विज्ञापन
Home » Industry » CompaniesMukesh Ambani may buy stakes in Jet airways via Etihad

मुकेश अंबानी की नजर Jet Airways पर, पार लगा सकते हैं डूबती नैया

विदेशी कंपनी के जरिए जेट में खरीद सकते हैं हिस्सेदारी

Mukesh Ambani may buy stakes in Jet airways via Etihad
  • जेट एयरवेज को फंड की कमी के चलते बुधवार को अपने ऑपरेशंस अस्थायी तौर पर बंद करने पड़े।

नई दिल्ली.

देश के सबसे अमीर आदमी मुकेश अंबानी की नजरें जेट एयरवेज पर हैं। कंपनी ने बुधवार को अपने ऑपरेशंस अस्थायी तौर पर बंद कर दिए हैं। कंपनी लंबे समय से घाटे में जा रही है और उसे विमानों का परिचालन जारी रखने के लिए हजारों करोड़ रुपए की जरूरत है। ऐसे में मुकेश अंबानी जेट की डूबती नैया पार लगा सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अंबानी जेट में हिस्सेदारी खरीदना चाहते हैं। जेट के साथ-साथ अंबानी Air India में भी निवेश करने के बारे में विचार कर रहे हैं।

 

Etihad के जरिए जेट में करेंगे खरीदेंगे हिस्सेदारी

रिपोर्ट के मुताबिक, मुकेश अंबानी की कंपनी Reliance Industries ltd. एतिहाद एयरवेज (Etihad Airways) के जरिए जेट में हिस्सेदारी खरीदना चाहती है। हालांकि, अभी उनकी कंपनी ने इसके लिए जेट एयरवेज के पास एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EoI) नहीं जमा किया है। फिलहाल जेट एयरवेज में एतिहाद की हिस्सेदारी 24 फीसदी है। कंपनी ने जेट को खरीदने के लिए EoI भी जमा किया है। ऐसी संभावना है कि मुकेश अंबानी एतिहाद के जरिए जेट में निवेश करके उसे राहत पहुंचा सकते हैं। ऐसे में एतिहाद की हिस्सेदारी जेट एयरवेज में 49 फीसदी हो जाएगी।

 

यह भी पढ़ें- Jio के बाद Reliance का नया धमाका, बसाएगी अपनी मेगासिटी, यहां होगा अंबानी का राज

 

एयर इंडिया में भी है अंबानी का इंटरेस्ट

जेट एयरवेज के साथ-साथ मुकेश अंबानी कर्ज में डूबी एयर इंडिया को भी संकट से उबारने में रुचि दिखा रहे हैं। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक जेट और एयर इंडिया दोनों ने पिछले वित्त वर्ष में तगड़ा घाटा झेला और दाेनों का टोटल मार्केट शेयर 25 फीसदी से भी कम रह गया है। 25 साल तक हवाई सेवा देने के बाद जेट एयरवेज को फंड की कमी के चलते बुधवार को अपने ऑपरेशंस अस्थायी तौर पर बंद करने पड़े।

 

आसान होगा हिस्सेदारी लेना

एविएशन फील्ड में FDI के नियमों की बात करें तो 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने में एतिहाद को किसी परमिशन की जरूरत नहीं होगी। सिविल एविएशन में FDI के नियमों के मुताबिक NRI ऑटोमैटिक रूट के जरिए एयरलाइंस में 100 फीसदी तक का हिस्सेदारी ले सकते हैं।

 

यह भी पढ़ें-  ये 5 आदतें मुकेश अंबानी को बनाती है खास, पसंद नहीं है अपना जन्मदिन मनाना

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन