बिग डील /जिस कंपनी के मुरीद थे राजा-महाराजा, उस पर आया अंबानी का दिल, बेचती है खिलौने

  • ईस्ट इंडिया कंपनी के जमाने की है हैमलीज
  • सऊदी फैमिली रही है इसके खिलौनों की मुरीद

moneybhaskar

Apr 17,2019 03:18:37 PM IST


नई दिल्ली. 259 साल पुरानी अंग्रेजों की इस कंपनी के दुनिया भर की रॉयल फैमिलीज भी मुरीद हैं। ब्रिटेन का गौरव मानी जाने वाली ईस्ट इंडिया कंपनी के जमाने की यह कंपनी का मालिकाना हक जल्द ही एक भारतीय के हाथों में आ सकता है। हम ब्रिटेन की लग्जरी यानी महंगे खिलौने बनाने वाली कंपनी हैमलीज (Hamleys) की बात कर रहे हैं, जिसे खरीदने के लिए मुकेश अंबानी की बातचीत काफी एडवांस स्टेज में पहुंच चुकी है।

ग्लोबल मार्केट में बढ़ेगी रिलायंस रिटेल की पैठ

मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन की इस कंपनी का स्वामित्व इस समय एक चीनी कंपनी के पास है और भारत के सबसे अमीर शख्स की कंपनी रिलायंस रिटेल (Reliance Retail) इसे खरीदने की तैयारी में है। लंदन की रीजेंट स्ट्रीट (Regent Street) में अपना फ्लैगशिप स्टोर चलाने वाली कंपनी को खरीदकर रिलायंस रिटेल (Reliance Retail) ग्लोबल मार्केट में अपनी पैठ मजबूत कर सकती है। हैमलीज (Hamleys) अगले एक दशक में सालाना 30 फीसदी ग्रोथ के टारगेट पर काम कर रही है।

एडवांस स्टेज में पहुंची बातचीत

रिलायंस रिटेल (Reliance Retail) इस समय भारत की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी है। इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने कहा, ‘इस कंपनी को खरीदने के लिए बातचीत एडवांस स्टेज में पहुंच चुकी है। रिलायंस रिटेल, हैमलीज (Hamleys) को खरीदने के लिए खासी उत्साहित है।’

259 साल पुरानी कंपनी है हैमलीज (Hamleys)

हैमलीज की शुरुआत वर्ष 1760 में लंदन में हुई थी। उस वक्त सऊदी अरब के किंग सहित कई रॉयल फैमिली इसकी मुरीद थीं और उसके भरोसेमंद कस्टमर्स में शामिल थीं। हालांकि हाल के वर्षों में कंपनी ब्रेक्जिट और यूके कंज्यूमर कॉन्फिडेंस में सुस्ती सहित कई चुनौतियों का सामना कर रही है। कंपनी को वर्ष 2017 में 1.2 करोड़ पाउंड का नुकसान हुआ था और उसका सालाना रेवेन्यू 2.5 फीसदी घटकर 6.63 करोड़ पाउंड रह गया था। इसके बावजूद दुनिया के 11 अरब डॉलर के टॉय मार्केट में हैमलीज का दबदबा है। हैमलीज की कॉम्पिटीटर्स में टारगेट, वालमार्ट, अमेजन और कोह्ल जैसी कंपनियां शामिल हैं।

मजबूत होगा रिलायंस का पोर्टफोलियो

एक सूत्र ने कहा कि अगर यह अधिग्रहण सफल रहता है तो रिलायंस रिटेल के पोर्टफोलियो को खासी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘रिलायंस रिटेल को इस डील से हैमलीज के बिजनेस के साथ उसके सप्लाई चेन मैनेजमेंट और मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क सहित कई क्षमताएं हासिल होंगी।’ इस संबंध में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। एक अन्य सूत्र के मुताबिक, ‘हैमलीज के भारत में फिलहाल 50 स्टोर हैं, जिसकी संख्या अगले तीन साल में बढ़ाकर 200 करने की योजना है।’

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