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साइरस मिस्त्री को झटका, ट्रिब्यूनल ने खारिज की याचिका

साइरस मिस्त्री  को झटका, ट्रिब्यूनल ने खारिज की याचिका
मुंबई।नेशनल कंपनी लॉ ट्रि‍ब्‍यूनल (एनसीएलटी) ने साइरस मिस्‍त्री को बड़ा झटका दिया है। ट्रिब्‍यूनल ने मिस्‍त्री की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें टाटा संस के कानून के तहत 10 फीसद शेयरहोल्डिंग के पात्रता मानदंड में छूट की मांग की गई थी। वहीं टाटा संस ने एनसीएलटी के इस फैसले का स्‍वागत किया है। 
 
मि‍स्‍त्री की हि‍स्‍सेदारी कम
 
मिस्त्री फैमि‍ली की सभी कंपनियों को मिलाकर टाटा संस में होल्डिंग 18.4 फीसदी है। मि‍स्‍त्री के पास केवल 3 फीसदी हि‍स्‍सा है। वहीं, रतन टाटा के कंट्रोल वाले चैरिटेबल इंस्टीट्यूशंस के ग्रुप, टाटा ट्रस्ट्स के पास 66 फीसदी हि‍स्‍सेदारी है। बाकी की हिस्सेदारी टाटा ग्रुप की कंपनियों और रतन टाटा सहित टाटा फैमिली के कुछ सदस्‍यों के पास है।
 
कब क्‍या हुआ
 
20 दि‍संबर 2016 : मि‍स्‍त्री की कंपनि‍यों ने एनसीएलटी में टाटा संस के खि‍लाफ माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स को दबाने का आरोप लगाया।
22 दि‍संबर 2016 : एनसीएलटी ने मि‍स्‍त्री को अंतरि‍म राहत देने से इनकार करते हुए सबूत मांगा।
11 जनवरी 2017 : मि‍स्‍त्री ने कोर्ट की अवमानना वाली याचि‍का दायर करते हुए कहा कि‍ टाटा संस उनको बोर्ड से नहीं हटा सकती।
18 जनवरी 2017 : एनसीएलटी ने मि‍स्‍त्री की याचि‍का को खारि‍ज कर दि‍या।
2 फरवरी 2017 : बोर्ड सीट को बचाने के लि‍ए मि‍स्‍त्री एनसीएलटी गए।
3 फरवरी 2017 : एनसीएलटी ने याचि‍का को खारि‍ज कि‍या। 
 

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