कंपनी /जिंदल स्टेनलेस सह-ब्रांडिंग पहल के जरिए नकल उत्पादों के बाजार पर कसेगी लगाम

  • अगले दो सालों में 1100 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय का लक्ष्य

Moneybhaskar.com

Jul 17,2019 06:20:57 PM IST

नई दिल्ली : बाजार में जिंदल स्टेनलेस के नाम पर बिक रहे नकली उत्पादों पर लगाम लगाने के लिए कंपनी पाइप एवं ट्यूब (पी एन्ड टी) विनिर्माताओं के साथ मिलकर एक देशव्यापी सह-ब्रांडिंग पहल शुरू कर रही है। मौजूदा 44% की बाज़ार हिस्सेदारी के साथ पी एंड टी क्षेत्र में जिंदल स्टेनलेस की सालाना आय 2300 करोड़ रुपये है। अगले दो सालों में कंपनी ने अपनी बाज़ार हिस्सेदारी बढ़ाकर 52% करने और 3400 करोड़ रुपये तक की सालाना आय दर्ज करने का लक्ष्य रखा है। उद्योग आंकलन के अनुसार सजावटी पी एंड टी का मौजूदा बाज़ार करीब 5300 करोड़ रुपये का है और यह सालाना 12% से अधिक के दर से वृद्धि दर्ज कर रहा है।

भारत में सालाना बिकने वाले 25% से अधिक पाइप एवं ट्यूब की जिंदल स्टेनलेस के नाम पर जाली ब्रांडिंग होती है

मीडिया कर्मियों को सं‍बोधित करते हुए जिंदल स्टेनलेस के प्रबंध निदेशक अभ्युदय जिंदल ने कहा, "हमने अपने ग्राहकों की ज़रुरत को देखते हुए यह सह-ब्रांडिंग योजना शुरू की है। भारत में सालाना बिकने वाले 25% से अधिक पाइप एवं ट्यूब की जिंदल स्टेनलेस के नाम पर जाली ब्रांडिंग होती है और इनका मूल्य 1300 करोड़ रुपये से अधिक है। हम नक़ल के इस कारोबार पर लगाम लगाना चाहते हैं और अगले दो सालों में लगातार वृद्धि दर्ज कर रहे इस पी एंड टी बाज़ार पर अपनी पकड़ बढ़ाना चाहते हैं।"

जिंदल स्टेनलेस ने एक मानकीकृत सील तैयार की है

भारतीय स्टेनलेस स्टील उद्योग में अपने किस्म के इस पहले अभियान के तौर पर जिंदल स्टेनलेस की सह-ब्रांडिंग पहल कंपनी के एमओयू भागीदारों को अन्य पी एंड टी विनिर्माताओं से विशिष्ट तौर पर अलग करेगी। जिंदल स्टेनलेस ने एक मानकीकृत सील तैयार की है जिस पर एमओयू भागीदार और जिंदल स्टेनलेस के चिन्ह, स्टेनलेस स्टील का ग्रेड और एमओयू नंबर होगा। इस पहल से जिंदल स्टेनलेस और इसके भागीदारों को संयुक्त रूप से ग्राहकों के लिए बेहतर सुविधा प्रदान करने में मदद मिलेगी। इससे कंपनी के भागीदारों को बेहतर मौजूदगी और प्रसार भी हासिल होगा जो पहले नक़ल के कारण निम्न बाज़ार हिस्सेदारी, कम मार्जिन, बदनामी और बाज़ार में हीन किस्म के स्टेनलेस स्टील के प्रवेश जैसी मुश्किलों से जूझ रहे थे। इसके अलावा इस पहल से यह सुनिश्चित होगा कि उपभोक्ताओं तक उचित गुणवत्ता का स्टेनलेस स्टील उत्पाद पहुंचे। इस पहल के लिए भारतीय स्तर पर इस क्षेत्र में 60 से अधिक एमओयू भागीदारों ने जिंदल स्टेनलेस के साथ हाथ मिलाया है।

स्टेनलेस स्टील पाइप एवं ट्यूब के मुख्य गढ़ हिसार, अहमदाबाद, जयपुर, जोधपुर, कोलकाता, भुवनेश्वर, रायपुर और बेंगलुरु जैसे शहर हैं

स्टेनलेस स्टील के सजावटी पाइप एवं ट्यूब का उपयोग मुख्य तौर पर वास्तुशिल्प, भवन एवं निर्माण क्षेत्र में होता है, जैसे कि रेलिंग, फर्नीचर, सजावटी सामान, फसाड। इनका उपयोग वाहन, रेलवे एवं परिवहन क्षेत्र, जैसे ऑटोमोबाइल गार्ड एवं ई-रिक्शा आदि में भी होता है। सरकार द्वारा रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास, नए राजमार्ग, मेट्रो परियोजनाओं और अन्य बुनियादी ढांचा विकास जैसे क्षेत्रों पर बल के चलते, पाइप एवं ट्यूब क्षेत्र में ज़ोरदार वृद्धि दर्ज होने की उम्मीद है। इस क्षेत्र की उत्तर और पश्चिमी भारत में निरंतर ऊंची खपत बनी हुई है जो फिलहाल स्टेनलेस स्टील विनिर्माताओं और उपभोक्ताओं के लिए मुख्य केंद्र हैं। हालांकि ज्यादातर दक्षिण एवं पूर्वी भारत में भी हाल में वृद्धि की उल्लेखनीय सम्भावना दिखी है। स्टेनलेस स्टील पाइप एवं ट्यूब के मुख्य गढ़ हिसार, अहमदाबाद, जयपुर, जोधपुर, कोलकाता, भुवनेश्वर, रायपुर और बेंगलुरु जैसे शहर हैं। कंपनी रेडियो जिंगल, समाचार पत्र-पत्रिकाओं में विज्ञापन और आउट ऑफ़ होम (ओओएच) ब्रांडिंग के ज़रिए ग्राहकों तक पहुंचेगी और साथ ही फैब्रिकेटर-प्रशिक्षण पर ज़ोर देना जारी रखेगी।

सजावटी पी एंड टी खंड में 304, जेटी, जे4 और जेएसएल यूएसडी श्रेणी के स्टेनलेस स्टील ग्रेड का उपयोग होता है। ये अधिक मज़बूत होते हैं और इनकी जीवनचक्र लागत काम होती है। सौंदर्य की दृष्टि से ये ग्रेड बहुत अच्छे होते हैं। साथ ही इनकी मरम्मत की लागत कम होती है। क्षरण-रोधी और लगभग 100% रिसाइकलेबल ये स्टेनलेस स्टील ग्रेड टिकाऊ भी होते हैं।

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