Utility

24,712 Views
X
Trending News Alerts

ट्रेंडिंग न्यूज़ अलर्ट

बिजनेस कोच और स्पीकर डॉ. विवेक बिंद्रा 26 को इंदौर में, ग्रेंड इवेंट बाउंस बैक को करेंगे संबोधित सरकार ने गेहूं पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर की 30%, जल्‍द जारी होगा नोटिफिकेशन इंट्रा स्‍टेट e-way बिल 3 जून से होगा अनिवार्य, CBIC ने जारी किया आदेश कंक्रीट शो इंडिया 24 मई से मुंबई में, इंफ्रा कंपनियां होंगी शामिल खास खबर: आम आदमी क्यों सहे पेट्रोल-डीजल का सारा बोझ, जब सरकार के पास है रास्ता SBI Q4 Result: SBI को रिकॉर्ड 7718 करोड़ रु का हुआ घाटा, प्रोविजनिंग दोगुने से ज्यादा बढ़कर 28096 करोड़ रु 5G से निकलेंगे 1.83 लाख करोड़ रु. के कारोबारी अवसर, 2023 तक होंगे 1 करोड़ सब्‍सक्राइबर्स फ्लाइट में देरी, कैंसिल होने पर मिलेगा रिफंड-मुआवजा, सरकार जल्‍द ला रही कानून पेट्रोल-डीजल की महंगाई पर सरकार अलर्ट, इस सप्ताह ले सकती है बड़े फैसले AirAsia की बि‍ग सेल, सबसे सस्‍ती इंटरनेशनल टि‍कट 999 रु में ONGC और ऑयल इंडिया को उठाना पड़ सकता है फ्यूल सब्सिडी का बोझ: मूडीज Stock Market: मार्केट को लेकर है अनिश्चितता, कंजम्पशन शेयर दे सकते हैं अच्छा रिटर्न एनर्जी एक्‍सचेंज में बिजली की कीमत 11.41 प्रति यूनिट पहुंची, 5 साल का रिकॉर्ड टूटा FD से 4% ज्‍यादा मिलेगा ब्याज, सीमित समय के लिए आईं दो नई स्कीम खास स्‍टॉक: महानगर गैस में 9% की गिरावट, Q4 नतीजों का दिखा असर
बिज़नेस न्यूज़ » Industry » Companiesहवाई सफर के ये हैं Inside सीक्रेट, खतरे में खुद फ्यूल गिरा देते हैं पायलट

हवाई सफर के ये हैं Inside सीक्रेट, खतरे में खुद फ्यूल गिरा देते हैं पायलट

नई दिल्ली। हवाई यात्रा करना हमेशा से एक रोमांचक सफर होता है। हवाई यात्रा को दुनिया के सबसे सुरक्षित सफर में से एक माना जाता है। ऐसा टेक्नोलॉजी और इमरजेंसी सिचुएशन में पायलट की सूझबूझ से होता है। टेक्नोलॉजी लेवल पर और हवाई यात्रा के दौरान ऐसे कई काम किए जाते हैं, जो कि एयरलाइन कंपनियां आपको कभी नहीं बताती है। आज हम आपको उनकी उसी इनसाइड स्टोरी के बारे में बता रहे हैं। जो कि एक एयरलाइन कंपनी में काम करने वाले इंजीनियर ने शेयर की है।

 

फ्यूल खुद गिरा देते हैं पायलट

 

किसी भी प्लेन को टेकऑफ और लैंड करने के लिए अलग-अलग वजन की जरुरत होती है। खास तौर से टेक ऑफ के समय हमेशा ज्यादा वजन होता है, जबकि लैंडिंग के समय प्लेन का वजन कम होता है। जो कि फ्यूल के जरिए मैनेज होता है। यात्रा के दौरान फ्यूल खपत होने के समय लैंडिंग करते वक्त प्लेन का वजन कम होता है। लेकिन इमरजेंसी लैंडिंग के समय जब प्लेन का फ्यूल नहीं खर्च होता है, तो ऐसे सिचुएशन में पायलट खुद ही प्लेन के फ्यूल को समुद्र या आसमान काफी ऊंचाई पर ले जाकर गिरा देते हैं। जिससे प्लेन का वजन कम हो जाता है और इमरजेंसी लैंडिंग आसान हो जाती है।

 

आगे पढ़ें - हवाई सफर के इन्साइड सीक्रेट

और देखने के लिए नीचे की स्लाइड क्लिक करें

Trending

NEXT STORY

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.