पहल /तेलंगाना में तैयार की गई दुनिया की सबसे बड़ी कालेश्वरम गोदावरी लिफ्ट सिंचाई परियोजना

  • परियोजना में 22 पंप हाउस शामिल हैं और उनमें से 17 का निर्माण MEIL द्वारा किया जा रहा है
  • 20 पंप हाउसों के जरिए एक दिन में 3 टीएमसी पानी लेने (लिफ्ट करने) की योजना है

Moneybhaskar.com

Jun 19,2019 06:09:10 PM IST

हैदराबाद। पूरी दुनिया का सबसे बड़ा अभियंत्रण करिश्मा, सबसे बड़ी लिफ्ट सिंचाई परियोजना अब उद्घाटन के लिए तैयार है। मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MEIL), भारत की अग्रणी इन्फ्रा कंपनी ने युद्ध स्तर पर अहम इलेक्ट्रो-मैकेनिकल कार्यों को अंजाम देते हुए आज इस मुकाम पर अपना नाम स्थापित किया है। रिकॉर्ड समय में तेलंगाना सरकार गोदावरी नदी पर दुनिया की सबसे बड़ी लिफ्ट सिंचाई योजना को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी सिलसिले में MEIL ने अपने बेहतरीन अनुभव के साथ कलेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना के लिए भारी पंप हाउस स्थापित किए हैं। 20 पंप हाउसों के जरिए एक दिन में 3 टीएमसी पानी लेने (लिफ्ट करने) की योजना है, जिसके लिए कुल 120 मशीनें (हरेक मशीन में एक पंप और एक मोटर) स्थापित की जा रही हैं। इनमें से, MEIL अकेले 105 मशीनों की स्थापना कर रही है। परियोजना में 22 पंप हाउस शामिल हैं और उनमें से 17 का निर्माण MEIL द्वारा किया जा रहा है। प्रथम चरण में लिंक -1 के तौर पर मेदिगड्डा, अन्नाराम, सुंडिला पंप हाउसों को पानी पंप (लिफ्ट) करने के लिए आंशिक रूप से तैयार किया जा रहा है। लिंक -2 में पैकेज -8 के जरिए दुनिया का सबसे बड़ा भूमिगत पंप हाउस भी हर रोज 2 टीएमसी पानी पंप (लिफ्ट) करने के लिए तैयार है।

आगामी 21 जून को होगा कालेश्वरम परियोजना का उद्घाटन

आगामी 21 जून को कालेश्वरम परियोजना के उद्घाटन के लिए तैयारी जोरों पर है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री माननीय श्री केसीआर मेदिगड्डा पंप हाउस में इस परियोजना का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। गोदावरी नदी के पानी को पहले ही मेदिगड्डा पंप हाउस की खाड़ी में पहुँचाया जा चुका है। मोटरों का स्विच ऑन करने पर पानी फिर से गोदावरी नदी में पहुंचाया जा सकता है, जो डिलीवरी सीटर (भूमिगत पाइप) से होते हुए ऊपरी धारा पर स्थित अन्नाराम बैराज तक पहुँचता है। इससे तेलंगाना के 13 जिलों के 18 लाख एकड़ जमीन की सिंचाई के अलावा राज्य का पेयजल संकट दूर हो जाएगा। जबकि महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश के कई जिलों का भी जलसंकट दूर होगा।

हर रोज 3 टीएमसी पानी पंप करने के लिए 7152 मेगावाट बिजली की दरकार होगी


इस शुभ अवसर पर, MEIL के निदेशक श्री बी. श्रीनिवास रेड्डी ने कहा, “यह मेरे लिए सौभाग्य और ताउम्र के लिए एक सुखद मौका है, क्योंकि हम एक इंजीनियरिंग करिश्मे को कार्यरूप देने जा रहे हैं। हम दुनिया की सबसे बड़ी पंपिंग योजना का निर्माण कर रहे हैं। हम गुणवत्ता से बिना समझौता किए समयबद्ध तरीके से तमाम एजेंसियों और मानवश्रम को साथ लेते हुए एक विश्व स्तरीय तकनीक को अंजाम दे रहे हैं। MEIL का मानना ​​है कि इस शानदार सफलता के लिए अहम बेंचमार्क है गुणवत्ता के साथ समयबद्ध कार्यों का संपादन।

“अभी तक पूरी दुनिया में इस तरह की विशाल लिफ्ट परियोजना का निर्माण नहीं हो सका है। यह पूरी दुनिया में अव्वल और सबसे विशाल लिफ्ट परियोजना है। इस परियोजना में हर रोज 3 टीएमसी पानी पंप करने के लिए 7152 मेगावाट बिजली की दरकार होगी। पहले चरण के तौर पर 4992 मेगावाट बिजली का इस्तेमाल 2 टीएमसी पानी पंप करने के लिए किया जा रहा है। MEIL ने इस वृहत परियोजना के लिए पावर ट्रांसमिशन के लिए सभी अहम पंप हाउस पर बुनियादी ढांचों का निर्माण कर दिया है। बिजली की बुनियादी जरूरतों के लिहाज से सभी काम पूरे हो चुके हैं। पम्पिंग घरों से जुड़े सिविल कार्य को रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया। एमईआईएल ने वर्तमान मौसम में पानी पंप करने के लिए मशीनों को तैयार रखा है।”

फिलहाल मिस्र का मानव निर्मित नदी पर बनी योजना को दुनिया की सबसे बड़ी लिफ्ट योजना

फिलहाल अमेरिका का कोलोराडो लिफ्ट योजना, मिस्र का मानव निर्मित नदी पर बनी योजना को दुनिया की सबसे बड़ी लिफ्ट योजना मानी जाती है। इन योजनाओं की क्षमता अश्वशक्ति में है और उन्हें पूरा होने में करीब तीन दशक लग गए। वर्ष 2000 से तेलुगु राज्यों में बड़े पैमाने पर लिफ्ट परियोजनाएँ शुरू हुईं; उनमें से प्रमुख हैं हंड्री-नीवा, देवडुला, कलवाकुर्थी, नेटटम्पाडु, पट्टिसेमा, पुरुषोत्तमपुरम आदि। गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों ने भी लिफ्ट योजनाएं शुरू की हैं। अब तक, भारी मशीनरी का उपयोग केवल कलवाकुर्ती लिफ्ट योजना के लिए ही किया जाता है, लेकिन इसकी अधिकतम क्षमता 40 मेगावाट तक ही है। इससे पहले MEIL ने रिकॉर्ड तोड़ समय में पट्टीसीमा परियोजना को पूरा किया और उस उपलब्धि के लिए "लिम्का बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड" में अपना नाम दर्ज कराया। कंपनी ने 2012 में हैंड्री-नीवा लिफ्ट परियोजना भी पूरी की और तब से अब तक इसके रखरखाव की जिम्मेदारी निभा रहा है। भारत भर में इसी तरह की कई विशिष्ट लिफ्ट सिंचाई परियोजनाएं MEIL द्वारा संपादित करने के साथ ही इसके रखरखाव की जिम्मेदारी भी निभाई जा रही है।

कलेश्वरम परियोजना से 37.08 लाख एकड़ भूमि को सिंचित किया जा सकेगा


पहले चरण के तौर पर विद्युत प्रणाली की 4992 मेगावाट क्षमता स्थापित की गई है जो हर दिन 2 टीएमसी पानी देने (लिफ्ट करने) में सक्षम है। MEIL ने 3057 मेगावाट क्षमता के साथ बिजली के बुनियादी ढांचे का निर्माण पूरा किया है। जिसमें सब स्टेशन, ट्रांसफार्मर और ट्रांसमिशन लाइनों को बिछाना शामिल है। दुनियाभऱ में ऐसा पहली बार हुआ है कि सिंचाई और पेयजल की आपूर्ति के लिए इतने बड़े पैमाने पर बिजली आपूर्ति की बुनियादी संरचना का निर्माण किया गया हो। MEIL ने दो साल के रिकॉर्ड समय में इस महती कार्य को पूरा किया। कलेश्वरम परियोजना से 37.08 लाख एकड़ भूमि को सिंचित किया जा सकेगा; इस अनूठी परियोजना के तरत अतिरिक्त 18.82 लाख एकड़ कमांड एरिया का विस्तार होगा।

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