World Food Safety Day /भारत में 25 लाख में से सिर्फ 4.67 लाख रेस्टोरेंट्स के पास है लाइसेंस

Moneybhaskar.com

Jun 07,2019 12:37:57 PM IST

नई दिल्ली। आज पूरी दुनिया में विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर लोगों को दूषित खाने से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) समेत कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय संगठन लोगों को दूषित खाने के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं। भारत में हेल्थी फूड का दावा करने वाले रेस्टोरेंट ही दूषित भोजन का वितरण कर रहे हैं। यह बात खुद नेशनल रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने हाल में जारी अपनी रिपोर्ट में कही है।

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भारत में 24.9 लाख में से मात्र 4.67 रेस्टोरेंट्स के पास लाइसेंस

नेशनल रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने पिछले माह मई में फूड सर्विसेज रिपोर्ट 2019 जारी की थी। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत में 24.9 फूड बिजनेस ऑपरेटर्स हैं। यानी इसमें बड़े रेस्टोरेंट से लेकर छोटे ढाबे सभी शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इसमें से केवल 4.67 लाख के पास ही सेफ्टी एंड स्टेंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) का लाइसेंस है। इस रिपोर्ट में एफएसएसएआई के हवाले से कहा गया है कि राज्यों के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की लापरवाही के कारण फूड कारोबारियों को लाइसेंस नहीं मिल पा रहे हैं। इस कारण लोग इन रेस्टोरेंट्स और ढाबों पर मिल रहे दूषित भोजन को खाने के लिए मजबूर हैं।

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दूषित खाने से हर साल 4,20,000 लोगों की मौत

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ओर से विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस से पहले 4 जून को दुनियाभर में दूषित खाने से पड़ने वाले प्रभावों पर एक रिपोर्ट जारी की गई है। इस रिपोर्ट के अनुसार, पूरी दुनिया में हर 10 में से 1 व्यक्ति दूषित खाने की वजह से बीमार पड़ता है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, दूषित खाने की वजह हर साल पूरी दुनिया में 4,20,000 लोगों की मौत हो जाती है। पूरी दुनिया में पांच साल की उम्र से कम के 40 फीसदी बच्चे दूषित भोजन से होने वाली बीमारियों से ग्रस्त होते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि हर साल करीब 1,25,00 बच्चों की मौत हो जाती है। दूषित भोजन की वजह से सबसे ज्यादा अतिसार यानी पेचिस या दस्त की बीमारी होती है। सिर्फ इसी बीमारी की वजह से हर साल 2,30,000 लोगों की मौत होती है।

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