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Home » Industry » E-Commerce The reality of the appeal of the exclusion of Chinese goods in protest of the rescuing terrorist Masood is the same

मोबाइल, खिलौने ही नहीं, चीन की अलीबाबा कंपनी से भी भारतीय कर रहे जमकर खरीदारी 

आतंकी मसूद को बचाने वाले चीन के विरोध में चीनी सामान के बहिष्कार की अपील की हकीकत कुछ और ही

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नई दिल्ली. पाकिस्तान में पनाह लिए हुआ जैश ए मोहम्मद का आतंकी अजहर मसूद चीन की वजह से ही ग्लोबल आतंकी घोषित नहीं हो सका। पुलवामा हमले के इस आरोपी की चीन द्वारा की जा रही मदद से भारतीयों में नाराजगी भी है और कई व्यापारिक संगठनों ने चीनी सामान न खरीदने की अपील भी की है। लेकिन चीन की दिग्गज ई कामर्स कंपनी अलीबाबा  बिना किसी व्यापारिक चेन के भारत में जमकर व्यापार कर रही है। भारतीय सीधे इस ऑनलाइन कंपनी को खरीदारी के आर्डर दे रहे हैं। इसके चलते महज चार साल में देश में अलीबाबा के यूजर्स चार लाख से बढ़कर 45 लाख हो गए हैं। इसी तरह चीनी ई-टेलर क्लब फैक्ट्री के 57% ग्राहक भारत से हैं।

अलीबाबा को यह फायदा

कुछ समय पहले अलीबाबा डॉट कॉम के ग्लोबल बिजनेस डेवलपमेंट के प्रमुख टिमोथी ल्यूंग ने मीडिया से कहा था कि चीन के बाद भारत ही अलीबाबा डॉट कॉम के लिए सबसे जरूरी बाजार है। अलीबाबा अब भारत में लघु और मध्यम उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आईसीआईसीआई, कोटक महिंद्रा बैंक, क्रिसिल रेटिंग और टैली जैसी कई संस्थाओं के साथ काम रही है। विदेशी साइट्स से सामान मंगाने के पीछे एक कारण कम कीमतें भी हैं। भारतीय सेलर चीन से उत्पाद मंगाने पर उसमें अपनी मार्जिन, लॉजिस्टिक की लागत और टैक्स आदि जोड़ते हैं, जिससे कीमत बढ़ जाती है। इसके विपरीत चाइनीज सप्लायर प्रोडक्ट को सीधे ग्राहक तक भेज देते हैं, जिससे कस्टम ड्यूटी और शिपिंग चार्ज चुकाने के बाद भी कीमत ज्यादा नहीं बढ़ती है। 5 हजार से कम कीमत के सामान गिफ्ट की श्रेणी में आ जाते हैं, जिससे मौजूदा नियमों के तहत कस्टम ड्यूटी नहीं लगती है। 

विदेशी में सबसे बड़ा खिलाड़ी अलीबाबा 


देश में कुल ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले लोगों में करीब 80 फीसदी ग्राहक फ्लिपकार्ट और अमेजन के हैं। बाकी 20 फीसदी लोग डॉमेस्टिक और विदेशी वेबसाइट्स से शॉपिंग कर रहे हैं।  इसमें सबसे बड़ी खिलाड़ी अलीबाबा है। दुनिया के सबसे बड़े ई-रिटेलर अलीबाबा समूह की बिजनेस-टु-बिजनेस शाखा अलीबाबा डॉट कॉम की शुरुआत 1999 में हुई थी। भारत दुनिया में इसका दूसरा सबसे बड़ा मार्केट है। यह सप्लायर को खरीददार से जोड़कर लगभग हर तरह का व्यापार करती है। 

भारत में फिजिकल मौजूदगी नहीं 


देश में विदेशी वेबसाइट से सीधे सामान मंगाने का ट्रेंड बढ़ रहा है। खास बात यह है कि इन वेबसाइट्स की भारत में मौजूदगी नहीं है और ये विदेश से ही चलाई जा रही हैं। ऐसी वेबसाइट्स/एप्स भारतीय ई-कॉर्मस साइट्स को टक्कर देने लगी हैं। जहां पड़ोसी देश चीन की अलीबाबा अब भी पसंदीदा ई-कॉमर्स पोर्टल बनी हुई है, वहीं अब उन वेबसाइट्स से भी सामान सीधा भारत में डिलीवर हो रहा है, जिन्हें यूके और जापान जैसे देशों से चलाया जा रहा है। इन वेबसाइट्स में होबोनिची (जापान), ड्रेसलीमी डॉट कॉम और जेडी डॉट कॉम जैसी अन्य चाइनीज साइट्स शामिल हैं।

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