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GST रेट कट का 100 फीसदी नहीं मिलेगा फायदा, कंपनियां प्राइस कटौती में करेंगी कंजूसी

भले ही 15 नवंबर से जीएसटी के नए रेट लागू हो गए हैं लेकिन उसमें कटौती का पूरा फायदा नहीं मिलने वाला है।

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नई दिल्ली। भले ही 15 नवंबर से जीएसटी के नए रेट लागू हो गए हैं लेकिन उसमें कटौती का पूरा फायदा नहीं मिलने वाला है। कंपनियों ने इस बात के संकेत देना शुरू कर दिया है। कंपनियों का कहना है कि उनके पास रेट 10 फीसदी तक रेट घटने के बावजूद कीमतों में 2 से 5 फीसदी से ज्यादा की गुंजाइश नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि जब सरकार ने टैक्स रेट बढ़ाए थे, उस समय कंपनियों ने रेट के अनुपात में कीमतें नहीं बढ़ाई थी।

 

15 नवंबर से लागू हुआ 211 प्रोडक्ट पर नया जीएसटी रेट

 

जीएसटी काउंसिल ने 211 आइटम्स पर टैक्स रेट में कम दिया है। काउंसिल ने 211 प्रोडक्ट में से 178 प्रोडक्ट को 28 फीसदी से 18 फीसदी के टैक्स ब्रैकेट में रखा है। इस प्रकार अब 28 फीसदी के स्लैब में सिर्फ 50 आइटम रह गए हैं। सरकार ने शैंपू, चॉकलेट, न्यूट्रीशन ड्रिंक, शैंपू, डिटर्जेंट, साबुन जैसे रोजमर्रा के प्रोडक्ट पर टैक्स रेट कम किया है।

 

पतंजलि कर रहा है कीमतों का वैल्युएशन

 

पतंजलि के अधिकारी ने बताया कि कंपनी अभी प्रोडक्ट और जीएसटी रेट का वैल्युएशन कर रही है। वह जितनी गुंजाइश होगी उतना रेट कट का फायदा कस्टमर को पास करेगी। उन्होंने कहा कि अभी पतंजलि रेट कट का वैल्युशन कर रही है।

 

कंपनी नहीं करेंगी 10 फीसदी प्राइस कट

 

डाबर के सीनियर अधिकारी ने बताया कि कंपनी प्रोडक्ट की कीमतें 2 से 5 फीसदी तक ही कम कर पाएगी। कंपनी रेट कट का पूरा फायदा कस्टमर को पास नहीं कर पाएंगी। उनके मुताबिक पुराने टैक्स स्ट्रक्टर में इन प्रोडक्ट पर टैक्स 18 से 22 फीसदी की रेन्ज में था। सरकार ने इन्हें फिर 28 फीसदी की केटगेरी में कर दिया। तब कंपनियों ने प्रोडक्ट की कीमतें नहीं बढ़ाई थी और बढ़ी कॉस्ट वहन की थी। अब टैक्स रेट कम होने के बाद वह रेट 10 फीसदी कम नहीं कर पाएंगे।

सभी प्रोडक्ट पर नहीं होगा प्राइस कट

गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (अमूल) के मैनेजिंग डायरेक्टर आर एस सोढ़ी ने moneybhaskar.com को बताया कि 10 फीसदी टैक्स रेट कम होने का पूरा फायदा कस्टमर को नहीं मिलेगा क्योंकि 28 फीसदी टैक्स रेट होने पर कंपनी ने प्राइस नहीं बढ़ाए थे। उन प्रोडक्ट पर कंपनी टैक्स रेट कम होने का पूरा फायदा कस्टमर को नहीं दे पाएगी।

सस्ते प्रोडक्ट के लिए करना पड़ सकता है इंतजार

फाइनेंस मिनिस्ट्री ने घटे जीएसटी रेट का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। ऐसे में आज (बुधवार) से 211 प्रोडक्ट पर नया जीएसटी रेट लगेगा। हालांकि इसके बावजूद आपको नए रेट वाले प्रोडक्ट खरीदने में थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। कंपनियों के अनुसार, नए रेट लागू होने के बाद प्रोडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग और उस पर लगने वाले टैक्स नए रेट के आधार पर होगा। लेकिन इन प्रोडक्ट्स को कस्टमर तक पहुंचने में 10-15 दिन का समय लग सकता है। कंपनियों के अनुसार, अभी मार्केट में पहले से मौजूद प्रोडक्ट्स पर पुराना रेट ही लागू होगा। हालांकि, डिस्ट्रिब्यूटर से कंपनियां यह कह रही हैं कि नए रेट के आधार पर ही अपने प्रोडक्ट कस्टमर को सेल करें। हालांकि बिग बाजार ने आज से ही रेट में कटौती का ऐलान कर दिया है।

आगे पढ़े - बिग बाजार ने घटाए रेट

 

बिग बाजार ने घटाए आज से ही रेट


 

फ्यूचर ग्रुप के सीईओ किशोर बियानी ने moneybhaskar.com को बताया कि कंपनी ने अपने कस्टमर को घटे जीएसटी रेट का फायदा देना शुरू कर दिया है। उनके अनुसार बिग बाजार में 15 नवंबर से ही घटे रेट पर प्रोडक्ट मिलेंगे। इसके लिए हम पुराने स्टॉक को भी नए रेट के आधार पर दे रहे हैं।

यहां 28% की जगह 18% टैक्स

इलेक्ट्रिक कंट्रोल, डिस्ट्रीब्यूशन के लिए इलेक्ट्रिक बोर्ड, पैनल, कंसोल, कैबिनेट, वायर, केबल, इंसुलेटेड कंडक्टर, इलेक्ट्रिक इंसुलेटर, इलेक्ट्रिक प्लग, स्विच, सॉकेट, फ्यूज, रिले, इलेक्ट्रिक कनेक्टर्स, ट्रक (लोहे की पेटी), सूटकेस, ब्रीफकेस, ट्रैवलिंग बैग, हैंडबैग, शैंपू, हेयर क्रीम, हेयर डाई, लैंप और लाइट फिटिंग के सामान, शेविंग के सामान, डियोड्रेंट, परफ्यूम, मेकअप के सामान, फैन, पंप्स, कंप्रेसर, प्लास्टिक के सामान, शॉवर, सिंक, वॉशबेसिन, सीट्स के सामान, प्लास्टिक के सेनेटरी वेयर, सभी प्रकार के सिरेमिक टाइल, रेजर और रेजर ब्लेड, बोर्ड, सीट्स जैसे प्लास्टिक के सामान, पार्टिकल/फाइबर बोर्ड, प्लाईवुड पर अब 18 फीसदी टैक्स देना होगा ।


 

एस्केलेटर, कूलिंग टॉवर, रेडियो और टेलीविजन प्रसारण के विद्युत उपकरण, साउंड रिकॉर्डिंग उपकरण, सभी प्रकार के संगीत उपकरण और उससे जुड़े सामान, कृत्रिम फूल, पत्ते और कृत्रिम फल, कोको बटर, वसा और तेल पाउडर, चॉकलेट, च्विंगम और बबलगम, रबर ट्यूब और रबर के बने तरह तरह के सामान, चश्में और दूरबीन।


 

इन प्रोडक्ट्स पर लगेगा अब 12% जीएसटी

मधुमेह रोगियों को दिया जाने वाला भोजन,प्रिंटिंग इंक, टोपी,कृषि, बागवानी, वानिकी, कटाई से जुड़ी मशीनरी के सामान, जूट, कॉटन के बने हैंड बैग और शॉपिंग बैग, रिफाइंड सुगर और सुगर क्यूब, गाढ़ा किया हुआ दूध, पास्ता और सिलाई मशीन के सामान पर अब 18 फीसदी की जगह 12 फीसदी टैक्स देना होगा।

 

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