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GST रेट घटने के बाद भी रेस्टोरेंट वसूल रहे हैं ज्‍यादा, तो यहां करें शिकायत

सरकार ने गलत टैक्‍स लेने वाले रेस्‍टोरेट्स के खिलाफ शिकायत करने के लिए कस्‍टमर्स को एक नया ऑप्‍शन दिया है।

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नई दिल्ली. सरकार ने रेस्‍टोरेंट पर जीएसटी टैक्स रेट घटा दिए हैं। जीएसटी काउंसिल ने सभी तरह के रेस्टोरेंट पर टैक्स 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया है। इसके बाद भी कुछ रेस्टोरेंट 18 फीसदी टैक्स कस्‍टमर्स से वसूल रहे हैं। इस तरह की शिकायत के बाद सरकार सख्‍त हो गई है। इसके लिए सरकार ने गलत टैक्‍स लेने वाले रेस्‍टोरेट्स के खिलाफ शिकायत करने के लिए कस्‍टमर्स को एक नया ऑप्‍शन दिया है।

 

जीएसटी काउंसिल ने रेस्टोरेंट्स पर घटाए रेट

जीएसटी काउंसिल ने बड़ी राहत देते हुए 211 आइटम्स पर टैक्स स्लैब में कमी कर दी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि 178 आइटम्स को 28 फीसदी से 18 फीसदी की केटगरी में कर दिया। इसके अलावा हर तरह के रेस्टोरेंट्स के लिए टैक्स स्लैब 5 फीसदी कर दिया, ताकि लोगों के लिए घर से बाहर खाना सस्ता हो जाए।

 

 

सरकार की है निगरानी

सरकार चाहती है उन्होंने जीएसटी में जो रेट कट किए हैं उसका फायदा कस्टमर को मिले। सरकार बड़ी फूड चेन पर प्राइस बढ़ाने को लेकर काफी सख्त हुई है। सरकार ने बड़ी फास्ट फूड चेन को जीएसटी रेट कट से पहले और बाद के प्राइस की डिटेल देने के लिए कहा है।

 

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कस्टमर यहां कर सकते हैं शिकायत

 

अगर कस्टमर को लगता है कि रेस्टोरेंट या फूड चेन आपसे ज्यादा टैक्स वसूल रही हैं तो वह इसकी शिकायत कर सकते हैं। कस्टमर सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम (सीबीईसी) के ऑफिस या वेबसाइट पर जाक कम्पलेन्ट कर सकते हैं। इसके अलावा, डिपार्टमेंट ऑफ कन्ज्यूमर अफेयर पर जाकर कम्पलेंट कर सकते हैं। कस्टमर https://cbec-gst.gov.in/ पर जाकर शिकायत कर सकते हैं।

 

ऐसे करें शिकायत

 

 

कस्टमर https://cbec-gst.gov.in/ पर फीडबैक फॉर्म भर सकते हैं। साथ ही सीबीईसी कमिश्नर को ई-मेल लिख सकते हैं।

 

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रेस्त्रां के मार्जिन पर पड़ रहा है असर

 

दिल्ली होटल एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बालन मनी ने moneybhaskar.com को बताया कि सरकार के 5 फीसदी टैक्स कम होने कस्टमर को फायदा हुआ है लेकिन रेस्त्रां मालिकों को इनपुट क्रेडिट नहीं मिलने का सीधा असर उनके मार्जिन पर पड़ रहा है। अपने मार्जिन और कॉस्ट कम करने के रेस्त्रां मालिक ज्यादा टैक्स वाले प्रोडक्ट बेचने से बच रहे हैं जिन पर उन्हें इनपुट क्रेडिट न मिले। बंगाली स्वीट्स के एक एग्‍जीक्‍यूटिव ने moneybhaskar.com को बताया कि वह मिनरल वटर और कोल्ड ड्रिंक का बिल अलग बना रहे हैं।

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फूड आउटलेट ने हटाए प्रोडक्ट

 

दिल्ली की बंगाली मार्केट में नत्थू स्वीट्स के ओनर अरुण गुप्ता ने moneybhaskar.com को बताया कि उन्होंने अपने आउटलेट पर मिनरल वाटर और कोल्ड ड्रिंक बेचना बंद कर दिया है क्योंकि इसका सीधा असर उनके मार्जिन पर पड़ रहा था। गुप्ता ने बताया कि मिनरल वाटर और कोल्ड ड्रिंक पर 18 फीसदी जीएसटी है और रेस्त्रां इन्हें खरीदने पर 18 फीसदी जीएसटी दे रहा है। जीएसटी के नियमों के आधार पर कस्‍टमर से कुल बिल पर 5 फीसदी टैक्स ले सकते है। इसका रेस्त्रां को इनपुट क्रेडिट भी नहीं मिल सकता जिसका सीधा असर उनके मार्जिन पर पड़ रहा था। यहां उनके मार्जिन पर सीधे 13 फीसदी का असर पड़ रहा था।

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