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दुनिया के सबसे बड़े इन्वेस्टर ने लगाया इस इंडियन पर दांव, कभी ठीक से नहीं बोल पाता था अंग्रेजी

पेटीएम को हुआ घाटा, दुनिया के सबसे बड़े इन्वेस्टर ने हाल में खरीदी हिस्सेदारी

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नई दिल्ली। पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस को 31 मार्च 2018 तक 1,490.4 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। ये घाटा बीते फाइनेंशियर ईयर की तुलना में लगभग डबल है। बीते साल में वन97 कम्युनिकेशंस को 879.6 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। हालांकि, वन97 कम्युनिकेशंस का ऑपरेशन से रेवेन्यू बीते फाइनेंशियल ईयर के 624.76 करोड़ रुपए से बढ़कर इस साल 2,987.41 करोड़ रुपए हो गया है। कंपनी ने यह जानकारी कॉरपोरेट अफेयर मिनिस्ट्री को अपनी फाइलिंग में दी है। अभी हाल में ही दुनिया के सबसे बड़े इन्वेस्टर कहे जाने वाली वारेन बफे की कंपनी बर्कशायर हैथवे ने Paytm की पैरेंट कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस में 2500 करोड़ रुपए (35.60 करोड़ डॉलर) में 4 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है।

 

हाल में ही वारेन बफे ने खरीदी हिस्सेदारी

 

 

वारेन बफे का किसी भी भारतीय स्टार्टअप कंपनी में यह पहला इन्वेस्टमेंट है। यह विजय शेखर शर्मा की कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है क्योंकि वारेन बफे सीधे तौर पर पहली बार किसी भारतीय कंपनी में हिस्सा खरीद रहे हैं। वन 97 कम्युनिकेशंस के एमडी विजय शेखर शर्मा देश के ऐसे अरबपति हैं जिन्हें परिवार से विरासत में बड़ा कारोबार नहीं मिला लेकिन अपनी मेहनत और आइडिया के दम पर अरबों का कारोबार खड़ा कर दिया।

 

 

छोटे शहर में बीता बचपन

 

 

वन 97 कम्युनिकेशंस के एमडी विजय शेखर शर्मा का अलीगढ़ के छोटे से शहर में बचपन बिता है। वह अलीगढ़ के एक मिडिल क्लास परिवार से हैं। पेटीएम के एमडी विजय शेखर शर्मा उनकी मां हाउसवाइफ और पिता स्कूल टीचर थे। शर्मा ने अपनी 12वीं क्लास 14 साल की उम्र में ही पास कर ली थी। उन्हें इंजीनियरिंग में दाखिला लेने के लिए कई साल इंतजार करना पड़ा क्योंकि उनकी उम्र कम थी।

 

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नहीं बोल पाते थे अंग्रेजी

 

स्कूल की पढ़ाई करने क बाद उन्होंने दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में दाखिला लिया। हिंदी मीडयम से पढ़ाई होने के कारण वह इंगलिश में कमजोर थे क्योंकि उन्होंने ज्यादातर पढ़ाई हिंदी मीडियम में की थी। उनके लिए अंग्रेजी में एंट्रेस एग्जाम देना थोड़ा मुश्किल था लेकिन इसका भी हल उन्होंने निकाला। अपनी इस कमी पर काबू पाने के लिए वह एक ही किताब के हिंदी और इंग्लिश वर्जन लाते और साथ-साथ पढ़ते।

 

पहली कंपनी बनाई कॉलेज के दौरान..

 

उन्होंने अपनी पहली कॉलेज की पढ़ाई के दौरान ही बना ली थी। कंपनी एक्सएस कॉर्प्स कंपनी अपने दोस्त के साथ मिलकर बनाई। उनकी फर्म वेब के लिए कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम बनाती थी जिसे वह अपने हॉस्टल के कमरे से चलाते थे। तब हॉस्टल रूम उनका ऑफिस और दुकानदार का फोन लैंडलाइन नंबर होता था। उन्होंने पेटीएम शुरू करने से पहले एक्सएस और वन97 जैसी कंपनियां बनाई और अपनी सारी जमा पूंजी इसमें लगा दी। उनके पार्टनर उन्हें छोड़कर चले गए।

 

फिर बनाया पेटीएम..

 

मार्केट में स्मार्टफोन आए तो उन्होंने शॉपिंग वेबसाइट और रीचार्ज प्लेटफॉर्म के तौर पर पेटीएम शुरू की। अब पेटीएम मोबाइल वॉलेट के साथ बिलिंग पेमेंट प्लेटफॉर्म भी है। नोटबंदी का सबसे ज्यादा फायदा पेटीएम को मिला और इसने विजय शेखर को अरबपतियों की गितनी में शामिल कर दिया। अब दुनिया के सबसे बड़े इन्वेस्टर वारेन बुफे उनकी कंपनी में इन्वेस्ट कर रहे हैं।

 

आगे पढ़ें - नहीं मिली थी विरासत में दौलत..

नहीं मिली थी विरासत में दौलत

 

 

विजय शेखर शर्मा देश के ऐसे अरबपति हैं जिन्हें काफी मेहनत के बाद यह मुकाम मिला है। उन्होंने देश के टॉप 100 अमीर भारतीय की लिस्ट में जगह बनाई है।

 

 

विजय शेखर शर्मा, एमडी पेटीएम

 

 

इंडिया के अमीर लोगों में रैंकिंग – 99

 

 

नेटवर्थ – 1.47 अरब डॉलर

 

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