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बिजनेस /कोरोना वायरस का असर, परफ्यूम और पेय पदार्थ बनाने वाली कंपनियां उतरी हैंडसैनिटाइजर्स के कारोबार में

  • कोरोना वायरस से दुनियाभर में करीब 1.55 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हैं, जबकि 5,800 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है।

Moneybhaskar.com

Mar 17,2020 01:02:00 PM IST

नई दिल्ली. कोरोना वायरस से दुनियाभर में करीब 1.55 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हैं, जबकि 5,800 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। अब तक भारत में 100 से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 3 लोगों की मौत हो गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ओर से कोरोना वायरस महामारी घोषित कर दिया गया है, जिसके चलते हैंड सैनिटाइजर्स की मांग बढ़ गई है। इसी डिमांड को पूरा करने के लिए डिस्टिलरीज यानी पेय पदार्थ बनाने वाली कंपनियों हैंड सैनिटाइर्ज के कारोबार में उतर गई हैं।

फ्रांस की लग्जरी गुड्स समूह LVMH ने अस्पतालों में हैंडसैनिटाइजर्स की बढ़ी डिमांड को पूरा करने के लिए अपनी परफ्यूम कारखानों में हैंडसैनिटाइजर्स बनाना शुरू कर दिया है। मार्च के शुरुआती दिनों में अमेरिकी वोदका ब्रांड ने लोगों को आगाह किया था शराब से हैंड सेनिटाइजर न बनाएं। इससे उन्हें कोरोनवायरस से लड़ने में मदद नहीं मिलेगी। सीडीसी के अनुसार, हैंड सैनिटाइजर में कम से कम 60 फीसदी अल्कोहल होना जरूरी है। हालांकि वोदका इस जरूरी 60 फीसदी पैमाने को पूरा नहीं करता है। टीटो के हस्तनिर्मित वोडका में 40 फीसदी ही अल्कोहल है। इसलिए लोगों को सलाह दी जाती है कि वे वोदका का इस्तेमाल हैंड सेनिटाइजर के रूप में न करें। जिसके बाद यूजर्स ने कंपनी को सुझाव दिया था कि वे ऐसी वोदका बनाएं, जो हैंड सैनिटाइजर का भी काम करें।

नवल गिन सैनिटाइजर

ब्रुकलिन स्थित न्यूयार्क डिस्टिलाइजिंग कंपनी ने हैंड सैनिटाइजर के कारोबार को शुरू किया है, जिसे बढ़ाने के लिए रेस्तरां, बार, लिकर स्टोर में हैंड सैनिटाइजर लगाया है। वहीं, दूसरी तरफ शाइन डिस्टिलरी और ग्रिल पोर्टलैंड, ओरे में खोला गया है। इसके मालिक जॉन पोटेनेट ने सफाई के लिए सैनिटाइजर के इस्तेमाल पर जोर दिया। सैनिटाइजर की मांग बढ़ने के बाद कंपनी ने इसे बोतलबंद कारोबार शुरू कर दिया। कंपनी के महाप्रबंधक के मुताबिक, ग्राहकों के बीच बढ़ी मांग को देखते हुए कंपनी ने प्रति व्यक्ति दो बोतल की सीमा लागू कर दी है।

कोको रम सैनिटाइजर

वॉशिंगटन के मिक्सोलॉजिस्ट टॉड थ्रैशर, जो व्हार्टफ पर पोटोमैक डिस्टिलरी और टिकी टीएनटी चलाते हैं। कंपनी ने नारियल तेल, चाय के पेड़ के अर्क को मिलकर सैनिटाइजर्स बनाया है। साथ ही घर में करीब 140 रम रखी हुई थी, जिससे सैनिटाइजर्स बनाने का करोबार शुरू कर दिया है। कैलिफ़ोर्निया स्थित की लाइम मार्गरीटा सैनिटाइजर जो कि व्हिस्की, रम, ब्रांडी जैसे पेय पदार्थों को बनाती है। कंपनी के मालिक बताते हैं फ्रेड ग्रोथ के मुताबिक, हमने तीन अलग अलग तरह के सैनिटाइजर बनाए हैं।

जिन सैनिटाइजर

साइकोपॉम्प माइक्रोडिस्टिलरी सालाना लगभग 15,000 लीटर जिन का उत्पादन करती है, जिसने मार्च की शुरुआत में हैंडसैनिटाइजर्स बनाने का काम शुरू किया, जो घरेलू स्तर पर सारे बिक गए। इस हैंडसैनिटाइजर्स को बनाने में बैटोनिकल के साथ जिन के साथ एथेनॉल का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें 65% इथेनॉल भी है। साइकोपॉम्प प्रति दिन 2 लीटर सैनिटाइज़र का उत्पादन कर रहा है।

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