कंपनी /ईईएसएल ने देश भर में सफलतापूर्वक स्थापित किया 5,00,000 स्मार्ट मीटर, परिचालन शुरू

  • बिजली वितरण कंपनियों के सामने आने वाली चुनौतियों को दूर करना बहुत महत्वपूर्ण है - ईईएसएल

Moneybhaskar.com

Aug 13,2019 04:02:00 PM IST

नई दिल्ली : भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के तहत आने वाले चार सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के साझा उपक्रम 'एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड' (ईईएसएल) ने आज भारत सरकार के राष्ट्रीय स्मार्ट मीटर कार्यक्रम (एसएमएनपी) के तहत उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरयाणा, बिहार और आंध्र प्रदेश में 5,00,000 स्मार्ट मीटर सफलतापूर्वक लगाने की घोषणा की। इन राज्यों में स्मार्ट मीटर लगाने का उद्देश्य उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाना और बिजली उपयोग को ज्यादा तार्किक बनाना है।

बिजली वितरण कंपनियों के सामने आने वाली चुनौतियों को भी दूर करना बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है

इस मौके पर ईईएसएल के प्रबंध निदेशक सौरभ कुमार ने कहा, ''सभी को सस्ती बिजली सुलभ करवाने की अपनी परिकल्पना को साकार करने की दिशा में भारत जहां तेजी से कदम बढ़ा रहा है, ऐसे में बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के सामने आने वाली चुनौतियों को भी दूर करना बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। बिलिंग संबंधी समस्याओं, बिजली के अनधिकृत उपयोग और डिस्कॉम की वित्तीय परेशानियों आदि को दूर करने के लिए भारत सरकार ने स्मार्ट मीटर अपनाने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। हम चाहते हैं कि उपभोग और मांग की वृद्धि में संवहनीयता का ध्यान रखा जाए और साथ ही सेवा प्रदान करने की बेहतर व्यवस्था के जरिए उपभोक्ता की सुविधा भी बढ़े, तो इसके लिए ऐसी सक्षम व्यवस्था पर जोर देना आवश्यक है।''

इस बचत से डिस्कॉम को ग्राहकों के लिए वैल्यू ऐडड सेवाओं पर निवेश करने का मौका मिलता है

ईईएसएल ने इसके लिए ‘बचत के जरिए भुगतान करें’ (पे ऐज यू सेव या PAYS) का एक अभिनव कारोबारी मॉडल तैयार किया है। इस योजना के सफल क्रियान्वयन और इसमें भाग ले रही डिस्कॉम के सकारात्मक अनुभव में इस मॉडल का बहुत योगदान है। स्मार्ट मीटर की खरीद से लेकर सिस्टम इंटिग्रेटर की सर्विस पर होने वाला 100 फीसदी निवेश ईईएसएल करती है। इससे डिस्कॉम बिना तत्काल कोई वित्तीय निवेश किए ही इसका लाभ उठाने में सक्षम हो पाते हैं। ये डिस्कॉम बिलिंग दक्षता के बढ़ने, मीटर रीडिंग पर आने वाली लागत में बचत और दूसरी दक्षताओं की मदद से जो बचत होती है उससे ईईएसएल को भुगतान कर पाते हैं। इस बचत से डिस्कॉम को ग्राहकों के लिए वैल्यू ऐडड सेवाओं पर निवेश करने का अवसर मिल पाता है।

स्मार्ट मीटर आधुनिकतम तकनीक से बने हैं

यह स्मार्ट मीटर आधुनिकतम तकनीक से बने हैं और साथ ही भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) इन्हें वैश्विक स्तर पर अपनाए जा रहे आईएस 16444 दिशा-निर्देशों के अनुरूप जांच के बाद प्रमाणित करता है। इन्हें भारत सरकार के केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप लगाया जा रहा है। यह स्मार्ट मीटर दरअसल एडवांस्ड मिटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (एएमआई) के तहत किए जा रहे व्यापक उपायों का ही अंग हैं, जिनसे दिन के विभिन्न कालखंडों में उपभोक्ताओं के बिजली उपयोग को मापा और दर्ज किया जाता है व इस सूचना को जीपीआरएस तकनीक की मदद से बिजली आपूर्तिकर्ता तक पहुंचाया जाता है। इससे उपभोक्ताओं को यह सूचना आसानी से मिल पाती है साथ ही वे अपने घरों में बिजली के उपयोग के बारे में इस सूचना के आधार पर ज्यादा अच्छे फैसले ले पाते हैं। इससे बिजली की चोरी, मीटर को बायपास करने, मीटरों के खराब होने या मीटिर रीडिंग में गलती की वजह से होने वाली कुल तकनीकी और वाणिज्यिक (एटी एंड सी) हानि आदि पर तुरंत नियंत्रण किया जा सकता है। इससे बिजली ग्रिड से हासिल होने वाली हर किलोवॉट बिजली का हिसाब-किताब रखा जा सकता है, इनका बिल तैयार किया जा सकता है और इस तरह डिस्कॉम का राजस्व बढ़ सकता है।

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