दिनों बिन्नी बंसल पर निजी तौर पर गड़बड़ी करने का आरोप लगे थे, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा देना पड़ा था। वहीं  अब इनकम टैक्स विभाग ने बिन्नी बंसल और सचिन बंसल को नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि वह दोनों ही अपनी कंपनी को वॉलमार्ट इंटरनेशनल को बेचने से हुई कुल आय और कैपिटल गेन का खुलासा करें। इनकम टैक्स के बिन्नी बंसल और सचिन बंसल के साथ-साथ फ्लिपकार्ट के 35 अन्य स्टेकहोल्डर्स को भी यह नोटिस भेजा है। 

 

वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट के शेयरों को 16 अरब डॉलर में खरीदा
आपको बता दें कि 9 मई 2018 को वॉलमार्ट और फ्लिपकार्ट के बीच एक डील हुई थी जिसमें दोनों ने शेयर परचेज़ एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए थे। इस डील के चलते वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट के 77 पर्सेंट शेयरों को लगभग 16 अरब डॉलर में खरीदा था। फिल्पकार्ट से पहले इनकम टैक्स विभाग ने वॉलमार्ट को भी नोटिस जारी किया था। जिसमें फ्लिपकार्ट के 46 शेयरहोल्डर्स के बारे में डीटेल मांगी गई थी। सूत्रों की माने तो इनकम टैक्स विभाग ने बिन्नी बंसल से वेंचर को वॉलमार्ट को बेचने पर मिली रकम के बारे में जानकारी मांगी है। इसी के चलते बिन्नी बंसल ने एक अंग्रेजी अखबार को बताया कि आयकर विभाग ने उनसे उनके शेयरों की बिक्री और अडवांस टैक्स के बारे में पूछा था। सूत्रों की मानें तो आयकर विभाग ने दोनों बिन्नी और सचिन बंसल को 18 अक्टूबर को नोटिस भेजा था जिसका जवाब उन्होंने अभी तक नहीं दिया है।    

 

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ऐसे बनी फ्लिपकार्ट
फ्लिपकार्ट की नींव रखने वाले दो दोस्‍त सचिन बंसल और बिन्‍नी बंसल की मुलाकात आईआईटी दिल्‍ली में हुई थी। आईआईटी ग्रैजुएट दोनों दोस्तों ने पासआउट होने के बाद तकरीबन एक साल तक अलग-अलग कंपनियों में काम किया। ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते दौर को देखते हुए दोनों ने अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ज्वाइन की। यहां काम करते वक्त दोनों ने अपना बिजनेस करने का मन बनाया। इसके लिए अक्‍टूबर 2007 में दोनों ने दो-दो लाख रुपए जुटाए और अमेजन छोड़कर ई-कामर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट की नींव रखी।

 
दो कमरों से शुरू किया बिजनेस
सचिन और बिन्नी ने बेंगलुरू के अपने 2 कमरों वाले फ्लैट में दो कम्प्‍यूटर के साथ बुक्‍स की ऑनलाइन बिक्री के लिए वेबसाइट शुरू की। लेकिन, दस दिनों तक उन्‍हें एक भी ऑर्डर नहीं मिला। इसी बीच उन्‍हें आंध्रप्रदेश से एक ग्राहक ने ‘लिविंग माइक्रोसॉफट टू चेंज द वर्ल्‍ड’ किताब का ऑर्डर दिया। यह कंपनी के लिए पहला ऑर्डर था।

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18 महीने बाद मिला इन्वेस्टर
कंपनी शुरू करने के 18 महीने बाद तक सचिन और बिन्‍नी बंसल को अपने खर्च के लिए हर महीने पैरेंटस से दस हजार रुपए मंगाने पड़ते थे। हालांकि, बिजनेस न चल पाने से वो निराश नहीं हुए। आखि‍रकार किस्‍मत ने साथ दिया और वर्ष 2009 में एसेल पार्टनर (इंडिया) का साथ मिल गया। एसेल पार्टनर ने फ्लिपकार्ट में 10 लाख डॉलर का निवेश किया। कारोबार बढ़ता गया और फ्लिपकार्ट को निवेशक मिलते गए। साल 2010 में टाइगर ग्‍लोबल ने भी फ्लिपकार्ट में भरोसा जताया और 2 करोड़ डॉलर का निवेश किया।

 
ऑनलाइन मनी स्‍टोर प्रीपेड वॉलेट लॉन्च
निवेशक मिलने से कंपनी का दायरा बढ़ता गया। फ्लिपकार्ट ने वर्ष 2011 में ऑनलाइन मनी स्‍टोर प्रीपेड वॉलेट लॉन्च किया। इसे मार्केट में काफी पसंद किया गया। कंपनी ने अपने अगले चरण में वर्ष 2012 में इन्वेस्‍टर्स से 15 करोड़ डॉलर जुटाए और डिजिटल म्‍यूजिक स्‍टोर फ्लाइट लॉन्च किया।

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