Home » Industry » CompaniesGolden chance for indian youth, here graduate is getting Rs 16 per annum salary

इस देश में ग्रेजुएट को मिलती है 16 लाख की जॉब, 3 लाख भारतीयों के लिए मौका

ब्‍लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, जापान के हिसाब से यह सैलरी बेहद कम है।

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नई दिल्‍ली. एक नए सर्वे के मुताबिक, जापान में ग्रेजुएशन करके निकलने वालों को 25 हजार डॉलर (16 लाख रुपए) की सलाना सैलरी मिल रही है। भारत के लिहाज से देखा जाए तो यह एक बड़ी रकम है। Keidanren business lobby group के रिसर्च के मुताबिक, जापान में ग्रेजुएशन करके नि‍कलते ही करीब 2.13 लाख येन या 1885 डॉलर प्रतिमाह की सैलरी मिलती है। भारतीय रुपए में इसे कनवर्ट करें तो यह करीब 1.22 लाख रुपए पड़ेगा।

 

ब्‍लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, जापान के हिसाब से यह सैलरी बेहद कम है। इसके चलते वहां काम करने वाली कं‍पनियां अपने कर्मचारियों को 1.10 लाख येन या 63 हजार रुपए प्रतिमाह का अतिरिक्‍ट भत्‍ता भी देती हैं। इन भत्‍तों में ट्रांसपोर्ट अलाउंस और सब्सिडी जैसी चीजें शामिल होती हैं।

 

भारतीयों के लिए भी मौका 

रोचक बात यह है कि जापान अपने देश भारतीयों को जॉब का मौका भी दे रहा है। मोदी सरकार ने ऑन जॉब ट्रेनिंग के लि‍ए 3 लाख युवाओं को जापान भेजने का फैसला कि‍या है। सरकार की कौशल वि‍कास योजना के तहत युवाओं को 3 से 5 साल के लि‍ए जापान भेजा जाएगा। युवा जापान जाकर वहां की इंडस्‍ट्रीज के साथ काम करेंगे और नई टेक्‍नोलॉजी से वाकि‍फ होंगे। इसके लि‍ए सारी तैयारि‍यां पूरी हो चुकी हैं। इसका सारा खर्च जापान सरकार उठाएगी। 

 

आगे पढ़ें- पूरी योजना के बारे में......

भारत जापान में समझौता 

पिछले महीने कौशल विकास मंत्री प्रधान की जापान यात्रा के दौरान भारत और जापान के बीच टेक्निकल इंटर्न ट्रेनिंग प्रोग्राम (TITP) को लेकर मेमोरेंडम ऑफ कोऑपरेशन (MOC) पर दस्‍तखत भी हुए थे। यह समझौता पिछले महीने 17 अक्टूबर को हुआ। प्रधान ने ट्वीट के जरि‍ए जानकारी दी,  'TITP एक महत्वाकांक्षी प्रोग्राम है जिसके तहत 3 लाख भारतीय टेक्निकल इंटर्न को 3 से 5 साल के लिए जापान में ऑन जॉब ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा।' उन्होंने कहा कि अगले 3 सालों में इन युवाओं को जापान के वित्तीय सहयोग से ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा।

 

नौकरी भी मि‍लेगी
 वहां जाने वाले हर युवा का कार्यकाल 3 से 5 साल होगा। यह लोग जापानी माहौल में काम करेंगे और वहां रहने-खाने की सुविधा के साथ रोजगार के मौके पाएंगे। उनमें से 50 हजार युवा जापान में नौकरी भी पा सकते हैं। 

 

कैसे होगा चयन
 जापान की जरूरतों के मुताबिक इन युवाओं का चयन पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। जब ये युवा जापान से लौटेंगे तो वह भारतीय इंडस्‍ट्री में योगदान देंगे। एक आधिकारिक प्रेस रिलीज में कहा गया है कि इस समझौते से कौशल विकास के क्षेत्र में दोनों ही देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग का रास्ता साफ होने की उम्मीद है। 

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