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10वीं ड्रॉपआउट ने अमेजन को लगाया 1.3 करोड़ का चूना, 5 महीने बाद खुली पोल

कर्नाटक के चिकमंगलूर के एक 25 वर्षीय 10वीं ड्रॉपआउट युवक ने ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन को 1.3 करोड़ का चूना लगाया है।

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नई दिल्‍ली. कर्नाटक के चिकमंगलुरु के एक 25 वर्षीय 10वीं ड्रॉपआउट युवक ने ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन को 1.3 करोड़ का चूना लगाया है। अमेजन को इस बात की जानकारी 5 महीने बाद लगी। दर्शन एलियास ध्रुव नामक यह युवक एक कुरियर कंपनी में काम करता था। दर्शन पर अमेजन द्वारा दिए गए टैब में छेड़छाड़ कर इस भुगतानों में हेराफेरी करने का आरोप है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दर्शन के साथ इस जालसाजी में उसके कुछ अन्‍य साथी भी शामिल थे। 

 

पुलिस के मुताबिक, धोखाधड़ी का यह मामला सितंबर 2017 और फरवरी 2018 के बीच सामने आया। इस अवधि में अमेजन को चिकमंगलुरु शहर से 4,604 ऑर्डर्स मिले। इन सभी प्रोक्‍ट्स की डिलीवरी दर्शन द्वारा की गई थी। 

 

कैसे लगाई चपत

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दर्शन चिकमंगलूर की एकदंत कोरियर कंपनी में काम करता था। एकदंत और अमेजन में प्रॉडक्‍ट्स की डिलीवरी और पेमेंट के लिए करार था। अमेजन की ओर से प्रोडक्‍ट की डिलीवरी और पेमेंट से जुड़ी जानकारियों के लिए डिलीवरी बॉय को एक टैब दिया जाता है। पुलिस का मानना है कि दर्शन ने इसी टैब में छेड़छाड़ कर कार्ड स्वाइप के लिए एक फर्जी पेमेंट अलर्ट तैयार किया था। इसके चलते ऑर्डर डिलीवर हो जाने पर अमेजन के पास पेमेंट हो जाने का फर्जी अलर्ट पहुंच जाता था और कंपनी को लगता था कि पेमेंट हो गई, जो वास्‍तव में नहीं होती थी। दर्शन ने अपने दोस्‍तों के जरिए महंगे प्रोडक्‍ट ऑर्डर किए और पेमेंट नहीं किया गया। 

 

आगे पढ़ें- कैसे खुली पोल 

कैसे खुली पोल

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चिकमंगलुरू पुलिस का कहना है कि अमेजन के अधिकारियों को तिमाही ऑडिट के दौरान ठगी के बारे में जानकारी हुई। यह ऑडिट फरवरी में हुआ था। उसके बाद 8 मार्च को अमेजन के सीनियर मैनेजर नवीन कुमार ने बसवनहल्ली थाने में दर्शन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। 

 

आगे पढ़ें- हुआ गिरफ्तार 

हो गया है गिरफ्तार 

इस मामले में पुलिस ने दर्शन समेत 4 युवकों को 25 लाख रुपये की कीमत के सामान के साथ गिरफ्तार किया गया है। इसमें 21 स्मार्टफोन, 1 लैपटॉप, एक आइपॉड, 1 एप्‍पल की घड़ी शामिल है। पुलिस ने 4 बाइक भी सीज की हैं। हालांकि अभी 2 आरोपी फरार हैं।

 

आगे पढ़ें- पुलिस कर रही पूरी जांच

टैब की करवाई जा रही जांच 

वैसे तो मामला अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है लेकिन पुलिस का कहना है कि हमें शक है कि दर्शन ने भुगतान प्रणाली के साथ छेड़छाड़ करके ही यह धोखाधड़ी की है। इसलिए कंपनी द्वारा दिए टैब को जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेज दिया गया है। इसके अलावा पुलिस को ऐसे ग्राहक भी मिले हैं, जो फर्जी पते से ऑर्डर कर रहे थे।

 

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