चीन से भारत आ रहे हैं रोजाना 2 लाख गिफ्ट, कारोबार का नया पैंतरा

क्या हिन्दी-चीनी भाई-भाई हो गए हैंक्योंकि इन दिनों चीन से भारत के लोगों के लिए रोजाना लाख गिफ्ट आ रहे हैं। ये गिफ्ट कूरियर के माध्यम से आ रहे हैं। हर कूरियर में बड़े-बड़े आइटम होते हैं जो चीन के अलग-अलग प्रांतों से भेजे जाते हैं। असल मेंयह चीन का भारत के लिए प्यार नहीं है बल्कि उनका कारोबार है। चीन ने भारत में माल भेजने का नया पैंतरा अपनाया है ताकि शिपमेंट में होने वाले तमाम झंझटों से बचते हुए भारत के बाजार में उनका सामान पहुंच जाए। ये सामान भारत के कारोबारियों को उनके आॅर्डर पर भेजे जा रहे हैं। गिफ्ट के नाम पर माल आने से कस्टम ड्यूटी भी नाममात्र की लगती है जिससे माल आने की लागत भी कम हो जाती है और सामान भी आसानी से भारतीय बाजार में पहुंच जाता है।

Money Bhaskar

Dec 05,2018 05:07:00 PM IST

प्रतिभा सिंह

क्या हिन्दी-चीनी भाई-भाई हो गए हैं, क्योंकि इन दिनों चीन से भारत के लोगों के लिए रोजाना 2 लाख गिफ्ट आ रहे हैं। ये गिफ्ट कूरियर के माध्यम से आ रहे हैं। हर कूरियर में बड़े-बड़े आइटम होते हैं जो चीन के अलग-अलग प्रांतों से भेजे जाते हैं। असल में, यह चीन का भारत के लिए प्यार नहीं है बल्कि उनका कारोबार है। चीन ने भारत में माल भेजने का नया पैंतरा अपनाया है ताकि शिपमेंट में होने वाले तमाम झंझटों से बचते हुए भारत के बाजार में उनका सामान पहुंच जाए। ये सामान भारत के कारोबारियों को उनके आॅर्डर पर भेजे जा रहे हैं। गिफ्ट के नाम पर माल आने से कस्टम ड्यूटी भी नाममात्र की लगती है जिससे माल आने की लागत भी कम हो जाती है और सामान भी आसानी से भारतीय बाजार में पहुंच जाता है।

एनआरआई का डाटा चुराने की आशंका

स्वदेशी जागरण मंच की तरफ से इस मामले में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय का ध्यान आकर्षित किया गया है। मंच के संयोजक अश्विनी महाजन ने मनी भास्कर को बताया कि गिफ्ट अक्सर विदेश में रहने वाले भारतीय मूल के लोग भारत में अपने सगे-संबंधियों को भेजते हैं। यही वजह है कि गिफ्ट पर कस्टम ड्यूटी काफी कम लगती है या नहीं लगती है। चीनी इसका फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि चीन से गिफ्ट के माध्यम से कारोबार के लिए सामान भेजने के लिए गैर प्रवासी भारतीयों के नाम का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस बात की प्रबल आशंका है कि चीन के कारोबारियों ने इस काम के लिए भारतीय एनआरआई का डाटा चुराया है। महाजन जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस गंभीर बात की जांच करने की मांग करने जा रहे हैं।

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