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Home » Industry » Companiesmodel guidelines on direct selling had been formulated and sent to State Governments.

डायरेक्ट सेलिंग पर तैयार हुई गाइडलाइन, 72 हजार करोड़ की इंडस्ट्री को होगा फायदा

सरकार ने डायरेक्ट सेलिंग पर गाइडलाइन तैयार कर ली है और इसे राज्य सरकारों के पास भेज दिया गया है।

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नई दिल्ली। सरकार ने डायरेक्ट सेलिंग पर गाइडलाइन तैयार कर ली है और इसे राज्य सरकारों के पास भेज दिया गया है। सरकार का कहना है कि राज्य सरकारें इन गाइडलाइंस को इंप्लीमेंट करने के लिए जरूरी कदम उठा सकती हैं।

गाइडलाइंस में कहा गया है कि राज्य सरकारों को डायरेक्ट सेलर्स की एक्टिविटीज पर नजर रखने के लिए एक मकैनिज्म तैयार करना होगा। सरकार ने पॉन्जी स्कीम से लोगों को बचाने के लिए ये गाइडलाइंस तैयार की हैं। गाइडलाइंस में यह बताया गया है कि डायरेक्ट सेलिंग किस तरह से दूसरी मनी सर्कुलेटिंग स्कीम से अलग है।
 
7200 करोड़ की है डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री 
 
डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री को 15 साल से गाइडलाइंस का इंतजार था। इसके लिए करीब 1 साल पहले इंटरमिनिस्ट्रियल कमिटी बनी थी और कंज्यूमर अफेयर मिनिस्ट्री ने इंडस्ट्री से सुझाव मांगे थे। इस गाइडलाइन के आने से एमवे, टपरवेयर और ऑरिफ्लेम जैसी डायरेक्ट सेलिंग कंपनियों को फायदा होगा।
 
बता दें कि डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री का कारोबार फिलहाल 7200 करोड़ रुपए का है। इनका कारोबार 2025 तक 64,500 करोड़ रुपए हो जाने की उम्मीद है। इन कंपनियों से करीब 40 लाख लोग जुड़े हैं, जिनमें 56 फीसदी महिलाएं हैं।
 
डाइरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री को होगा फायदा
 
एक तय गाइडलाइन के न होने से डाइरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री को नुकसान हो रहा था। माना जा रहा है कि गाइडलाइंस से मौजूदा 72 हजार करोड़ रुपए की इंडस्ट्री को फायदा होगा। 
 
डायरेक्ट सेलिंग कंपनी क्या है
 
डायरेक्ट सेलिंग कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स और सर्विसेज दुकानों के जरिए सेल करने की बजाय कंज्यूमर्स को सीधे बेचती हैं। ये इंडिपेंडेंट सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स के जरिए पर्सन-टू-पर्सन बेसिस पर सेलिंग करती हैं। एमवे, ओरिफ्लेम, एवॉन और मोदीकेयर इंडिया की जानी-मानी डायरेक्ट सेलिंग कंपनियां हैं। ये सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स कंपनी के कर्मचारी नहीं होते हैं, उन्हें सेल पर कमिशन मिलता है। डायरेक्ट सेलर्स इंटरनेट और सोशल नेटवर्किंग साइट्स का इस्तेमाल भी करते हैं।
 
 
क्या कहना है इंडस्ट्री का
 
-गाइडलाइन पर फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के जनरल सेक्रेट्री डॉ ए दीदार सिंह का कहना है कि इससे डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री में क्लेयरिटी आएगी। सरकार के इस कदम से ज्यादा स्टेकहोल्डर्स इस सेक्टर से जुड़ेंगे।  
 
-वहीं डायरेक्ट सेलर्स बॉडी आईडीएसए का कहना है कि सरकार के इस कदम से कंज्यूमर्स को पॉन्जी फ्रॉड से बचने में मदद मिलेगी और उन्हें जीनियस और फ्रॉड वाली स्कीम में अंतर समझ में आएगा।
 

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