• Home
  • Goa tourism may suffer a setback due to Thomas Cook's bancrupt

प्रभाव /थॉमस कुक के दिवालिया होने से गोवा टूरिज्म को लग सकता है झटका, बड़ी संख्या में आते हैं ब्रिटेन से पर्यटक

  • पर्यटकों की संख्या में 50 प्रतिशत तक कमी आ सकती है
  • ब्रिटेन के पर्यटक लंबे समय तक गोवा में रुकते हैं
  • गोवा के लिए कंपनी सप्ताह में सातों दिन उड़ाने संचालित करती थी

Moneybhaskar.com

Sep 24,2019 11:20:00 AM IST

नई दिल्ली. आर्थिक संकट से जूझ रही ब्रिटेन की पुरानी ट्रैवल कंपनी थॉमस कुक ने सोमवार को कारोबार बंद करने की घोषणा की। कंपनी ने निजी निवेश और सरकार से बेलआउट पैकेज प्राप्त करने में असफलता के बाद तत्काल प्रभाव से अपने कारोबार को बंद करने का फैसला लिया। कंपनी के अचानक बंद होने से छुट्टियां मनाने घर से निकले करीब छह लाख पर्यटक जहां-तहां फंस गए हैं। कंपनी की इस हालत से गोवा का पर्यटन उद्योग बेहद चिंतित है, क्योंकि इस तटीय राज्य में ब्रिटेन के अधिकतर पर्यटक थॉमस कुक की बुकिंग के जरिए ही आते थे।

गोवा आने वाले पर्यटकों की संख्या घटेगी

भारत में गोवा की ट्रैवल ऐंड टूरिज्म असोसिएशन ने बताया कि थॉमस कुक के दिवालिया होने से गोवा में ब्रिटेन से आने वाले पर्यटकों की भारी कमी हो सकती है। असोसिएशन के अध्यक्ष ने साविओ मेसिह ने एक मीडिया को बताया, ‘पिछले पर्यटन सत्र के दौरान ब्रिटेन से 30,000 पर्यटक गोवा आए थे। इनमें ज्यादातर थॉमस कुक की बुकिंग के जरिये ही गोवा पहुंचे। कंपनी सप्ताह में सातों दिन उड़ाने संचालित करती थी, जिसमें प्रत्येक विमान में 300 यात्री होते हैं।’उन्होंने कहा कि ब्रिटेन के पर्यटक लंबे समय तक गोवा में रुकते हैं। ये पर्यटक औसतन 14 रातें गोवा में बिताते हैं। थॉमस कुक के दिवालिया होने के बाद ब्रिटेन के पर्यटकों की संख्या में 50 प्रतिशत तक कमी आ सकती है।

22,000 लोगों की नौकरी पर संकट

कंपनी के बंद होने से 22,000 लोगों की नौकरियों पर संकट मंडरा रहा है। इनमें से 9000 कर्मचारी ब्रिटेन में हैं। कंपनी ने शुक्रवार को कहा था कि कारोबार जारी रखने के लिए उसे 25 करोड़ अमेरिकी डॉलर की जरूरत है, जबकि पिछले महीने कंपनी 90 करोड़ पाउंड हासिल करने में कामयाब रही थी। निजी निवेश जुटाने में असफल रही कंपनी को सरकार के हस्तक्षेप से ही बचाया जा सकता था। थॉमस कुक के बंद होने से ब्रिटेन की सबसे पुरानी कंपनियों में से एक का अंत हो गया है। गौरतलब है कि कंपनी 16 देशों में एक साल में 19 मिलियन लोगों के लिए होटल, रिसॉर्ट और एयरलाइंस चलाती थी। वर्तमान में इसमें 6,00,000 लोग विदेश में हैं, सरकारों और बीमा कंपनियों को इनके लिए एक विशाल बचाव अभियान के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

X

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.