Home » Industry » E-CommerceIf you do yoga then Government will make a chance to earn

योग करते हैं तो सरकार देगी कमाने का मौका

आयुष मंत्रालय और पतंजलि योग पीठ के बीच योग को कमाई का साधन बनाने को लेकर हुई बैठक

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नई दिल्ली। अगर आप भी योग करते हैं तो यह खबर आपके लिए है। भारत सरकार योग करने वाले लोगों के लिए रोजगार का अवसर निकालने वाली हैं। हाल ही में नई दिल्ली में योग प्रमाणन बोर्ड की संचालन समिति की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में आयुष मंत्रालय में सचिव वैद्य राजेश कोटेचा और पतंजलि योग पीठ के अध्यक्ष स्वामी रामदेव ने भाग लिया। इस बैठक में योग को करियर के तौर पर बढावा देने का फैसला किया गया। बैठक में बोर्ड के निम्नलिखित मुख्य उद्देश्य थे।

1. समग्र स्वास्थ्य एवं मानव मूल्यों को बढ़ावा देने के उपाय के तौर पर योग को प्रोत्‍साहित करना।

2. करियर कौशल के तौर पर योग को बढ़ावा देना।
3. विभिन्‍न स्‍तरों पर योग पेशेवरों की दक्षता का आकलन एवं प्रमाणीकरण के लिए मानकों एवं मानदंडों को निर्धारित करना।
4. योग स्कूलों/संस्थानों/केंद्रों की दक्षता का आकलन एवं मान्‍यता देने के लिए मानकों एवं मानदंडों को निर्धारित करना।
5. पूरे भारत और विश्‍व में संचालित योग पाठ्यक्रमों में एकरूपता एवं मानक स्‍थापित करना।
6. योग को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग करना। 

 

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योग पेशेवर इन 6 चरणों में अपना करियर बना सकते हैं जो कि इस प्रकार हैं। 
1. योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षक- इस चरण में लोगों को पार्कों, सोसायटी और अन्य जगहों पर योग का सामान्य ज्ञान देने वाले पेशेवर आते हैं। जो लोगों का योग के प्रति रुझान बढ़ाते हैं ताकि लोग स्वस्थ जीवन जी सकें।

 

2. योग वेलनेस प्रशिक्षक- दूसरे चरण में ऐसे प्रशिक्षक आते हैं जो बीमारी की रोकथाम के लिए योग सिखाने और स्कूलों (प्राथमिक एवं माध्यमिक)/ योग केंद्रों/ संस्‍थानों में वेलनेस सुनिश्चित करने के लिए योग सीखाते हैं।

 

3. योग शिक्षक एवं मूल्‍यांकनकर्ता- योग में शैक्षणिक पाठयक्रमों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों में मास्‍टर प्रशिक्षक के तौर पर कार्य करना। वे मूल्‍यांकनकर्ता और योग पेशेवरों के आकलनकर्ता के तौर पर भी काम कर सकते हैं। कॉलेजों/ विश्वविद्यालयों/ उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ा भी सकते हैं।

 

4. योग मास्‍टर- चौथे चरण में  योग मास्टर आते हैं जो कि योग शैक्षणिक कार्यक्रमों एवं पाठ्यक्रमों और कुशल योग पेशेवरों के लिए मास्टर शिक्षक/ प्रशिक्षक के रूप में काम कर सकें। 

 

5. योग चिकित्‍सक- पांचवे चरण में प्रमाणित योग पेशेवर किसी मान्‍यता प्राप्‍त चिकित्सक या मान्‍यता प्राप्‍त योग सलाहकार के चिकित्सा पर्यवेक्षण के तहत काम कर सकते हैं।

 

6. योग सलाहकार- मान्‍यता प्राप्‍त योग सलाहकार बीमारियों के इलाज के लिए किसी चिकित्‍सा संस्‍थान अथवा स्‍वतंत्र रूप से प्रैक्टिस कर सकते हैं।

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इस योजना के तहत योग संस्‍थानों, स्‍कूलों को उनके परिचालन दायरा, क्षमता, अनुभव वर्ष आदि के आधार पर निम्‍नलिखित चार श्रेणियों में मान्‍यता देना है:

1.  अग्रणी योग संस्थानों को प्रत्‍यायन एवं मान्यता

2.  योग स्कूलों को मान्यता

3. योग प्रशिक्षण केंद्रों को मान्यता

4.  योग थेरेपी केंद्रों को मान्यता

 

इस बैठक में यह भी फैसला लिया गया है कि मान्यता प्राप्त अग्रणी योग संस्थान एवं मान्यता प्राप्त योग स्कूलों को वाईसीबी की देखरेख में योग पेशेवरों के आकलन के लिए अधिकार दिया जाएगा। भारत सरकार का आयुष मंत्रालय भी मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार एससी/ एसटी/ ओबीसी/ आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को शुल्क में रियायत देने का प्रावधान भी कर रहा है। इसके साथ ही वाईसीबी नामांकन, मूल्यांकन एवं प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को सुदृढ़ करने के लिए कुछ नई सुविधाएं भी शुरू कर रहा है। इनमें गतिशील वेबसाइट सह ईआरपी पैकेज भी शामिल है जिसमें ऑनलाइन केंद्रीकृत पंजीकरण, ऑनलाइन भुगतान गेटवे, परीक्षा कार्यक्रम के बारे में केंद्रीकृत जानकारी, ऑनलाइन कार्मिक प्रमाणन निकायों प्रबंधन मॉड्यूल, सुरक्षा सक्षम प्रमाणपत्र और आईडी कार्ड, परीक्षा केंद्रों के लिए सीसीटीवी कैमरा आदि के लिए मॉड्यूल होगा।

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