• Home
  • Solar microgrid will bring electricity to every home says Tata Power

निवेश /सोलर माइक्रोग्रिड से हर घर पहुंचेगी बिजली : प्रवीर सिंहा

  • सोलर माइक्रोग्रिड एक नवोन्मेष है, जो भारत के सुदूर इलाकों को स्वच्छ ऊर्जा के साथ बिजली दे सकता है। 

Moneybhaskar.com

Feb 28,2020 12:42:44 PM IST

नई दिल्ली. टाटा मोटर्स (Tata Motors) की तरफ से स्वच्छ ऊर्जा की ज़रूरतों पर ध्यान दिया जा रहा है। मौजूदा वक्त में विश्व में 800 मिलियन से अधिक लोग या हर सात में से एक व्‍यक्ति के पास बिजली नहीं है और कई मिलियन लोगों के पास बिजली का विश्वसनीय स्रोत नहीं है। बिजली तक पहुंच की कमी एक गंभीर चुनौती है, भारत जैसे विकासशील देशों में यह समस्‍या ज्‍यादा मौजूद है।

बिजली तक दुनिया की पहुंच प्रदान करने में वास्तविक चुनौती अर्थशास्त्र से जुड़ी

टाटा पावर के सीईओ और एमडी प्रवीर सिंहा ने कहा कि बिजली तक दुनिया की पहुंच प्रदान करने में वास्तविक चुनौती अर्थशास्त्र से जुड़ी है। आपूर्ति और मांग, दोनों में चुनौती है, जिसे समझना जरूरी है और रोचक बात यह है कि यह दोनों भी जुड़े हुए हैं। आज इसके लिए बड़े पावर प्लांट्स और ट्रांसमिशन ग्रिड्स बनाए जाते हैं, जो सब-स्टेशंस तक पहुंचने से पहले कई सौ किलोमीटर चलते हैं और फिर अंतिम मील के कनेक्शन दिए जाते हैं, जो घरों, स्कूलों, अस्पतालों और कारखानों में बिजली पहुंचाते हैं।

सामान्य सोलर माइक्रो-ग्रिड्स में फोटोवोल्टिक (पीवी) सेल्स की एक श्रृंखला होती है

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद सात दशक से अधिक का समय बीत जाने और पहले विद्युत संयंत्र की शुरूआत के एक सदी बाद अब हम उस समाधान तक पहुंचे हैं, जो इस स्थिति को बदल सकता है और वह है सोलर माइक्रोग्रिड। सामान्य सोलर माइक्रो-ग्रिड्स में फोटोवोल्टिक (पीवी) सेल्स की एक श्रृंखला होती है, जो बिजली उत्पन्न करती है और उसे पावर कंडीशनिंग यूनिट (पीसीयू) नामक एक केन्द्रीय नियंत्रक में संवहित करती है। फिर पीसीयू बिजली को सीधे घरों, दुकानों, कार्यालयों, स्ट्रीट लाइट्स, आदि तक पहुँचाता है। दिन के समय यदि उत्पन्न बिजली का उपयोग नहीं होता है या सरप्लस बिजली उत्पन्न होती है, तो पीसीयू इसे बैटरी बैंक में भेज देता है, जहाँ इसे स्टोर किया जाता है। फिर इस बिजली का उपयोग सूर्यास्त के बाद किया जाता है। हालांकि, सोलर माइक्रो-ग्रिड्स से जुड़ी कई बातें और हैं। कई प्रकार की टेक्नोलॉजीज, भागीदारों और समर्पित टीम के जमीनी स्तर पर काम करने से यह संभव हुआ है। इस समाधान का केंद्र है आरईएम, यानि रेफरेन्स इलेक्ट्रिफिकेशन मॉडल।

सौर विद्युत के मामले में प्राप्त धूप, ग्रिड की पहुँच, बिजली की मांग

आरईएम स्थान, सौर विद्युत के मामले में प्राप्त धूप, ग्रिड की पहुँच, बिजली की मांग (जनसंख्या और उपयोग के आधार पर), ईंधन की लागत, आदि के आधार पर दिये गये क्षेत्र के लिये सर्वश्रेष्ठ विद्युतीकरण समाधान खोजने में मदद करता है। आरईएम का उपयोग एकल प्रणाली से बड़ी और छोटी, दोनों तरह की परियोजनाओं में हो सकता है। तकनीकी, आर्थिक और बाजार के डाटा को संलग्न कर आरईएम विभिन्न परिदृश्य बनाने में मदद करता है, ताकि योजना की अवस्था में ही विद्युतीकरण परियोजना के लिये इष्टतम समाधान सुनिश्चित हो सके। इस टूल को अब ऑप्टिमाइज्ड कॉस्ट ऑफ इलेक्ट्रिफिकेशन मॉडल या ओसीईएम (ऑसम) कहा जाता है। हम इसका उपयोग भारत में माइक्रोग्रिड्स के लिये तो कर ही रहे हैं, लेकिन इसका उपयोग अफ्रीका के रवांडा और मोज़ाम्बिक देशों में भी हो रहा है। माइक्रोग्रिड के विकास के दौरान यह हमारा पहला नवाचार और टेक्नोलॉजी इनोवेशन था। माइक्रोग्रिड की यात्रा इन्‍हीं चुनौतियों, नवोन्मेष और नए समाधानों से होकर गुजरी है।

माइक्रोगिड मॉडल की संभावित सफलता

भारत जैसे जटिल और परतों वाले बाजारों को सफलतापूर्वक इलेक्ट्रिफाई करने के सोलर माइक्रोग्रिड मॉडल की संभावित सफलता के कुछ कारक हैं। आज निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के कई पृथक संस्थान अत्यंत जटिल सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों को हल करने के लिये एक साथ आ रहे हैं। माइक्रोग्रिड मॉडल को तीन चुनौतियों का सामना करना पड़ा- प्रतिबंधित बैटरी टेक्नोलॉजीज, प्रदूषण करने वाले डीजल जनरेटर्स (डीजी) पर निर्भरता और उपभोक्ताओं का खर्च। सही शोध और प्रयोगों के बाद आज हमारे पास कम लागत वाली बैटरी टेक्नोलॉजी, बायोमास-आधारित जनरेटर्स से रिप्‍लेस किये गये डीजी तथा ऐसे उपभोक्ता उपकरण हैं, जो अब तक की उपलब्धता की तुलना में 10 गुना अधिक क्षमतावान हैं।

X

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.