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Home » Industry » E-CommerceGovt to go tough on Chinese e-commerce sites sending goods as 'Gifts' in India

कारोबार के लिए चीन के नए पैंतरे पर सरकार चौकस, गिफ्ट के नाम पर व्यापार पर लगेगी रोक

साल में सिर्फ चार तोहफे भेजने की मिलेगी अनुमति

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नई दिल्ली.

भारत में अपना करोबार बढ़ाने की चीन की चाल को राेकने के लिए भारत सरकार मुस्तैद हो गई है। वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक सरकार ने तय किया है कि अब चीनी ई-कॉमर्स कंपनियों से भारत के कारोबारियों के पास आने वाले बड़े-बड़े तोहफों की जांच की जाएगी। दरअसल चीनी कंपनियां तोहफों की शक्ल में भारतीय कारोबारियों को सामान भेजती थीं, जिससे इन कंपनियों को कस्टम ड्यूटी न देनी पड़े। ऐसा इसलिए क्योंकि भारत सरकार ने विदेश से आने वाले पांच हजार रुपए तक के तोहफों को कस्टम ड्यूटी से बाहर रखा है। इस कानून को NRI लोगों के लिए बनाया गया था, ताकि वे अपने घरवालों को तोहफे भेज सकें। लेकिन लंबे समय से चीनी ई-कॉमर्स कंपनियां इस कानून का गलत फायदा उठा रही थीं।

 

ये था चीनी कंपनियाें का पैंतरा

चीनी कंपनियां अपना माल बेहद सस्ते दामों पर भारत में बेचती थीं, क्योंकि वे इसे गिफ्ट के तौर पर भेजती थीं। ऐसे में उन्हें कस्टम ड्यूटी नहीं पड़ती थी। इस वजह से भारतीय रिटेलर्स का सामान लोग कम खरीद रहे थे और चीनी कंपनियां मुनाफा काट रही थीं। इन साइट्स पर मिलने वाला सामान न सिर्फ भारतीय ई-कॉमर्स साइट्स से 50-60 फीसदी सस्ता है, बल्कि सरोजिनी नगर जैसे बाजारों की तुलना में भी काफी सस्ता रहता है।

 

साल में होगी सिर्फ चार तोहफे भेजने की अनुमति

इंपोर्टेड सामान पर कस्टम ड्यूटी लेने वाली India Post किसी एड्रेस पर साल में सिर्फ चार तोहफे भेजने की अनुमति दे सकती है। इसके साथ ही इंडिया पोस्ट 20 एक्सपोर्ट हब भी बनाएगा जिससे भारतीय रिटेलर्स को अपना सामान एक्सपोर्ट करने में आसानी हो।

 

आगे पढ़ेंएनआरआई डाटा चुराने का भी शक

 

 

एनआरआई डाटा चुराने का भी शक

कुछ समय पहले स्वदेशी जागरण मंच ने इस मामले में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय का ध्यान आकर्षित किया था। मंच के संयोजक अश्विनी महाजन का कहना था कि गिफ्ट अक्सर विदेश में रहने वाले भारतीय मूल के लोग भारत में अपने सगे-संबंधियों को भेजते हैं। यही वजह है कि गिफ्ट पर कस्टम ड्यूटी काफी कम लगती है या नहीं लगती है। चीनी इसका फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि चीन से गिफ्ट के माध्यम से कारोबार के लिए सामान भेजने के लिए गैर प्रवासी भारतीयों के नाम का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस बात की प्रबल आशंका है कि चीन के कारोबारियों ने इस काम के लिए भारतीय एनआरआई का डाटा चुराया है। इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी एक पत्र लिखा है। 

 
आगे पढ़ें- इन चीनी ई-कॉमर्स कंपनियों का नाम आया सामने

 

इन चीनी ई-कॉमर्स कंपनियों का नाम आया सामने

Shein, AliExpress, Romwe और Club Factory जैसी चीन की कई ई-कॉमर्स कंपनियां देश के फॉरेन ट्रेड (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशनएक्टका गलत फायदा उठा रही हैं। इस कानून के तहत विदेश से भारत में रहने वाले लाेगों के पास भेजे जाने वाले 5,000 रुपए की कीमत तक के तोहफों पर कस्टम व अन्य चार्ज नहीं लगता है। इतना ही नहीं इन आइटम्स पर कोई GST भी नहीं लगती है। कुछ दिन पहले खुलासा हुआ था कि इन साइ‌ट्स को रोजाना तकरीबन दो लाख ऑर्डर मिलते हैंजिन्हें तोहफों के तौर पर भारत में डिलीवर किया जाता है। यह ईकॉमर्स कंपनियां भारत में व्यापार इकाइयों की श्रेणी में रजिस्टर्ड नहीं हैं। इसलिए कोई शिकायत दर्ज करानेसामान को रिटर्न करने की प्रक्रिया काफी जटिल है। ऐसे में स्वदेशी जागरण मंच को आशंका है कि ये कंपनियां भारत में खतरनाकप्रतिबंधितअसुरक्षित और दोयम दर्जे का माल पहुंचा रही हैं।

 

 

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