मंदी /हीरा कारीगरों को इस दिवाली कार व फ्लैट का बोनस नहीं मिल पाएगा

  • सूरत का डायमंड उद्योग गंभीर सुस्ती में फंसा
  • त्योहारी मौसम में भी उद्योग की मांग 30 फीसदी घटी
  • छोटी कंपनियों ने 10-20 फीसदी घटाए कर्मचारी
  • काम की अवधि नौ घंटे से घटकर छह घंटे हुए
  • रविवार के अलावा शनिवार को भी दी जा रही छुट्‌टी

Moneybhaskar.com

Sep 07,2019 02:18:01 PM IST

अहमदाबाद. देश में जारी आर्थिक सुस्ती में सूरत का डायमंड उद्योग भी फंस गया है। इसके चलते इस दिवाली डायमंड कारोगीरों को बोनस में कार और फ्लैट नहीं मिल पाएगा। सूरत के एक सबसे बड़ी डायमंड कंपनी हरिकृष्ण एक्सपोर्ट्स बोनस के रूप में कर्मचारियों को कार और फ्लैट देती रही है। लेकिन कंपनी के संस्थापक ओर एमडी घनश्याम ढोलकिया ने कहा कि इस साल यह नहीं हो पाएगा। क्योंकि कारोबार में मंदा चल रहा है। घनश्याम सूरत के अरबपति हीरा कारोबार सावजी ढोलकिया के छोटे भाई हैं।

इस दिवाली लाभ में पहुंच पाना भी मुश्किल

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक कंपनी इस दिवाली लाभ में पहुंच पाने के लिए संघर्ष कर रही है। त्योहारी मौसम आ चुका है लेकिन डायमंड उद्योग की मांग में 30 फीसदी की गिरावट चल रही है। छोटी कंपनियों ने तो कर्मचारियों की छंटनी और काम के घंटे में कटौती भी कर डाली है।

अमेरिका-चीन ट्रेड वार का असर

घनश्याम ने सीआईआई यंग इंडियंस सेमिनार में कहा कि हमारे देश में पॉलिश किए गए हीरे के सबसे बड़े खरीदार अमेरिका और चीन हैं। दोनों देशों के बीच ट्रेड वार चल रहा है। इसके कारण शुल्क संरचना को लेकर काफी अनिश्चितता की स्थिति है। इसके कारण मांग घट गई है। डायमंड कंपनियों ने उत्पादन घटा दी है। सेमिनार का आयोजन अहमदाबाद मैनेजमेंट एसोसिएशन (एएमए) ने किया था। घनश्याम रोमांसिंग विद द रिस्क विषय पर आयोजित परिचर्चा में बोल रहे थे, जहां वक्ताओं ने सुस्ती के दौरान सफलता के रहस्य पर अपने विचार रखे।

सात-आठ महीने से है सुस्ती का गहरा संकट

सात-आठ महीने से सुस्ती काफी गहरा गई है। हीरा उद्योग को या तो कर्मचारियों की संख्या घटानी पड़ रही है या काम के घंटे कम करने पड़ रहे हैं। हमारी जैसी बड़ी कंपनियों ने कर्मचारियों की छंटनी नहीं की है, लेकिन छोटी कंपनियों ने 10-20 फीसदी कर्मचारियों की छंटनी की है। कुछ कंपनियों ने कर्मचारियों की संख्या तो नहीं घटाई, लेकिन काम की अवधि को नौ घंटे से घटाकर छह घंटे कर दिए हैं। कुछ कंपनियों ने तो रविवार के साथ शनिवार को भी छुट्‌टी देनी शुरू कर दी है।

सूरत है दुनिया का प्रसिद्ध डायमंड प्रोसेसिंग केंद्र

सूरत दुनिया के सबसे बड़े डायमंड प्रोसेसिंग केंद्रों में से एक है। इस केंद्र से 80 फीसदी उत्पादन का निर्यात होता है। इस हब में 3,500 से अधिक डायमंड प्रोसेसिंग यूनिट काम कर रहे हैं। हरिकृष्ण एक्स्पोर्ट्स के सूरत और मुंबई केंद्रों में 7,500 कामगार काम कर रहे हैं।

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