Home » Industry » E-CommerceChinese e-commerce companies may be misusing India's Foreign Trade Act

चीन से भारत आ रहे हैं रोजाना 2 लाख गिफ्ट, कारोबार का नया पैंतरा

गिफ्ट के नाम पर सामान मंगाने पर बचता है टैक्स

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प्रतिभा सिंह

क्या हिन्दी-चीनी भाई-भाई हो गए हैं, क्योंकि इन दिनों चीन से भारत के लोगों के लिए रोजाना 2 लाख गिफ्ट आ रहे हैं। ये गिफ्ट कूरियर के माध्यम से आ रहे हैं। हर कूरियर में बड़े-बड़े आइटम होते हैं जो चीन के अलग-अलग प्रांतों से भेजे जाते हैं। असल में, यह चीन का भारत के लिए प्यार नहीं है बल्कि उनका कारोबार है। चीन ने भारत में माल भेजने का नया पैंतरा अपनाया है ताकि शिपमेंट में होने वाले तमाम झंझटों से बचते हुए भारत के बाजार में उनका सामान पहुंच जाए। ये सामान भारत के कारोबारियों को उनके आॅर्डर पर भेजे जा रहे हैं। गिफ्ट के नाम पर माल आने से कस्टम ड्यूटी भी नाममात्र की लगती है जिससे माल आने की लागत भी कम हो जाती है और सामान भी आसानी से भारतीय बाजार में पहुंच जाता है।

 

एनआरआई का डाटा चुराने की आशंका

स्वदेशी जागरण मंच की तरफ से इस मामले में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय का ध्यान आकर्षित किया गया है। मंच के संयोजक अश्विनी महाजन ने मनी भास्कर को बताया कि गिफ्ट अक्सर विदेश में रहने वाले भारतीय मूल के लोग भारत में अपने सगे-संबंधियों को भेजते हैं। यही वजह है कि गिफ्ट पर कस्टम ड्यूटी काफी कम लगती है या नहीं लगती है। चीनी इसका फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि चीन से गिफ्ट के माध्यम से कारोबार के लिए सामान भेजने के लिए गैर प्रवासी भारतीयों के नाम का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस बात की प्रबल आशंका है कि चीन के कारोबारियों ने इस काम के लिए भारतीय एनआरआई का डाटा चुराया है। महाजन जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस गंभीर बात की जांच करने की मांग करने जा रहे हैं।

 

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इन चीनी ई-कॉमर्स कंपनियों का नाम आया सामने

स्वदेशी जागरण मंच के मुताबिक Shein, AliExpress और Club Factory जैसी चीन की कई ई-कॉमर्स कंपनियां देश के फॉरेन ट्रेड (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशनएक्टका गलत फायदा उठा रही हैं। इस कानून के तहत विदेश से भारत में रहने वाले लाेगों के पास भेजे जाने वाले 5,000 रुपए की कीमत तक के तोहफों पर कस्टम व अन्य चार्ज नहीं लगता है। इतना ही नहीं इन आइटम्स पर कोई GST भी नहीं लगती है।

 

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भारत में रजिस्टर्ड नहीं हैं ये साइट्स

इन प्रोडक्ट्स को बेचने वाली यह ई-कॉमर्स कंपनियां भारत में व्यापार इकाइयों की श्रेणी में रजिस्टर्ड नहीं हैं। इसलिए कोई शिकायत दर्ज कराने और सामान को रिटर्न करने की प्रक्रिया काफी जटिल है। ऐसे में स्वदेशी जागरण मंच को आशंका है कि ये कंपनियां भारत में खतरनाकप्रतिबंधितअसुरक्षित और दोयम दर्जे का माल पहुंचा रही हैं। यही वजह है कि यह मंच मांग कर रहा है कि चीन से भारत आने वाले सभी सामान पर कस्टम ड्यूटी लगाई जाए और जब तक ऐसा नहीं होता है तब तक चीन से आने वाले सभी पोस्टल शिपमेंट को रोक दिया जाए। जो चीनी कंपनियां भारत में रजिस्टर्ड नहीं हैंउनके ऐप डाउनलोड पर रोक लगा दी जाए और पमेंट गेटवे को भी बंद कर दिया जाए।

 
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