मनी भास्कर खास /समंदर के अंदर पहली बार काम करने उतरी भारत की कंपनी

तमिलनाडु के तुतिकोरिन के पास समंदर में केबल की मरम्मत के लिए इस्तेमाल में लाई गई मशीन. तमिलनाडु के तुतिकोरिन के पास समंदर में केबल की मरम्मत के लिए इस्तेमाल में लाई गई मशीन.

  • भारत-श्रीलंका के बीच बिछाई गई केबल की मरम्मत का काम किया
  • अब तक विदेशी कंपनियां ही समंदर के अंदर करती थी इस प्रकार का काम 

Moneybhaskar.com

Sep 06,2019 06:12:00 PM IST

नई दिल्ली। अब भारतीय कंपनी भी समंदर के अंदर केबल बिछाने का काम कर सकती है। हाल ही में एक भारतीय कंपनी ने समंदर के अंदर बिछी केबल की मरम्मत करने का काम पूरा किया है। समंदर के अंदर केबल से जुड़े काम को करने वाली यह पहली भारतीय कंपनी है। दुनिया भर में सबमरीन केबल से जुड़े काम को अब तक सिर्फ विदेशी कंपनियां ही करती रही है। भारत-श्रीलंका के बीच सबमरीन केबल की मरम्मत करने का काम पारामाउंट कम्युनिकेशंस ने पूरा किया।

इस क्षेत्र में है कारोबार का बड़ा अवसर

कंपनी ने डायरेक्टर एवं एमडी ध्रुव अग्रवाल ने मनी भास्कर को बताया कि मुंबई से सिंगापुर के बीच सबमरीन केबल बिछाने का काम हो या फिर बंगाल की खाड़ी वाले इलाके में, सभी जगहों पर विदेशी कंपनियों का दबदबा है। अब तक भारत की कंपनियां सब मरीन केबल से जुड़े काम को हाथ तक नहीं लगाती थी। अग्रवाल कहते हैं, इस काम को पूरा करने से हमने दुनिया को दिखा दिया है कि भारतीय कंपनियां भी सब मरीन केबल में हाथ आजमा सकती है। इस क्षेत्र में कारोबार का बहुत बड़ा अवसर छिपा है।

इस कंपनी में भारत की सरकारी कंपनी बीएसएनएल की 50 फीसदी की हिस्सेदारी है

अग्रवाल ने बताया कि जिस केबल की मरम्मत पारामाउंट ने की है, उसे भारत-श्रीलंका के बीच वर्ष 2006 में इंटरनेट कनेक्शन के लिए बिछाई गई थी। जापनी कंपनी एनईसी ने भारत के तुतिकोरिन और श्रीलंका के माउंट लविनिया के बीच समंदर में 330 किलोमीटर लंबी केबल बिछाई थी। इस केबल में पिछले साल खराबी आ गई। इस कारण श्रीलंका में इंटरनेट की स्पीड काफी धीमी हो गई थी। पारामाउंट ने विदेशी कंपनियों से कम बोली लगाकर भारत लंका केबल सिस्टम नामक कंपनी से इस काम को हासिल किया। इस कंपनी में भारत की सरकारी कंपनी बीएसएनएल की 50 फीसदी की हिस्सेदारी है। अग्रवाल ने मनी भास्कर को बताया कि उनका मकसद दुनिया को यह दिखाना था कि भारत की कंपनी भी सबमरीन केबल का काम कर सकती है, इसलिए उनकी कंपनी ने बिडिंग के दौरान अपने रेट को काफी कम रखा। उन्होंने बताया कि लगभग एक किलोमीटर तक केबल में खराबी आ गई थी।

इस काम को पूरा करने में 8 माह लग गए

पारामाउंट ने समंदर के अंदर केबल की मरम्मत के साथ केबल को समुद्र तल पर ले जाकर उसके ऊपर सीमेंट डालने का भी काम किया। ताकि केबल पानी में ऊपर नहीं आ सके। इस काम को पूरा करने में 8 माह लग गए। समंदर में डेरा डालकर 200 लोगों ने दिनरात एक करके इस काम को पूरा किया। बीएसएनएल ने श्रीलंका को इंटरनेट से जोड़े रखने का वादा किया हुआ है। केबल में खराबी आने से भारत सरकार का यह वादा टूट रहा था जिसे पारामाउंट ने पूरा कर दिया।

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तमिलनाडु के तुतिकोरिन के पास समंदर में केबल की मरम्मत के लिए इस्तेमाल में लाई गई मशीन.तमिलनाडु के तुतिकोरिन के पास समंदर में केबल की मरम्मत के लिए इस्तेमाल में लाई गई मशीन.
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