Home » Industry » E-CommerceYour makeup may not be safe as companies using harmful chemicals in beauty products

कोमल चेहरे पर कहीं दाग न आ जाए, खतरनाक केमिकल से बने कॉस्मेटिक बिक रहे हैं ऑनलाइन बाजार में

सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन की हाल की छापेमारी में बड़ा खुलासा

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नई दिल्ली.

चेहरा गोरा और चमकदार बनाने से लेकर श्रृंगार के लिए कॉस्मेटिक्स खरीदने के लिए युवतियां और महिलाएं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को चुनती हैं। लेकिन यह खतरनाक साबित हो सकता है। अक्टूबर माह के पहले सप्ताह में कॉस्मेटिक्स बाजार में हुई छापेमारी में सामने आया कि ई-कॉमर्स कंपनियों के प्लेटफॉर्म पर खतरनाक केमिकल एवं प्रतिबंधित स्टेम सेल की मदद से तैयार कॉस्मेटिक्स बिना लाइसेंस के बेचे जा रहे हैं। यह छापेमारी सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (सीडीएससीओ) द्वारा की गई थी। 

 

कई कंपनियों को भेजा गया नोटिस

ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया डॉ.एस.ईश्वरा रेड्‌डी के मुताबिक कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्ड में ऐसे तत्वों और केमिकल का इस्तेमाल हो रहा है जो भारत सहित विश्व के कई देशों में प्रतिबंधित है। जिन कंपनियों में प्रोडक्ट तैयार करते समय लोगों की सेहत से जुड़े मापदंडों का पालन नहीं हो रहा है, ऐसी कंपनियों पर कार्रवाई की जा रही है। अमेजन, फ्लिपकार्ट और इंडिया मार्ट जैसी कंपनियों को नोटिस दिया गया है। इसके बाद ऑनलाइन बिजनेस करने वाली कुछ कंपनियों ने अपने 70 से 80 फीसदी कॉस्मेटिक्स को प्लेटफॉर्म से हटा लिया है। 


10 कंपनियों का पांच करोड़ से ज्यादा का कॉस्मेटिक्स जब्त

देश भर के 30 शहरों में छापेमारी की गई। इनमें सिर्फ 10 कंपनियों के ही पांच करोड़ 20 लाख रुपये के मिलावटी प्रोडक्ट को जब्त किए गए। सीडीएससीओ के मुताबिक नकली और मिलावटी कॉस्मेटिक्स का हजारों करोड़ का कारोबार है, जिसे खत्म करने के लिए बड़े स्तर पर योजना तैयार की जा रही है।

 

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देश में बड़ा बाजार

भारत में 70 हजार करोड़ रुपये का सालाना कॉस्मेटिक्स बाजार है जिसमें करीब 15 हजार करोड़ रुपये की खरीद ई-प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जा रही है। करीब 25 फीसदी महिलाएं कॉस्मेटिक्स की खरीद के लिए ई-प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करती हैं, जिसमें ज्यादातर प्रोडक्ट मंहगे और विदेशी हाेते हैं। रेडसीर कंसलटिंग एजेंसी के अनुसार वर्ष-2025 तक भारत में कॉस्मेटिक्स प्रोडक्ट का बाजार करीब एक लाख 40 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

 

कॉस्मेटिक्स जिसमें मिलावाट

आई पेंसिल, ब्रो पेंसिल, लिपस्टिक, लिप प्लंपर, लिक्विड फाउंडेशन, एंटी हेयर लॉस सॉल्यूशन, एंटी ऑक्सीडेंट बॉडी हर्बल लोशन, हाई लाइटर, आई मेकिंग रिमूवल, फेस मसाज क्रीम, बॉडी लोशन, स्किन टाइटनिंग सिरम में मिलावट पाई गई।

 

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इस तरह के प्रतिबंधित केमिकल से तैयार हो रहा कॉस्मेटिक्स  

स्टेम सेल से बनी क्रीम, ओरल ग्लटेथिओन (इसका इस्तेमाल कैंसर के मरीज, मोतियाबिंद, अस्थमा, हृदय रोगयों के लिए होता है), बोट्यूलिनम टॉक्सीन इंजेक्शन (इसका इस्तेमाल अनियंत्रित मांसपेशियों के संकुचन को दूर करने, अत्यंत पसीना आने सहित कुछ अन्य परेशानियों में होता है), कोलेजन पाइर्यूवेट (शरीर में प्रोटीन की कमी को दूर करने)। सीडीएससीओ से मिली जानकारी के अनुसार जो कॉस्मेटिक्स प्रोडक्ट बाजार में उपलब्ध है उसमें कइयों में खास कर मंहगे प्रोडक्ट्स में प्रतिबंधित स्टेम सेल, ट्राईक्लोरिक एसिटिक एसिड से लेकर दूसरे खतरनाक केमिकल्स मिलाए जा रहे हैं जिसका भारत सहित दुनिया के कई देशों में इस्तेमाल पर प्रतिबंध है। 

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