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  • If not a minister Piyush Goyal would have been bidding for Air India

बयान /पीयूष गोयल यदि मंत्री नहीं होते तो एयर इंडिया के लिए वे भी बोली लगाते

  • विश्व आर्थिक मंच के कार्यक्रम में गोयल ने कहा, एयर इंडिया सोने के भंडार से कम नहीं

Moneybhaskar.com

Jan 23,2020 06:35:26 PM IST

नई दिल्ली. एयर इंडिया के विनिवेश की सरकारी कोशिशों के बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि यदि वे मंत्री नहीं होते, तो वे एयर इंडिया को खरीदने के लिए बोली लगाते। एयर इंडिया लंबे समय से घाटे में चल रही है और सरकार इसके विनिवेश की शर्तें तय करने में लगी हुई है। एयर इंडिया, बीपीसीएल और अन्य कंपनियों के प्रस्तावित विनिवेश के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में गोयल ने कहा कि पहले कार्यकाल में राजग सरकार को विरासत में एक बदहाल अर्थव्यवसथा मिली थी। इसे पटरी पर लाने के लिए कदम उठाए गए और यदि इन कंपनियों को बेचने की कोशिश की जाती तो इन्हें वाजिब मूल्य नहीं मिल पाता। गोयल दावोस में चल रहे विश्व आर्थिक मंच में स्ट्रैटेजिक आउटलुक : इंडिया विषय पर आयोजित एक सत्र में बोल रहे थे। गोयल के पास रेल मंत्रालय और वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय का प्रभार है।

एयर इंडिया के पास हैं कुछ बेहतरीन द्वीपक्षीय समझौते

गोयल ने कहा कि एयर इंडिया के पास कुछ बेहतरीन द्वीपक्षीय समझौते हैं। कंपनी काफी सुप्रबंधित और कार्य सक्षम है। इसके पास काफी अच्छे विमान हैं। मेरे खयाल से यह सोने के भंडार से कम नहीं है।

सरकारी बैंकों ने देश की बड़ी सेवा की है

गोयल ने कहा कि मुझे लगता है कि इस सत्र में बैठा हर व्यक्ति यह नहीं मानता कि सरकारी बैंकों ने अच्छा काम नहीं किया है। यदि मैं दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का उदाहरण दूं तो 2008 और 2009 में सरकारी नहीं बल्कि निजी बैंकों के कारण आर्थिक संकट पैदा हुआ था। भारत में कई निजी बैंक हैं, उन्होंने बहुत बड़ा काम नहीं किया है। दूसरी ओर 30-40 साल से चल रहे सरकारी बैंकों ने देश की बड़ी सेवा की है।

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