बिज़नेस न्यूज़ » Industry » CompaniesGST रेट में कमी का मिला फायदा; ITC, HUL, डाबर और मैरिको के प्रोडक्ट्स हुए सस्ते

GST रेट में कमी का मिला फायदा; ITC, HUL, डाबर और मैरिको के प्रोडक्ट्स हुए सस्ते

आईटीसी, डाबर, एचयूएल और मैरिको सहित कई एफएमसीजी कंपनियों ने अपने कंज्यूमर्स को जीएसटी रेट्स में कटौती का फायदा दिया है।

1 of

नई दिल्ली. आईटीसी, डाबर, एचयूएल और मैरिको सहित कई एफएमसीजी कंपनियों ने अपने कंज्यूमर्स को जीएसटी रेट्स में कटौती का फायदा दिया है। इन कंपनियों ने जहां अपने विभिन्न प्रोडक्ट्स की कीमतों में कटौती करने का एलान किया है, वहीं दिसंबर के पहले हफ्ते से नए प्राइस के साथ स्‍टॉक बाजार में लाने की भी बात कही है। सरकार ने एक दिन पहले ही कंपनियों से जीएसटी रेट में कटौती का फायदा कंज्यूमर्स को देने के लिए कहा था।

 

 

आईटीसी ने बदले रेट

15 नवंबर को डिटर्जेंट्स, शैम्पू और ब्यूटी प्रोडक्ट्स सहित 178 प्रोडक्ट्स पर जीएसटी रेट 28 से घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया था। आईटीसी के एक स्पोक्सपर्सन ने पीटीआई को बताया, 'जीएसटी के ताजा नोटिफिकेशन के क्रम में आईटीसी ने अपने संबंधित प्रोडक्ट्स की कीमतों में बदलाव किया है।'

 

 

एचयूएल की कॉफी हुई सस्ती

इसी प्रकार एचयूएल के स्पोक्सपर्सन ने कहा, 'हमने ब्रू गोल्ड कॉफी के प्राइस 145 रुपए से घटाकर 111 रुपए प्रति 50 ग्राम कर दिए हैं। कीमतों में किसी तरह के अन्य बदलाव के बारे में आगे बताया जाएगा।' उन्होंने कहा कि एचयूएल जीएसटी में कमी का फायदा कंज्यूमर्स तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

 

मैरिको के डिओड्रेंट्स सहित कई प्रोडक्ट्स हुए सस्ते

इसी तरह मैरिको के सीएफओ विवेक कार्वी ने कहा कि कंपनी ने डिओड्रेंट्स, हेयर जेल, हेयर क्रीम, बॉडी केयर आदि विभिन्न कैटेगरीज के प्रोडक्ट्स पर एमआरपी में कटौती कर दी है। उन्होंने कहा, 'जहां नए प्रोडक्शन पर घटी हुई एमआरपी तत्काल लागू कर दी गई है, वहीं हम मौजूदा स्टॉक्स के मामले में प्रोडक्ट्स पर घटी हुई एमआरपी के स्टीकर लगाकर या अपने ट्रेड चैनल पार्टनर्स के माध्यम से अतिरिक्त डिस्काउंट उपलब्ध कराकर कंज्यूमर्स तक फायदा पहुंचा रहे हैं।' कार्वी ने कहा कि कंपनी ने कंज्यूमर्स को टैक्स में कमी का फायदा देने के लिए अपने पार्टनर्स को सूचित कर दिया है।

 

 

 

FMCG कंपनियां पुराने स्टॉक पर दे रही हैं छूट

डाबर इंडिया के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर ललित मलिक ने बताया कि जीएसटी के नए कानून के मुताबिक उन्होंने बीते हफ्ते ही अपने ट्रेड एसोसिएट्स को पुराने स्टॉक पर टैक्स रेट कम करने के निर्देश दे दिए थे। उन्हें जीएसटी रेट कटौती का फायदा कस्टमर को देने के लिए कहा गया था। मलिक ने कहा कि नई एमआरपी का स्टॉक मार्केट में दिसंबर में आएगा।

 

पुराने स्टॉक पर कम हुई कीमतें

डाबर ने अपने मौजूदा स्टॉक में शैम्‍पू, एयर फ्रेशनर और स्किन केयर प्रोडक्ट पर कीमतें 9 फीसदी तक घटाई हैं। डाबर ने अपने फ्रेश प्रोडक्शन पर कीमतें 8 से 9 फीसदी तक घटाई हैं। इसमें होम केयर, स्किन केयर रेंज शामिल है। प्रोक्टर एंड गैम्बल ने अपने पुराने स्टॉक में शैम्‍पू की कीमतें घटा दी है। कंपनी ने अपने होम केयर पर भी कीमतें 10 फीसदी तक घटाई है। वह अपने 10 रुपए के टाइड पर 20 ग्राम एक्स्ट्रा, एरियल पर 200 ग्राम फ्री पाउडर जैसे ऑफर दे रही है।

 

 

अमूल ने पुराने स्टॉक पर घटाई कीमतें

गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (अमूल) के मैनेजिंग डायरेक्टर आर एस सोढ़ी ने moneybhaskar.com को बताया कि कंपनी ने अपने पुराने स्टॉक पर कीमतें 10 फीसदी तक घटा दी है। अमूल का कंडेस्ड मिल्क 105 की जगह 98 रुपए में मिल रहा है। चॉकलेट 100 रुपए की जगह 90 रुपए में मिल रही है। अमूल ने 6 से 10 फीसदी की रेन्ज में प्राइस कम किया है।

 

सरकार ने कहा था- दाम घटाएं या एक्‍शन के लिए रहें तैयार

सरकार ने एफएमसीजी कंपनियों को तुरंत प्रोडक्ट के प्राइस कम करने के लिए कहा था। फाइनेंस सेक्रेटरी हंसमुख अढिया ने भी एफएमसीजी कंपनियों को चेतावनी दी थी कि अगर उन्होंने कीमतें कम नहीं कि तो उन पर एंटी प्रॉफिटियरिंग के तहत कार्रवाई की जा सकती है। उन्हें जीएसटी टैक्स रेट कम करने फायदा कस्टमर को तुरंत देना होगा।

 

आगे पढ़े - कंपनियां पुराने स्टॉक पर रेट कम करने को नहीं थी तैयार

 

रेट कम करने से कंपनियों कर रही थीं इनकार

इससे पहले अमूल, डाबर, पतंजलि, एचयूएल जैसी तमाम कंपनियां पुराने प्रोडक्ट पर कीमतें कम करने को तैयार नहीं थीं। कंपनियां पुराने एमआरपी के प्रोडक्ट वापस लेने और उन पर रेट कम करने को तैयार नहीं थे बल्कि वह नई एमआरपी के प्रोडक्ट जल्द मार्केट में लाने की कोशिश में थी।

 

15 नवंबर से लागू हुआ 211 प्रोडक्ट पर नया जीएसटी रेट

जीएसटी काउंसिल ने 211 आइटम्स पर टैक्स रेट में कम दिया है। काउंसिल ने 211 प्रोडक्ट में से 178 प्रोडक्ट को 28 फीसदी से 18 फीसदी के टैक्स ब्रैकेट में रखा है। इस प्रकार अब 28 फीसदी के स्लैब में सिर्फ 50 आइटम रह गए हैं।

 

यहां हुआ 28% की जगह 18% टैक्स

इलेक्ट्रिक कंट्रोल, डिस्ट्रीब्यूशन के लिए इलेक्ट्रिक बोर्ड, पैनल, कंसोल, कैबिनेट, वायर, केबल, इंसुलेटेड कंडक्टर, इलेक्ट्रिक इंसुलेटर, इलेक्ट्रिक प्लग, स्विच, सॉकेट, फ्यूज, रिले, इलेक्ट्रिक कनेक्टर्स, ट्रक(लोहे की पेटी), सूटकेस, ब्रीफकेस, ट्रैवलिंग बैग, हैंडबैग, शैंपू, हेयर क्रीम, हेयर डाई, लैंप और लाइट फिटिंग के सामान, शेविंग के सामान, डियोड्रेंट, परफ्यूम, मेकअप के सामान, फैन, पंप्स, कंप्रेसर,प्लास्टिक के सामान, शॉवर, सिंक, वॉशबेसिन, सीट्स के सामान, प्लास्टिक के सेनेटरी वेयर, सभी प्रकार के सिरेमिक टाइल, रेजर और रेजर ब्लेड, बोर्ड, सीट्स जैसे प्लास्टिक के सामान, पार्टिकल/फाइबर बोर्ड, प्लाईवुड पर अब 18 फीसदी टैक्स देना होगा।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट