उद्घाटन के लिए तैयार Statue Of Unity, जानें ऑनलाइन बुकिंग का प्रॉसेस

statue of unity statue of unity
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how to book statue of unity tickets online: अगर आप भी दुनिया की इस सबसे ऊंचे स्टैच्यू को देखना चाहते हैं तो आपको इसके लिए टिकट बुक करानी पड़ेगी। आप इसकी टिकट ऑनलाइन भी बुक करा सकते हैं।

Money Bhaskar

Oct 29,2018 06:16:00 PM IST

सूरत। गुजरात के सूरत में 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल के स्टैच्यू का उद्घाटन किया जाएगा। सरदार वल्लभ भाई पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति है। न सिर्फ यह दुनिया का सबसे ऊंचा स्टैच्यू है, बल्कि यह सबसे तेजी से तैयार होने वाली मूर्ति भी है। अगर आप भी दुनिया की इस सबसे ऊंचे स्टैच्यू को देखना चाहते हैं तो आपको इसके लिए टिकट की जरूरत पड़ेगी। आप इसकी टिकट ऑनलाइन भी बुक करा सकते हैं। सरदार वल्लभ भाई पटेल के स्टैच्यू को देखने के लिए 3 से 15 साल तक के बच्चों को 60 रुपए एंट्री फीस देने होगी, वहीं व्यस्कों को इसे देखने के लिए 120 रुपए एंट्री फीस देनी होगी। जबकि स्टैच्यू के पास बने म्यूजियम, वैली ऑफ फ्लावर को देखने के लिए 3 से 15 साल तक के बच्चों की फीस 350 रुपए होगी जबकि व्यस्कों के लिए भी यह टिकट 350 रुपए का ही है।

ऑनलाइन भी करा सकते हैं टिकट बुक
स्टैच्यू तक पहुंचने के लिए पर्यटकों को बस लेनी पड़ेगी जिसका किराया मात्र 30 रुपए होगी। यदि पर्यटकों ने आब्ज़र्वेशन टिकट बुक कराई है तो अलग से बस टिकट बुका कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देखने के लिए टिकट ऑनलाइन बुक कराई जा सकती है. इसके लिए आपको https://www.statueofunity.in/ पर आॅनलाइन टिकट सेगमेंट में जाना होगा। यह सिर्फ 33 महीने में बनकर तैयार हो गई, जबकि चीन के स्प्रिंग टेंपल बुद्ध (Spring Temple Buddha) को तैयार होने में पूरे 11 साल लगे थे। इसकी ऊंचाई भी सिर्फ 153 मीटर है, जबकि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की ऊंचाई 182 मीटर है। न्यूयॉर्क के स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी की ऊंचाई भी इसकी महज आधी है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी 2,989 करोड़ रुपए की लागत में बनकर तैयार हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अक्टूबर को इसका उद्घाटन करेंगे।

आगे पढ़ें- एक बड़ी पहेली जैसे जुड़े स्टैच्यू के टुकड़े

एक बड़ी पहेली जैसे जुड़े स्टैच्यू के टुकड़े स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मुकेश एस रावल ने बताया कि इस मूर्ति को बनाने वाले मूर्तिकार राम वी सुतार ने उन्हें सरदार पटेल की 30 फीट ऊंची कांस की मूर्ति बनाकर दी जिसके बाद उस मू्र्ति को स्कैन करके इलेक्ट्रॉनिक डाटा में बदला गया और 182 मीटर ऊंचे स्टैच्यू के लिए डाटा ग्रिड तैयार किया गया। फिर इस डाटा के आधार पर कांसे के खांचे तैयार किए गए। इस मूर्ति को यह रूप देने के लिए हजारों टुकड़ों को एक साथ जोड़ा गया ठीक किसी जिगसॉ पजल की तरह। आगे पढ़ें- इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना है स्टैच्यू ऑफ यूनिटीइंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना है स्टैच्यू ऑफ यूनिटी इसे बनाने में 1,80,000 क्युबिक मीटर सीमेंट कंक्रीट, 18500 टन स्टील मजबूती देने के लिए और 6500 टन स्टील स्ट्रक्चर्ड स्टील का इस्तेमाल हुआ। 1700 टन कांसा आैर 1850 टन कांसे के आवरण भी इसमें लगे। सबसे बड़ी चुनौती थी इस मूर्ति में सरदार पटेल को जीवंत रूप में दर्शाना था। सरदार पटेल की स्थिर नहीं बल्कि चलती हुई मुद्रा में स्टैच्यू बनाया गया है, लिहाजा दोनों पैरों के बीच में दूरी बनाके इतनी बड़ी मूर्ति तैयार करना आसान नहीं था। यह स्टैच्यू 180 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवा में भी स्थिर खड़ा रहेगा। यह 6.5 तीव्रता के भूकंप को भी सह सकता है।
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