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रामदेव ने MNCs के खिलाफ खोला मोर्चा, मोदी के मेक इन इंडिया को झटका

रामदेव ने मल्टीनेशनल कंपनियों के खिलाफ चलाया कैंपेन। रामदेव ने मल्टीनेशनल कंपनियों के खिलाफ चलाया कैंपेन।
ऐड एक्सपर्ट का कहना है कि बार-बार इस तरह के कैंपेन से नहीं होगा बेनेफिट। ऐड एक्सपर्ट का कहना है कि बार-बार इस तरह के कैंपेन से नहीं होगा बेनेफिट।
मल्टीनेशनल कंपनियों ने कमेंट देने से इंकार किया। मल्टीनेशनल कंपनियों ने कमेंट देने से इंकार किया।

सुशील त्रिपाठी

Aug 12,2016 12:04:00 AM IST
नई दिल्ली। योग गुरु रामदेव एफएमसीजी सेक्टर में कारोबार बढ़ाने की होड़ में मल्टीनेशनल कंपनियों (एमएनसी) के खिलाफ अटैकिंग मोड में हैं। उनकी कंपनी पतंजलि ने इसके लिए एक एड कैंपेन लॉन्च किया है, जिसमें मल्टीनेशनल कंपनियों को इंडियन इकोनॉमी को नुकसान पहुंचाने वाला बताया जा रहा है। रामदेव का यह कैंपेन पीएम नरेंद्र मोदी की मेक इन इंडिया योजना और एफडीआई पॉलिसी को झटका दे सकता है। पीएम मोदी और वित्त मंत्री जेटली की हालिया नीति एफडीआई के नियमों को उदार बनाने वाली रही है।
रामदेव ने जहां मोदी सरकार की कई पॉलिसी और योजनाओं का सपोर्ट किया है, वहीं रामदेव का यह कैंपेन सरकार की एफडीआई और मेक इन इंडिया के उलट है। ऐड एक्सपर्ट का कहना है कि रामदेव के इस तरह के बार-बार कैंपेन का उन्हें ज्यादा फायदा मिलने वाला नहीं है। वहीं इस बारे में ई-मेल के जवाब में एचयूएल ने कमेंट करने से मना कर दिया। पीएंडजी और पतंजलि की ओर से जवाब नहीं मिला।
क्या कहते हैं ऐड एक्सपर्ट
विज्ञापन पॉलिसी के जानकार रामदेव के इस कदम को अब बहुत ज्यादा कारगर नहीं मान रहे हैं। ऐड गुरू परफेक्ट रिलेशन के को-फाउंडर व कंसल्टिंग पार्टनर दिलीप चेरियन का कहना है कि रामदेव पिछले कई महीनों से एमएनसी पर अटैक वाली थीम से खेल रहे हैं। वह जो मैसेज इंडियन कंज्यूमर्स को देना चा‍हते थे, वह पहले ही कंज्यूमर्स तक पहुंच चुका है। इस मैसेज को बार-बार देने का फायदा नहीं है। लेकिन उनके पास अनलिमिटेड बजट है, इसलिए इस तरह के विज्ञापन पर लगातार दे रहे हैं। हालांकि, पहले वह इसका फायदा उठा चुके हैं और आज देश में बड़ी संख्‍या में पतं‍जलि के कस्टमर मौजूद हैं।
इन कंपनियों से है पतंजलि की होड़
भारत में एफएमसीजी सेक्टर की टॉप मल्टीनेशनल कंपनियों में हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड, आईटीसी, नेस्ले इंडिया,एशियन पेंट्स, कैडबरी इंडिया, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज और प्रॉक्टर एंड गैंबल शामिल हैं। वहीं पतंजलि आयुर्वेद भी शैंपू, साबुन,टूथ पेस्ट, नूडल्स, बिस्किट जैसे फूड्स, बेवेरेजेज, क्लीनिंग एजेंट्स और पर्सनल केयर प्रोडक्‍्ट के जरिए एफएमसीजी में कारोबार बढ़ा रही है।
क्या है पतंजलि का यह कैंपेन
पतंजलि ग्रुप ने इस कैंपेन के जरिए एफएमसीजी सेक्टर की विदेशी कंपनियों पर हमला बोला है। कैंपेन में पतंजलि के संस्थापक रामदेव ने कहा है कि ये कंपनियां लगातार भारतीय ग्राहकों को लूट रही हैं। इनके प्रोडक्ट काफी महंगे होते हैं, ये भारत में कमाए हुए मुनाफे को अपने देश में ले जाती हैं। ये कंपनियां विज्ञापनों के जरिए देश का कल्चर दभी खराब कर रही हैं। एफएमसीजी भारतीय इकोनमी का चौथा सबसे बड़ा सेक्टर है।
क्या है एफडीआई पर सरकार की पॉलिसी
मोदी सरकार अपने मेक इन इंडिया केंपेन को सफल बनाने के लिए और नए रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए एफडीआई पर दांव लगा रही है। पिछले चार से पांच महीनों में सरकार ने कई बड़े एफडीआई रिफॉर्म्स कर एमएनसी के लिए इन्वेस्टमेंट की राह आसान की है। पीएम मोदी के अलावा फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने भी लगातार इस सेक्टर में एफडीआई का सपोर्ट किया है।
अगली स्लाइड में, कितना आया दो साल में एफडीआई
पिछले 2 साल में कितना आया विदेशी निवेश -आरबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक फाइनेंशियल ईयर 2015-16 के दौरान एफडीआई के रूप में 4200 करोड़ डॉलर भारत में आए। -फाइनेंशियल ईयर 2014-15 में भारत में करीब 3300 करोड़ डॉलर एफडीआई भारत में आया था। मेक इन इंडिया से बढ़ा विदेशी निवेश: मूडीज रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भी कहा था कि मोदी के मेक इन इंडिया स्कीम की वजह से देश में एफडीआई बढ़ रहा है। एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया था कि सरकार की हालिया नीतियां मसलन कुछ क्षेत्रों में एफडीआई की सीमा को उदार बनाना और मेक इन इंडिया जैसी पहल भारत में विदेशी निवेश बढ़ाने में सफल रही हैं। अगली स्लाइड में, जानें कितना बड़ा है पतंजलि का कारोबारकितना बड़ा है पतंजलि का कारोबार पतंजलि के अनुसार ग्रुप ने मात्र चार साल में 1100 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है। पतंजलि ने 2011-12 में 446 करोड़ रुपए, 2012-13 में 850 करोड़ रुपए, 2013-14 में 1200 करोड़ रुपए और 2014-15 में 2006 करोड़ रुपए का कारोबार किया था। पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी ने 150 प्रतिशत की ग्रोथ हासिल कर 5000 करोड़ रुपए के कारोबार का लक्ष्य हासिल कर लिया। अब पतंजलि ने अपना सालाना टर्नओवर 10 हजार करोड़ पाने का टारगेट रखा है।
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रामदेव ने मल्टीनेशनल कंपनियों के खिलाफ चलाया कैंपेन।रामदेव ने मल्टीनेशनल कंपनियों के खिलाफ चलाया कैंपेन।
ऐड एक्सपर्ट का कहना है कि बार-बार इस तरह के कैंपेन से नहीं होगा बेनेफिट।ऐड एक्सपर्ट का कहना है कि बार-बार इस तरह के कैंपेन से नहीं होगा बेनेफिट।
मल्टीनेशनल कंपनियों ने कमेंट देने से इंकार किया।मल्टीनेशनल कंपनियों ने कमेंट देने से इंकार किया।

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