विज्ञापन
Home » Industry » CompaniesSummer job for three months, one million people need for economic survey

मनी भास्कर खास / तीन माह के लिए समर जॉब, आर्थिक सर्वे के लिए एक लाख लोगों की जरूरत

एक घर का सर्वे करने पर 10 रुपए तो दुकान का करने पर मिलेंगे 20 रुपए

Summer job for three months, one million people need for economic survey
  • सर्वे के लिए मोबाइल फोन ऐप का होगा इस्तेमाल
  • सर्वे के लिए कुल 9 लाख प्रगणक की जरूरत, 8 लाख प्रगणकों के चयन का काम पूरा
  • कॉमन सर्विस सेंटर के वीएलई से इच्छुक उम्मीदवार कर सकते हैं संपर्क

मनी भास्कर नई दिल्ली। देश का 7वां आर्थिक सर्वे एक जून से आरंभ होने जा रहा है। इस काम के लिए 3 लाख सुपरवाइजर और 9 लाख इन्यूमिरेटर्स (प्रगणक) की आवश्यकता है।  इस काम की जिम्मेदारी आईटी मंत्रालय के अधीनस्थ कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) को दी गई है।  सीएससी के सीईओ दिनेश त्यागी ने मनी भास्कर को बताया कि आर्थिक सर्वे का काम तीन माह तक चलेगा। इस काम में सीएससी के लिए पहले से काम कर रहे 3 लाख विलेज लेवल इंट्रेप्रेन्योर (वीएलई) सुपरवाइजर की भूमिका निभाएंगे। वहीं 9 लाख प्रगणक उनकी देखरेख में घर-घर सर्वे का काम करेंगे। उन्होंने बताया कि 9 लाख प्रगणक में से 8 लाख प्रगणक को हमने तीन माह के लिए रख लिया है। अभी एक लाख प्रगणक और रखे जाएंगे। त्यागी ने बताया कि जो कोई उम्मीदवार इस काम को करना चाहता है कि वह अपने इलाके के वीएलई से संपर्क कर सकता है। इस काम के लिए बेसिक शैक्षणिक योग्यता की जरूरत है।

त्यागी ने बताया कि प्रगणकों को सर्वे के काम के आधार पर भुगतान किया जाएगा। एक आवासीय यूनिट यानी कि एक घर का सर्वे करने पर उन्हें 10 रुपए मिलेंगे। अगर वह यूनिट आवासीय के साथ कमर्शियल भी है तो 16 रुपए मिलेंगे। एक कमर्शियल यूनिट का सर्वे करने पर 20 रुपए मिलेंगे। जानकारों के मुताबिक एक दिन में आसानी से 20-25 यूनिट का सर्वे किया जा सकता है।


सर्वे के लिए मोबाइल फोन ऐप का होगा इस्तेमाल

सर्वे का काम मोबाइल फोन एप्लीकेशन के लिए जरिए किया जाएगा। ताकि सर्वे को फीड करने एवं निश्चित समय सीमा के भीतर सटीक रिजल्ट दिया जा सके। मोबाइल ऐप में ही सर्वे से जुड़े कई प्रकार के सवाल होंगे। त्यागी ने बताया कि सुपरवाइजर एवं काम के लिए तैयार हो चुके प्रगणकों की ट्रेनिंग शुरू हो चुकी है। उन्होंने बताया कि 12 लाख लोगों को प्रशिक्षित करने का काम शुरू हो चुका है और प्रशिक्षण का काम इस माह में पूरा हो जाएगा। सर्वे के अंतर्गत सभी प्रकार के बिजनेस को शामिल किया गया है ताकि असंगठित क्षेत्रों की पूरी तस्वीर आ सके। सरकार असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले कामगारों का भी सर्वे एवं रजिस्ट्रेशन करने जा रही है। ताकि उन्हें आधार की तरह एक यूनिक नंबर दिया जा सके। इस नंबर के जरिए वे सरकार की तरफ से मिलने वाली सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन