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कंपनी /सरकारी कर्मचारियों को इलेक्ट्रिक कार सप्लाई करने के लक्ष्य में पिछड़ गई ईईएसएल, 70 फीसदी घटाई डिमांड

  • कंपनी ने मार्च, 2020 तक 10,000 इलेक्ट्रिक कार डिलीवरी करने की योजना बनाई थी
  • इसे घटाकर 3,000 वाहनों तक सीमित कर दिया गया है

Moneybhaskar.com

Nov 13,2019 01:55:00 PM IST

नई दिल्ली. सरकारी कंपनी एनर्जी एफिशियंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) सरकारी कर्मचारियों की कारों को इलेक्ट्रिफाई करने के अपने लक्ष्य से पीछे रह गई है। कंपनी ने मार्च, 2020 तक 10,000 इलेक्ट्रिक कार की डिलीवरी करने की योजना बनाई थी, जिसे घटाकर 3,000 वाहनों तक सीमित कर दिया गया है। इस विफलता के पीछे कंपनी ने सबसे बड़े ग्राहक आंध्र प्रदेश को जिम्मेदार ठहराया है।

दो कंपनियों को सौंपा गया था टेंडर

ईईएसएल के मैनेजिंग डायरेक्टर सौरभ कुमार ने बताया कि ईईएसएल ने 2017 में टाटा मोर्टस और महिंद्रा और महिंद्रा को इन इलेक्ट्रिक कारों को बनाने का टेंडर सौंपा था। हालांकि कॉन्ट्रैक्ट में यह साफ किया गया था कि दोनों कंपनियों को सिर्फ उतनी कारें बनानी होंगी, जितने ऑर्डर उन्हें मिलेंगे। ऐसे में ऑर्डरों में हुई गिरावट से इन कंपनियों को कोई नुकसान नहीं होगा, तो उन्हें कोई मुआवजा मिलने का सवाल ही नहीं है।

आंध्र प्रदेश ने कैंसल किए ऑर्डर

ईईएसएल ने अपने लक्ष्य के अधूरे रह जाने का इलजाम आंध्र प्रदेश सरकार पर लगाया है। कंपनी का कहना है कि आंध्र प्रदेश ने 10,000 कारों का ऑर्डर दिया था, लेकिन अब नई सरकार का कहना है कि पिछली सरकार ने जो भी योजनाएं शुरू की थी, उससे हमें कोई लेना-देना नहीं है। अब हमारे पास आंध्र प्रदेश की तरफ से कोई डिमांड नहीं है।

नए साल में दे सकते हैं नया टेंडर

कुमार ने कहा कि मार्च में यह टेंडर दो साल पुराना हो जाएगा, ऐसे में हम दो साल पुरानी कीमतों पर कॉन्ट्रैक्ट जारी रखना नहीं चाहते। इसलिए टेंडर को बंद किया जा रहा है। इसके अलावा अब बाजार में कई नए मॉडल हैं। दो साल पहले प्रति चार्ज पर 130 किमी चलने वाली कारों की मांग थी, लेकिन अब एक चार्ज में 350 से 400 किमी तक की रेंज वाली कारें बाजार में उपलब्ध हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कई सरकारी अधिकारियों ने ईईएसएल द्वारा उपलब्ध इलेक्ट्रिक टाटा टिगोर और महिंद्रा वेरिटोज का इस्तेमाल करने से मना कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इन गाड़ियों का रेंज और परफॉर्मेंस संतोषजनक नहीं है। बेहतर रेंज और परफॉर्मेंस वाले नए इलेक्ट्रिक वाहन अगले साल बाजार में लॉन्च होने जा रहे हैं, ऐसे में ईईएसएल मांग के अनुसार नए टेंडर दे सकता है।

कैब एग्रीगेटर्स को भी कारें उपलब्ध कराती है कंपनी

ईईएसएल ऊर्जा मंत्रालय के अंतर्गत चार सार्वजनिक सेक्टर कंपनियों के बीच एक ज्वाइंट वेंचर है। यह कंपनी मैन्यूफैक्चरर्स से इलेक्ट्रिक वाहन खरीदकर उन्हें सरकारी विभागों और कैब एग्रीगेटर्स को भी देती है। अब तक ईईएसएल ने 1,500 इलेक्ट्रिक कारें डिप्लॉय की हैं और टैक्सी एग्रीगेटर ब्लू स्मार्ट को 500 इलेक्ट्रिक वाहन और किराए पर देने वाली है। कुमार के मुताबिक अगले साल मार्च तक 1,000 अतिरिक्त यूनिट्स को डिप्लॉय किया जा सकता है।

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