Home » Industry » CompaniesStory of Ashish Bahukhandi CEO of Apps Discover Technologies

इस शख्‍स ने 30 हजार रु. में शुरू किया था बिजनेस, आज है 100 करोड़ की कंपनी का मालिक

यही नहीं उनकी कंपनी केवल भारत में ही नहीं बल्कि भारत के बाहर सिंगापुर और इंडोनेशिया में भी काम कर रही है।

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नई दिल्‍ली. उम्र 27 साल, हाथ में इंजीनियरिंग की डिग्री और कुछ कर गुजरने का जज्‍बा। कुछ ऐसी ही है आशीष बहुखंडी की कहानी। आशीष चाहते तो इंजीनियरिंग करने के बाद किसी मल्‍टीनेशनल कंपनी में एक मोटी सैलरी वाली नौकरी कर सकते थे। लेकिन उन्‍हें तो कुछ और करना था, कुछ ऐसा जिससे वह अपनी फैमिली के साथ-साथ लोगों की भी मदद कर सकें। इसी सोच के साथ केवल 27 साल की उम्र में गुरुग्राम के आशीष ने मात्र 30,000 रुपए में शुरू किया मोबाइल एप्‍स प्रमोशन बिजनेस। आज उनकी कंपनी एप्‍स डिस्‍कवर 100 करोड़ की कंपनी बन चुकी है। यही नहीं उनकी कंपनी केवल भारत में ही नहीं बल्कि भारत के बाहर सिंगापुर और इंडोनेशिया में भी काम कर रही है। moneybhaskar.com से अपनी सक्‍सेस स्‍टोरी साझा करते हुए आशीष ने बताया कि उनकी योजना इंडोनेशियाई मार्केट में 2 करोड़ रुपए इन्‍वेस्‍ट करने की है। 

 

क्‍या करती है एप्‍स डिस्‍कवर 
एप्‍स डिस्‍कवर एक डिजिटल एड नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी मोबाइल एप्‍लीकेशंस का प्रमोशन करती है। सीधे शब्‍दों में कहें तो यह कंपनी ब्‍लॉग्‍स और वेबसाइट्स पर मोबाइल एप्‍स के एड प्रोवाइड कराती है। एप्‍स डिस्‍कवर पर्सनल ब्‍लॉग लिखने वालों को भी एप्‍स के एड प्रोवाइड कराती है। इसके लिए ब्‍लॉग या साइट के पॉपुलर होने या न होने से कोई फर्क नहीं पड़ता। 

 

 

आगे पढ़ें- कहां से की पढ़ाई 

कौन हैं आशीष बहुखंडी 


आशीष ने करियर इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (सीआईटीएम), फरीदाबाद से कंप्‍यूटर साइंस से इंजीनियरिंग की है। इंजीनियरिंग करने के बाद उन्‍होंने कहीं पर भी जॉब नहीं की लेकिन 1 साल आईआईएम के लिए तैयारी जरूर की। लेकिन इसमें उन्‍हें सफलता नहीं मिल सकी। आशीष के पिता एक रिटायर्ड गवर्मेंट ऑफिसर हैं और उनकी मां होममेकर। 

 

आगे पढ़ें- कैसे आया इस बिजनेस का ख्‍याल 

क्‍यों चुना बिजनेस

 
आशीष का कहना है कि वह अपनी जिंदगी में कुछ बड़ा और ऐसा करना चाहते थे जिससे दूसरों का भी भला हो। इसके लिए वह कुछ अपना शुरू करना चाहते थे क्‍योंकि जॉब के जरिए वह केवल अपनी फैमिली और अपनी जरूरतें ही पूरी कर सकते थे। इसी सोच के साथ उन्‍होंने अपना खुद का स्‍टार्टअप शुरू करने का फैसला किया। आशीष के मुताबिक, जब उन्‍होंने बिजनेस के बारे में सोचा तो कई तरह ऑप्‍शन नजर आ रहे थे। लेकिन क्‍या किया जाए यह तय नहीं हो पा रहा था। बाद में उन्‍होंने काफी रिसर्च के बाद यह महसूस किया कि भारत मोबाइल और इंटरनेट की दुनिया में काफी आगे बढ़ रहा है और आगे चलकर इनकी पैठ और ज्‍यादा बढ़ने वाली है। इसलिए उन्‍होंने टेलीकम्‍युनिकेशन इंडस्‍ट्री में उतरने का फैसला किया। उन्‍होंने तय किया कि वह मोबाइल एप्‍स के प्रमोशन बिजनेस में हाथ आजमाएंगे।  


आगे पढ़ें- कैसे की शुरुआत

कैसे हुई शुरुआत 


आशीष ने सितंबर 2013 में केवल 30,000 रुपए के इन्‍वेस्‍टमेंट से एप्‍स डिस्‍कवर की शुरुआत की। शुरुआत में सारे फ्रेशर्स हायर किए क्‍योंकि एक्‍सपीरियंस्‍ड लोग स्‍टार्टअप में रिस्‍क फैक्‍टर को देखते हुए आने को तैयार नहीं थे। ऊपर से कंपनी का शुरुआती इन्‍वेस्‍टमेंट भी काफी कम था। लेकिन जैसे-जैसे कंपनी ने मार्केट में अपनी जगह बनाई, जैसे-जैसे कंपनी का रेवेन्‍यू बढ़ता गया, अनुभवी लोग भी कंपनी से जुड़ते गए। आज एप डिस्‍कवर की मैनेजमेंट टीम में 10 साल तक एक्‍सपीरियंस वाले लोग भी हैं। हालांकि कंपनी का फोकस युवाओं पर है। इसलिए एप डिस्‍कवर में ज्‍यादातर इम्‍प्‍लॉई 25 से 33 साल उम्र वाले हैं। एप डिस्‍कवर की पूरी टीम में इस वक्‍त 50 से ज्‍यादा इम्‍प्‍लॉई हैं। आशीष ने इन्‍हें खुद ट्रेनिंग दी है। 

 

आगे पढ़ें- किस-किस के साथ है पार्टनरशिप

कौन-कौन हैं क्‍लाइंट 


एप डिस्‍कवर की पहली डील न्‍यूज हंट (अब डेली हंट) के साथ हुई थी। आशीष ने बताया कि न्‍यूज हंट को डेली हंट बनाने में एप डिस्‍कवर ने महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है। जिस वक्‍त एप डिस्‍कवर शुरुआती दौर में थी उस वक्‍त डेली हंट भी अपने शुरुआती दौर में थी। एप डिस्‍कवर ने डेली हंट को बड़े पैमाने पर प्रमोट किया। डेली हंट लगभग 2 साल तक एप डिस्‍कवर की क्‍लाइंट रही। आज इसके क्‍लाइंट्स में लजाडा इंडोनेशिया, यूसी ब्राउजर, बायडू, एमेजॉन, स्‍नैपडील, नेटवर्क 18, पेटीएम आदि हैं। 

 

आगे पढ़ें- आज कहां पहुंच गई कंपनी 

आज कितने करोड़ की कंपनी बन चुकी है एप्‍स डिस्‍कवर 


एप्‍स डिस्‍कवर का मौजूदा टर्नओवर 30 करोड़ रुपए है और नेट वर्थ की बात करें तो यह 100 करोड़ की कंपनी बन चुकी है। अब तक एप्‍स डिस्‍कवर ने किसी और से किसी भी तरह का इन्‍वेस्‍टमेंट नहीं लिया है। कंपनी ने अपने प्रॉफिट से और अपने खर्चों को कम रखकर जो राशि आई उससे खुद को एक्‍सपेंड किया है। आशीष का कहना है कि अब तक उन्‍होंने जो ग्रोथ की है वह अपने दम पर की है लेकिन अब वह अपने बिजनेस को और आगे बढ़ाने के लिए इन्‍वेस्‍टर ढूंढ रहे हैं। एप्‍स डिस्‍कवर ने रेवेन्‍यू के मामले में हर साल 50 फीसदी ग्रोथ दर्ज की है। 

 

आगे पढ़ें- दूसरे बिजनेस भी हैं आशीष के 

 

दूसरे बिजनेस के साथ-साथ चैरिटी भी कर रहे हैं आशीष 


- आशीष एप्‍स डिस्‍कवर के अलावा भी कुछ अन्‍य बिजनेस भी चलाते हैं। उनकी गुरुग्राम में विद्या भारती एजुकेशनल इंस्‍टीट्यूशन के नाम से कोचिंग क्‍लासेज चलती हैं, जिसमें 9-12वीं कक्षा के छात्रों को सस्‍ते में कोचिंग उपलब्‍ध कराई जाती है। गुरुग्राम में इन कोचिंग सेंटर की संख्‍या 10 है। 
- इसके अलावा आशीष का डैडलीज बर्गर डिलीवरी बिजनेस भी है। यह एक नाइट बर्गर डिलीवरी बिजनेस है। अभी इसके आउटलेट गुरुग्राम और दिल्‍ली में वसंत कुंज में हैं। 
- आशीष का भरोसा नाम से एक चैरिटी प्रोजेक्‍ट भी है। इस वेबसाइट के जरिए आशीष के वॉलन्‍टीयर्स सोशल मीडिया के जरिए या फिर घर-घर जाकर लोगों को इस्‍तेमाल न किए जाने वाले कपड़ों को दान करने के लिए प्रेरित करते हैं। इन कपड़ों को भरोसा गरीब जरूरतमंद बच्‍चों तक पहुंचाती है। 

 

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